Article Body
इंफाल, 9 जून 2026: यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने कहा है कि उसने 14 कुकी बंदियों की सुरक्षित रिहाई के लिए हस्तक्षेप किया। यह निर्णय बैपटिस्ट विश्व समुदाय, नागा चर्चों, विभिन्न जनजातीय संगठनों, मणिपुर सरकार तथा राष्ट्रीय पीपुल्स पार्टी (NPP) के अध्यक्ष एवं मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री डॉ. नेफियू रियो की अपीलों के बाद लिया गया।
UNC द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागालैंड के मुख्यमंत्री डॉ. नेफियू रियो को आश्वस्त किया है कि गृह मंत्रालय अपहृत नागा व्यक्तियों का पता लगाएगा, अपहरण के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगा और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
UNC ने बताया कि उसने नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO) के साथ मिलकर सभी संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद 14 कुकी बंदियों की सुरक्षित रिहाई का निर्णय लिया। ये बंदी 13 मई से नागा विलेज गार्ड, नॉर्दर्न कमांड की हिरासत में थे।
6 जून को UNC की आपातकालीन अध्यक्षीय परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर (ANSAM) और नागा विमेंस यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद परिषद ने सर्वसम्मति से 14 कुकी बंदियों को रिहा करने का निर्णय लिया।
UNC के अनुसार, 7 जून को मणिपुर सरकार ने भी आश्वासन दिया था कि वह लापता एवं अपहृत व्यक्तियों का पता लगाने, उनकी स्थिति स्पष्ट करने और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
इन अपीलों और आश्वासनों के आधार पर मंगलवार को शाम लगभग 4 बजे 14 कुकी बंदियों को रिहा कर दिया गया।
कांगपोकपी जिले में आयोजित एक भावनात्मक समारोह में सभी 14 बंदियों का उनके परिवारों से पुनर्मिलन हुआ। हालांकि, 13 मई को लेलोन वैफेई गांव से अपहृत किए गए छह नागा पुरुषों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
सेनापति जिले के विभिन्न नागरिक समाज संगठनों ने बंदियों को सेनापति पुलिस और जिला प्रशासन को सौंप दिया। इसके बाद प्रशासन ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं, जिनमें पहचान सत्यापन और चिकित्सीय परीक्षण शामिल थे।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच बंदियों को ताफौ कुकी गांव ले जाया गया और विधिवत हस्तांतरण-पत्र के माध्यम से गांव के प्रमुख को सौंप दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सभी पक्षों के सहयोग से संपन्न हुई।
मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन ने बंदियों की सुरक्षित रिहाई में सहयोग देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नागालैंड और मेघालय के मुख्यमंत्रियों, सुरक्षा बलों, नागा नागरिक संगठनों, बैपटिस्ट वर्ल्ड अलायंस तथा अन्य सभी व्यक्तियों और संगठनों का आभार व्यक्त किया।
इस बीच मणिपुर सरकार ने कहा है कि वह छह लापता नागा व्यक्तियों का पता लगाने, अपहरण के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने तथा सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए अभियान तेज करेगी।
उल्लेखनीय है कि 1 जून 2026 को नागा नागरिक समाज संगठनों की उपस्थिति में 14 कुकी बंदियों की बिना शर्त रिहाई की तैयारी पूरी कर ली गई थी, लेकिन जनभावनाओं और व्यापक परामर्श की मांग को देखते हुए उस दिन रिहाई को स्थगित कर दिया गया था।
14 कुकी बंदियों की रिहाई को एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल माना जा रहा है, लेकिन छह अपहृत नागा व्यक्तियों का अब भी कोई पता नहीं चलने से क्षेत्र में चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

Comments