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अगरतला, 26 जून: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 26 जून को ‘सेव द फील्ड कैंपेन’ का उद्घाटन किया। यह भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य सतत कृषि, जैविक खेती और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने बामुटिया बेरीमुरा स्कूल परिसर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया है। इसका लक्ष्य भारत के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को समर्थन देना है।
साहा ने कहा कि आधुनिक कृषि केवल रासायनिक पदार्थों के उपयोग से आर्थिक लाभ प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके साथ भविष्य की पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही भी जुड़ी होनी चाहिए।
उन्होंने किसानों से सतत और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि मिट्टी की सेहत और दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में शामिल किसानों को संबोधित करते हुए साहा ने कहा कि खेती का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है, जब उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी, जल और पर्यावरण की रक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए।
‘सेव द फील्ड कैंपेन’ के माध्यम से किसानों में जैविक खेती, टिकाऊ कृषि तकनीकों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। यह अभियान किसानों को ऐसी कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित करेगा, जिनसे उत्पादन क्षमता बनी रहे और पर्यावरणीय संतुलन भी सुरक्षित रहे।
राज्य सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र में सतत दृष्टिकोण अपनाने से किसानों की आय, भूमि की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है। त्रिपुरा जैसे कृषि प्रधान राज्य में इस प्रकार की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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