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अगरतला, 23 जून: त्रिपुरा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य का पहला CAPEX आधारित सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन अगरतला के बनमालीपुर पावर हाउस परिसर में शुरू किया गया है।
इस सुविधा को त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड, TSECL ने A Plus Charge के सहयोग से विकसित किया है। यह चार्जिंग स्टेशन अब आम लोगों के उपयोग के लिए खोल दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल राज्य में EV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नया EV चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह डिजिटल और सेल्फ सर्विस मॉडल पर संचालित होगा। इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ता एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। एप के जरिए वाहन का प्रकार चुनने, ऑनलाइन भुगतान करने और बिना किसी ऑन साइट सहायता के चार्जिंग शुरू करने की सुविधा मिलेगी।
सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि चयनित चार्ज लेवल पूरा होने के बाद चार्जिंग अपने आप बंद हो जाएगी। इससे वाहन चालकों को सुरक्षित, आसान और सुविधाजनक सेवा मिल सकेगी।
चार्जिंग स्टेशन में 30 kW DC फास्ट चार्जर और 7.4 kW AC चार्जर लगाए गए हैं। इससे निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ साथ वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी चार्जिंग सुविधा मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद चार्जिंग सेवा उपलब्ध होगी।
इस अवसर पर TSECL के प्रबंध निदेशक बिस्वजीत बसु ने कहा कि निगम त्रिपुरा में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए एक व्यापक रोडमैप पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में EV चार्जिंग नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा।
केंद्र सरकार की PM E-Drive Scheme के तहत TSECL त्रिपुरा में नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। इसी योजना के अंतर्गत TSECL ने राज्यभर में 94 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा है।
इन प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों के स्थापित होने के बाद त्रिपुरा के शहरी क्षेत्रों और प्रमुख राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा काफी बेहतर हो जाएगी। इससे वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा में भी आसानी होगी।
अधिकारियों का मानना है कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। साथ ही पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।
यह पहल त्रिपुरा को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर आगे बढ़ाने में मदद करेगी। राज्य सरकार और TSECL की यह कोशिश आने वाले समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में त्रिपुरा को नई दिशा दे सकती है।

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