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तांगखुल नागा लोंग (TNL) ने उखरूल जिले के शांगकाई गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-202 को कथित रूप से नुकसान पहुंचाए जाने की घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने दावा किया है कि इस घटना के पीछे सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते के तहत सक्रिय कुकी उग्रवादी समूहों की भूमिका हो सकती है। साथ ही TNL ने केंद्र सरकार से SoO समझौते को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।
शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में TNL की कार्यकारी समिति ने कहा कि शांगकाई गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को खोदकर क्षतिग्रस्त करना सार्वजनिक संपत्ति का जानबूझकर किया गया विनाश है। संगठन का आरोप है कि यह कार्रवाई गांव के कुछ लोगों द्वारा की गई और इसके पीछे SoO व्यवस्था के अंतर्गत संचालित कुकी उग्रवादी समूहों का प्रभाव या उकसावा था।
TNL ने कहा कि 13 मई से NH-202 पर आवाजाही प्रभावित है, जिससे आम नागरिकों और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। संगठन ने इस घटना को केवल सड़क क्षति का मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बताया।
अपने बयान में TNL ने विशेष रूप से SoO समझौते को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह व्यवस्था मणिपुर में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से लागू की गई थी, लेकिन संगठन के अनुसार SoO के तहत सक्रिय कुछ कुकी उग्रवादी समूह लगातार ऐसी गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे हैं जो राज्य की सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता को प्रभावित कर रही हैं।
TNL ने आरोप लगाया कि पहाड़ी जिलों में हिंसा, धमकी, सड़क अवरोध और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं में वृद्धि ने SoO व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय से इन आरोपों का संज्ञान लेने और SoO समझौते की तत्काल समीक्षा करने की मांग की।
संगठन ने शांगकाई गांव के मुखिया और ग्राम प्राधिकरण परिषद (Village Authority Council) की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। साथ ही घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और कानून के तहत कार्रवाई करने की अपील की गई है।
TNL ने कहा कि मणिपुर में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के लिए केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि SoO समझौते पर भी पुनर्विचार आवश्यक है। संगठन का दावा है कि यह समझौता अपने मूल उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रहा है और इससे कुछ सशस्त्र तत्वों का मनोबल बढ़ा है।
बयान के अंत में TNL ने राज्य और केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सामान्य यातायात बहाल करने, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा लोगों और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही की गारंटी देने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

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