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मणिपुर में छह लापता नागा नागरिकों के मामले पर नागा युवा संगठन खनुइथोट-खोन ने कुकी बंदियों की रिहाई का विरोध किया। संगठन ने पारस्परिक और एक साथ आदान-प्रदान की मांग की।

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छह लापता नागाओं की वापसी से पहले कुकी बंदियों को न छोड़ा जाए: खनुइथोट-खोन
छह लापता नागाओं की वापसी से पहले कुकी बंदियों को न छोड़ा जाए: खनुइथोट-खोन
 

नागा युवा संगठन खनुइथोट-खोन ने छह लापता नागा नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित होने तक कथित रूप से हिरासत में रखे गए कुकी व्यक्तियों को रिहा नहीं करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि किसी भी प्रकार का समझौता केवल पारस्परिक और एक साथ बंदियों की अदला-बदली के आधार पर ही होना चाहिए।

मंगलवार को जारी एक बयान में संगठन ने कहा कि छह लापता नागा नागरिकों के बारे में कोई ठोस और सत्यापित जानकारी उपलब्ध हुए बिना कुकी बंदियों को रिहा करना न्याय और जवाबदेही के सिद्धांतों के विपरीत होगा। संगठन के अनुसार, इससे लापता व्यक्तियों के परिवारों की पीड़ा और चिंता को नजरअंदाज करने का संदेश जाएगा।

खनुइथोट-खोन ने कहा कि विभिन्न नागा संगठनों और नागरिक समाज समूहों की लगातार मांगों के बावजूद छह लापता नागाओं का कोई सुराग नहीं मिला है। लापता व्यक्तियों में चर्च नेता रेव. डॉ. मनु थिउमाई और पादरी केनपिबोउ भी शामिल हैं।

संगठन ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई जिनमें शेष कुकी बंदियों की रिहाई के लिए दबाव बनाए जाने की बात कही गई है। बयान में कहा गया कि जब तक लापता नागाओं के जीवित होने और उनकी सुरक्षा का सार्वजनिक रूप से सत्यापित प्रमाण नहीं मिलता, तब तक किसी भी प्रकार की रिहाई नागा समुदाय में असंतोष और अविश्वास को बढ़ाएगी।

खनुइथोट-खोन ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी गारंटी है जो यह सुनिश्चित करती हो कि छह लापता नागा नागरिक सुरक्षित हैं और उन्हें वापस लाया जा सकेगा। संगठन ने कहा कि उनके जीवन और भविष्य को केवल अनुमान, सद्भावना या राजनीतिक समझौते के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

बयान में कहा गया कि बिना किसी ठोस जानकारी के बंदियों की रिहाई नागा समुदाय की न्याय और जवाबदेही की मांग को कमजोर कर सकती है। संगठन ने इसे एक गंभीर रणनीतिक चूक बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदारी तय करने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं।

संगठन ने मामले में पूर्ण पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि नागा जनता को यह जानने का अधिकार है कि अब तक क्या आश्वासन प्राप्त हुए हैं, लापता लोगों की स्थिति को लेकर क्या जानकारी उपलब्ध है तथा उनकी सुरक्षित वापसी के लिए कौन-से कदम उठाए जा रहे हैं।

खनुइथोट-खोन ने यह भी कहा कि यदि पर्याप्त सुरक्षा उपायों, पारदर्शिता और जवाबदेही के बिना कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसके परिणामों की जिम्मेदारी उन नेताओं और संगठनों पर होगी जिन्होंने ऐसे निर्णय का समर्थन किया होगा।

संगठन ने सभी नागा छात्र संगठनों, क्षेत्रीय निकायों और युवाओं से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि छह लापता नागा नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित होने तक न्याय की लड़ाई जारी रखी जानी चाहिए। बयान में कहा गया कि नागा समुदाय की सर्वोच्च प्राथमिकता अपने लापता नागरिकों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित घर वापस लाना है।

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    Naorem Mohen

    Editor, Purvottar Khabar

    Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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