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सिक्किम 13 से 15 जून तक अपना पहला अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव आयोजित करेगा। भारत, नेपाल और भूटान के प्रतिनिधियों की भागीदारी वाला यह आयोजन कृषि, पर्यटन, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा।

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सिक्किम में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव, भारत-नेपाल-भूटान के प्रतिनिधि होंगे शामिल
सिक्किम में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव, भारत-नेपाल-भूटान के प्रतिनिधि होंगे शामिल
 

गंगटोक, 5 जून: हिमालयी क्षेत्र में सतत पर्यटन, ग्रामीण आजीविका और सीमापार सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिक्किम 13 से 15 जून तक अपने पहले अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव की मेजबानी करेगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत, नेपाल और भूटान के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, पर्यटन पेशेवर और सांस्कृतिक दल भाग लेंगे।

यह महोत्सव सिक्किम के तीन जिलों और तीन विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्य की कृषि आधारित पर्यटन क्षमता, ग्रामीण जीवन शैली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

महोत्सव का आयोजन रेनॉक, मार्तम-रुमटेक और टेमी-तारकू विधानसभा क्षेत्रों की पर्यटन विकास समितियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह पहल किसानों, उद्यमियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी तथा पूर्वी हिमालयी क्षेत्र के समुदायों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगी।

आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक पर्यटन कार्यक्रम नहीं बल्कि क्षेत्रीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच भी बनेगा। इसमें भारत, नेपाल और भूटान से आने वाले प्रतिनिधि कृषि, ग्रामीण पर्यटन और सतत विकास से जुड़े अनुभव साझा करेंगे।

महोत्सव के दौरान एग्रो-टूरिज्म प्रदर्शनी, खेतों पर आधारित पर्यटन गतिविधियां, स्थानीय कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण पर्यटन पर संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से आगंतुकों को सिक्किम के ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम स्थानीय समुदायों को अपने कृषि उत्पादों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प और पर्यटन पहलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एग्रो-टूरिज्म ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, किसानों की आय बढ़ाने और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। सिक्किम सरकार और स्थानीय पर्यटन संगठनों की यह पहल राज्य को एग्रो-टूरिज्म के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आयोजकों का विश्वास है कि कृषि, संस्कृति और पर्यटन को एक मंच पर लाने वाला यह महोत्सव भविष्य में सिक्किम के पर्यटन कैलेंडर का एक प्रमुख आयोजन बन सकता है। साथ ही यह भारत, नेपाल और भूटान जैसे हिमालयी पड़ोसी देशों के बीच सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सिक्किम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव न केवल राज्य की प्राकृतिक और कृषि संपदा को वैश्विक पहचान दिलाएगा, बल्कि सतत विकास और ग्रामीण समृद्धि के नए मॉडल के रूप में भी उभर सकता है।

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