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इंफाल, 30 जून 2026: क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (RIMS), इंफाल के आधिकारिक भाषा प्रकोष्ठ द्वारा आज बैंटिंग हॉल, RIMS इंफाल में "आधिकारिक हिंदी और हिंदी वर्तनी का मानकीकरण" विषय पर एक दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन RIMS के निदेशक प्रो. जी. सुनील कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
इस अवसर पर RIMS अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एन. संजीब सिंह और धनामंजुरी विश्वविद्यालय के धनामंजुरी कॉलेज ऑफ आर्ट्स के हिंदी विभाग में सहायक प्रोफेसर (सीनियर स्केल) डॉ. सिनम टंडन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. सुनील कुमार शर्मा ने सरकारी संस्थानों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधिकारिक संचार को प्रभावी बनाने के लिए हिंदी वर्तनी में एकरूपता और शुद्धता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथियों ने हिंदी वर्तनी के मानकीकरण की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए और प्रतिभागियों से प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के बेहतर उपयोग के लिए अपनी भाषा दक्षता मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में RIMS के संकाय सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विशेषज्ञों ने आधिकारिक हिंदी, राजभाषा नीति के क्रियान्वयन, सरकारी पत्राचार और दस्तावेजों में मानक हिंदी वर्तनी के प्रयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने आधिकारिक हिंदी के उपयोग के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की और संस्थान में हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यशाला का उद्देश्य RIMS में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिक प्रभावी एवं मानकीकृत उपयोग को सुनिश्चित करना था।

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