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संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एथेल रोथांगपुई ने 28 जून को बताया कि यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 20 मई से शुरू हुआ था और सभी गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) के डिजिटलीकरण के साथ पूरा कर लिया गया है।
किन कारणों से हटाए गए नाम?
निर्वाचन विभाग के अनुसार हटाए गए 46,191 नामों में—
- 21,290 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी।
- 13,992 लोग स्थायी रूप से अन्य राज्यों या विदेश चले गए थे।
- 8,352 मतदाता सत्यापन के दौरान नहीं मिले।
- 2,245 मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज पाया गया।
312 लोगों ने धार्मिक कारणों से नहीं कराया पंजीकरण
अधिकारी ने बताया कि 312 पात्र मतदाताओं ने अपने धार्मिक विश्वासों के कारण मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या दोबारा पंजीकरण कराने से इनकार कर दिया। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जिनके नाम पहले से 2025 की मतदाता सूची में दर्ज थे या जिनके परिवार के सदस्य पहले से मतदाता सूची में शामिल हैं।
अब कितने हैं कुल मतदाता?
विशेष पुनरीक्षण के बाद मिजोरम में कुल मतदाताओं की संख्या 8,28,877 हो गई है। यह संख्या वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज 8.75 लाख से अधिक मतदाताओं का लगभग 94.72 प्रतिशत है।
4 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
निर्वाचन विभाग के अनुसार संशोधित ड्राफ्ट मतदाता सूची 4 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 जुलाई से 4 अगस्त तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
चकमा बहुल इलाकों की जांच की मांग
इस बीच छात्र संगठन मिजो जिरलाई पॉल (MZP) ने दक्षिणी मिजोरम के चकमा बहुल क्षेत्रों की मतदाता सूची की विस्तृत जांच की मांग की है। संगठन का दावा है कि इन इलाकों में मतदाताओं की संख्या में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा 97 नए गांव सामने आए हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एथेल रोथांगपुई ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग संगठन द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच कर रहा है और मामले पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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