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शिलांग/नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026: नई दिल्ली में आयोजित चौथा मेघालय अनानास महोत्सव 12 जुलाई को संपन्न हो गया। तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान कुल 30 मीट्रिक टन ताजा अनानास की बिक्री हुई, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
वर्ष 2025 में आयोजित महोत्सव के दौरान 15.4 मीट्रिक टन अनानास बेचे गए थे, जबकि वर्ष 2023 में आयोजित पहले महोत्सव में बिक्री का आंकड़ा केवल 7.7 मीट्रिक टन था। इस वर्ष बिक्री में हुई तेज वृद्धि मेघालय के अनानास की बढ़ती मांग और राष्ट्रीय बाजार में राज्य के कृषि उत्पादों की मजबूत होती पहचान को दर्शाती है।
महोत्सव का आयोजन दिल्ली हाट में मेघालय सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किया गया था। इसमें किसानों, खुदरा कारोबारियों, खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों, निर्यातकों, होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों, स्थानीय उद्यमियों और उपभोक्ताओं ने भाग लिया।
अधिकारियों के अनुसार मेघालय के अनानास अपनी प्राकृतिक मिठास, विशेष सुगंध और कम अम्लता के कारण उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बढ़ती बिक्री यह भी दर्शाती है कि किसानों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
Flipkart और NeML के साथ समझौता
इस वर्ष के महोत्सव की प्रमुख उपलब्धियों में ई कॉमर्स कंपनी Flipkart और NCDEX e Markets Limited, जिसे NeML के नाम से जाना जाता है, के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर शामिल रहे।
इन समझौतों के माध्यम से मेघालय के अनानास और राज्य में उत्पादित अन्य विशिष्ट कृषि उत्पादों को व्यापक राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल मंचों और संगठित कृषि बाजार से जुड़ने के बाद किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य मिलेगा। इसके साथ ही बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और राज्य के कृषि उत्पाद देश के अधिक शहरों तथा उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे।
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने जताया आभार
महोत्सव के समापन अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने आयोजन को सफल बनाने के लिए दिल्ली के लोगों और आगंतुकों का आभार जताया।
उन्होंने कहा, “मेघालय के सभी किसानों, उद्यमियों और संगीतकारों की ओर से मैं आप सभी को इस महोत्सव को बड़ी सफलता बनाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन से राज्य के किसानों, उद्यमियों, कलाकारों और स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पाद तथा प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि मेघालय अनानास महोत्सव केवल कृषि उत्पादों की बिक्री का मंच नहीं है, बल्कि यह राज्य की संस्कृति, संगीत, पर्यटन, उद्यमिता और स्थानीय पहचान को भी देश के सामने प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों के साथ दी प्रस्तुति
समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने मुख्यमंत्री मेघालय ग्रासरूट्स म्यूजिक प्रोग्राम के कलाकारों के साथ संगीत प्रस्तुति में भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि CM-MGMP के माध्यम से वर्तमान में सात हजार से अधिक संगीतकारों को सहायता दी जा रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य भर में अब तक 38 हजार से अधिक संगीत प्रस्तुतियां आयोजित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ मेघालय आने वाले पर्यटकों और आगंतुकों को राज्य की समृद्ध संगीत परंपरा से परिचित करा रहा है।
महोत्सव के दौरान CM-MGMP के अंतर्गत कई सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे दिल्ली के दर्शकों को मेघालय के पारंपरिक और समकालीन संगीत का अनुभव मिला।
लाकाडोंग हल्दी, अदरक और शहद भी रहे आकर्षण
महोत्सव में ताजा अनानास के अलावा उनसे तैयार मूल्यवर्धित उत्पादों तथा मेघालय के अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया।
इनमें प्रसिद्ध लाकाडोंग हल्दी, अदरक, कटहल के चिप्स, शहद और अन्य स्वदेशी उत्पाद शामिल थे। आयोजकों के अनुसार महोत्सव के दौरान इनमें से कई उत्पाद पूरी तरह बिक गए।
इस आयोजन में किसान समूहों, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों और Meghalaya Collectives सहित राज्य के विभिन्न ब्रांडों ने भाग लिया।
इन उत्पादों को प्रस्तुत करने का उद्देश्य राज्य के किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को नई दिल्ली जैसे बड़े बाजारों के उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ना था।
अनानास चखने और किसानों से संवाद का अवसर
महोत्सव में आने वाले लोगों ने मेघालय के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादित अनानास का स्वाद लिया और उन्हें उगाने वाले किसानों से सीधे बातचीत की।
आगंतुकों के लिए विशेष अनानास चखने के सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा मेघालय में उत्पादित अनानास से तैयार विभिन्न व्यंजन भी परोसे गए।
इन गतिविधियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को अनानास की गुणवत्ता, खेती की प्रक्रिया, प्राकृतिक मिठास और मेघालय की कृषि परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।
आयोजकों ने कहा कि किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे संवाद से उत्पादों के प्रति भरोसा बढ़ता है और किसानों को बाजार की मांग तथा उपभोक्ताओं की पसंद समझने का अवसर मिलता है।
कई किसान पहली बार पहुंचे दिल्ली
अधिकारियों के अनुसार महोत्सव में भाग लेने वाले कई किसान पहली बार दिल्ली आए थे। आयोजन समाप्त होने के बाद वे नए कारोबारी संपर्कों और संभावित खरीदारों के साथ अपने गृह राज्य लौटे।
महोत्सव के दौरान किसानों को संगठित खुदरा कंपनियों, संस्थागत खरीदारों, खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों और निर्यातकों से बातचीत करने का अवसर मिला।
इन कारोबारी संपर्कों से किसानों को केवल महोत्सव के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष अपने उत्पाद बेचने के अवसर मिलने की संभावना है।
राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से मौसमी बिक्री को दीर्घकालिक कारोबारी संबंधों में बदलना है।
कृषि, पर्यटन और संस्कृति का संगम
मेघालय अनानास महोत्सव में कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमिता को भी स्थान दिया गया।
कारीगरों और उद्यमियों ने राज्य के पारंपरिक उत्पादों, हस्तनिर्मित वस्तुओं और स्थानीय नवाचारों को प्रदर्शित किया। संगीत कार्यक्रमों और खाद्य प्रदर्शनी ने आयोजन को कृषि एवं व्यापार मेले से आगे बढ़ाकर सांस्कृतिक उत्सव का रूप दिया।
राज्य सरकार के अनुसार इस प्रकार के आयोजन कृषि, पर्यटन, संस्कृति और उद्यमिता को एक ही मंच पर लाते हैं। इससे न केवल उत्पादों की बिक्री बढ़ती है, बल्कि मेघालय की राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड पहचान भी मजबूत होती है।
किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति
मेघालय सरकार ने कहा कि यह महोत्सव राज्य की कृषि मूल्य शृंखला को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
इस रणनीति में कृषि उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन और राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाना शामिल है।
सरकार का मानना है कि केवल उत्पादन बढ़ाने से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि नहीं हो सकती। इसके लिए उत्पादों का मूल्यवर्धन, बेहतर बाजार संपर्क और संगठित खरीदारों से सीधा जुड़ाव आवश्यक है।
अनानास को ताजे फल के रूप में बेचने के साथ उससे जूस, जैम, कैंडी, सूखे उत्पाद और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ तैयार करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय बाजार में मजबूत होगी मेघालय की पहचान
तीन वर्षों में अनानास की बिक्री 7.7 मीट्रिक टन से बढ़कर 30 मीट्रिक टन पहुंचना मेघालय के कृषि उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।
Flipkart और NeML के साथ हुए समझौतों से राज्य के किसानों को ऑनलाइन और संस्थागत बाजारों तक पहुंच मिलने की उम्मीद है। इससे मेघालय के अनानास के साथ लाकाडोंग हल्दी, अदरक, शहद और अन्य विशिष्ट उत्पादों को भी लाभ मिल सकता है।
राज्य सरकार ने कहा कि भविष्य में ऐसे आयोजनों और कारोबारी साझेदारियों के माध्यम से मेघालय के कृषि उत्पादों की मौजूदगी देश के प्रमुख बाजारों में बढ़ाई जाएगी।
महोत्सव की सफलता से यह भी स्पष्ट हुआ है कि उचित ब्रांडिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार संपर्क मिलने पर पूर्वोत्तर भारत के स्थानीय कृषि उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बना सकते हैं।

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