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मेघालय ने मत्स्य और पशुधन क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य का पहला एकीकृत कोल्ड स्टोरेज केंद्र स्थापित किया है। इस नई सुविधा से मत्स्य और पशुधन उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने तथा किसानों और उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिलांग के मावब्लेई क्षेत्र में स्थापित इस आधुनिक कोल्ड स्टोरेज केंद्र का उद्घाटन 29 मई को किया गया। इस केंद्र में कुल 45 मीट्रिक टन क्षमता वाले चिलर और फ्रीजर की व्यवस्था की गई है। इसे राज्यभर में मत्स्य और पशुधन उत्पादों के लिए एक संगठित कोल्ड चेन नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस परियोजना का नेतृत्व नॉर्थ ईस्ट डेवलपमेंट इनिशिएटिव (NEDI) कर रहा है, जो ABK Media India Pvt Ltd के तहत संचालित है। वहीं, मेघालय में J Mawkhiew Enterprises को परियोजना का कैरिंग एंड फॉरवर्डिंग (C&F) साझेदार बनाया गया है।
उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण NEDI और मेघालय सरकार के मत्स्य विभाग के बीच पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर था। इस समझौते का उद्देश्य मत्स्य पालन, पशुधन अवसंरचना और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग तथा पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, उद्यमी और विभिन्न हितधारक उपस्थित रहे।
अधिकारियों के अनुसार, यह कोल्ड स्टोरेज केंद्र उत्पादों की भंडारण क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता बनाए रखने, खराब होने से होने वाले नुकसान को कम करने तथा किसानों, मत्स्य उत्पादकों और पशुधन उद्यमियों को बेहतर बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना का उद्देश्य केवल भंडारण सुविधा प्रदान करना नहीं है, बल्कि एक व्यापक आपूर्ति श्रृंखला तंत्र विकसित करना भी है। इसके तहत वितरकों, खुदरा विक्रेताओं, मत्स्य उत्पादकों और ग्रामीण उद्यमियों को जोड़कर एक मजबूत आर्थिक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे युवाओं और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे।
NEDI के संस्थापक सदस्यों में से एक सोमजीत दत्ता ने कहा कि यह पहल केवल एक व्यावसायिक साझेदारी नहीं है, बल्कि मेघालय के लोगों को विकास और समृद्धि के साझा लक्ष्य के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि संगठन की दीर्घकालिक योजना मेघालय को मत्स्य और पशुधन क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके लिए स्थानीय मूल्य श्रृंखलाओं, उद्यमिता और सामुदायिक भागीदारी पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में राज्यभर से 12 वितरकों ने भाग लिया, जबकि आने वाले महीनों में 30 से 35 अतिरिक्त उप-वितरकों के नेटवर्क से जुड़ने की संभावना है। इससे जिला स्तर पर वितरण व्यवस्था और अंतिम छोर तक आपूर्ति की क्षमता और मजबूत होगी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अगले चरण में मेघालय की पहली मत्स्य एवं पशुधन प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना है। इसके माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वितरण को एकीकृत करते हुए राज्य में एक संपूर्ण औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा।
यह पहल मेघालय के कृषि-संबद्ध क्षेत्रों को नई दिशा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।

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