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मणिपुर विश्वविद्यालय के DACE केंद्र ने SC और OBC छात्रों के लिए नई उम्मीद जगाई। MCSCCE 2022 में छात्रों और शिक्षकों की शानदार सफलता ने मुफ्त UPSC और MCS कोचिंग की ताकत साबित कर दी।

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22 अप्रैल 2026 की सुबह मणिपुर विश्वविद्यालय, कैंचीपुर के लिए बेहद खास बन गई। डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीएसीई) के छात्रों और शिक्षकों ने मणिपुर सिविल सर्विसेज कॉम्बाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (MCSCCE) 2022 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे राज्य के SC और OBC युवाओं के लिए नई उम्मीद जगा दी।

डीएसीई से जुड़े चार छात्रों और तीन शिक्षकों ने परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। सफल छात्रों में Yumnam Abungcha ने SC श्रेणी में 29वीं रैंक, Soibam Robertson Singh ने OBC-M श्रेणी में 51वीं रैंक, N. Malemnganbi Chanu ने 73वीं और Maibam Pitamjit Singh ने 88वीं रैंक हासिल की। वहीं शिक्षकों में Sudeep Laishram ने 49वीं, Rajkumari Bubbly ने 60वीं और Heigrujam Premkumar Singh ने 94वीं रैंक प्राप्त की।

यह सफलता सिर्फ परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों की जीत है जो आर्थिक तंगी की वजह से बड़े सपने देखने से डरते थे। मणिपुर के कई गांवों और कस्बों में ऐसे छात्र रहे हैं जो प्रतिभाशाली होने के बावजूद महंगी कोचिंग फीस के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो गए।

इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए 1 अक्टूबर 2022 को मणिपुर विश्वविद्यालय में डॉ. अंबेडकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीएसीई) की शुरुआत की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन की इस पहल ने आर्थिक रूप से कमजोर SC और OBC छात्रों को नई दिशा दी।

डीएसीई में हर साल 100 सीटें उपलब्ध कराई जाती हैं, जिनमें 70 सीटें सिविल सेवा परीक्षाओं और 30 सीटें SSC तथा बैंकिंग परीक्षाओं के लिए होती हैं। यहां छात्रों को पूरी तरह मुफ्त कोचिंग, टेस्ट सीरीज, इंटरव्यू तैयारी, व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण और हर महीने 4,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है।

यह स्टाइपेंड छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। इससे उन्हें आर्थिक दबाव से मुक्त होकर पूरी निष्ठा के साथ तैयारी करने का मौका मिला। कई छात्रों ने माना कि इस सहायता के बिना वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी नहीं रख पाते।

डीएसीई की राह आसान नहीं रही। मई 2023 में मणिपुर हिंसा और अशांति की चपेट में आ गया। स्कूल-कॉलेज बंद हो गए और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके बावजूद कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सलाम शांतिकुमार सिंह और विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रशिक्षण को लगातार जारी रखा।

आज उसी मेहनत का परिणाम MCSCCE 2022 की सफलता के रूप में सामने आया है। इससे पहले भी डीएसीई ने कई छात्रों को बैंक पीओ, असिस्टेंट कमांडेंट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाई है।

डीएसीई केवल परीक्षा की तैयारी नहीं कराता, बल्कि छात्रों में सामाजिक न्याय, ईमानदारी और लोकसेवा की भावना भी विकसित करता है। यहां छात्रों को प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू की रणनीतिक तैयारी के साथ आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

महिला उम्मीदवारों की सफलता ने यह भी साबित किया कि सही अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। यह उपलब्धि सामाजिक न्याय के साथ-साथ लैंगिक समानता का भी मजबूत संदेश देती है।

डीएसीई ने यह साबित कर दिया है कि जब शिक्षा मुफ्त, गुणवत्तापूर्ण और समावेशी होती है, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है। आज यह केंद्र मणिपुर के हजारों SC और OBC युवाओं के लिए उम्मीद का नया प्रतीक बन चुका है।

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