Article Body
मणिपुर के उखरूल जिले में शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा की गंभीर घटना सामने आई, जब टीएम कासोम क्षेत्र के पास सुरक्षा बलों की निगरानी में जा रहे आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों के काफिले पर कुकी उग्रवादियों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले में एक गैर-स्थानीय ट्रक चालक की मौत हो गई, जबकि एक पुलिस जवान घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच जवाबी फायरिंग भी हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम लगभग 15 से 20 ट्रकों के काफिले को सुरक्षा प्रदान करते हुए उखरूल की ओर ले जा रही थी। इसी दौरान टीएम कासोम के निकट स्थित एक कुकी बहुल इलाके से अचानक फायरिंग शुरू हो गई।
गोली लगने से एक ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। वहीं, मणिपुर पुलिस के जवान डिसिंगम मारिंगमेई (34) भी इस हमले में घायल हुए हैं। उनके घुटने में गोली लगने की जानकारी मिली है। वह इम्फाल पश्चिम जिले के संगाईप्रौ कबुई क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पहली गोलीबारी टीएम कासोम गांव के कब्रिस्तान क्षेत्र के पास सुनाई दी, जहां ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे पटलेइजांग इलाके से हथियारबंद उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू की। उसी दौरान एक ट्रक टीएम कासोम से उखरूल की ओर बढ़ रहा था और गोलीबारी की चपेट में आ गया।
घटना के बाद सेना, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में व्यापक तलाशी और कॉम्बिंग अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इम्फाल-उखरूल मार्ग पर बाद में भी रुक-रुक कर फायरिंग की खबरें आती रहीं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
इससे पहले दिन में NH-202 पर सांगकाई कुकी खुल क्षेत्र में बंद समर्थकों ने सड़क अवरुद्ध करने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर आपूर्ति वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद केंद्रीय सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले और स्मोक बम का इस्तेमाल करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर कई ट्रक लंबे समय तक फंसे रहे। वहीं लितान क्षेत्र में सुरक्षा बलों और बंद समर्थकों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है।
गौरतलब है कि टीएम कासोम क्षेत्र में इससे पहले भी कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। 18 अप्रैल को इसी इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में एक सेवानिवृत्त सेना कर्मी सहित दो नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। वहीं 13 मई को तीन थाडौ चर्च नेताओं की हत्या ने भी पूरे राज्य को झकझोर दिया था।

Comments