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मणिपुर के 14 नागरिक संगठनों (CSOs) ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर 2027 की जनगणना से पहले NRC अपडेट करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल जल्द दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह सचिव से भी मुलाकात करेगा।

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मणिपुर में जनगणना से पहले NRC लागू करने की मांग, 14 CSOs जल्द जाएंगे दिल्ली
मणिपुर में जनगणना से पहले NRC लागू करने की मांग, 14 CSOs जल्द जाएंगे दिल्ली
 

इम्फाल, 1 जुलाई: मणिपुर में 2027 की जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग तेज हो गई है। राज्य के 14 CSOs कांग्लेइपाक (सिविल सोसाइटी संगठनों) ने बुधवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा और जनगणना से पहले NRC लागू करने की मांग दोहराई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में 14 CSOs कांग्लेइपाक के संयोजक शांता नहाकपाम ने बताया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल 5 जुलाई को दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह सचिव तथा हाल ही में गठित उच्च स्तरीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति (High Level Committee on Demographic Change) के अध्यक्ष से मिलने का प्रयास करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से आग्रह करेगा कि मणिपुर में 2027 की जनगणना तब तक स्थगित रखी जाए, जब तक NRC को अपडेट नहीं किया जाता।

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

शांता नहाकपाम के अनुसार, राज्यपाल के साथ करीब एक घंटे तक चली बैठक में मणिपुर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान राज्यपाल को बताया गया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करना राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने जनगणना के महत्व पर अपने विचार रखे, लेकिन संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि NRC अपडेट किए बिना जनगणना कराई जाती है, तो राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति का गलत आकलन हो सकता है।

"NRC के बिना जनगणना से आंकड़े हो सकते हैं प्रभावित"

CSOs का कहना है कि NRC अपडेट होने से पहले जनगणना कराने पर अवैध प्रवासियों के नागरिक के रूप में दर्ज होने की आशंका बनी रहेगी, जिससे राज्य की वास्तविक जनसांख्यिकीय तस्वीर प्रभावित हो सकती है।

संगठनों ने राज्यपाल के समक्ष यह भी कहा कि NRC ही ऐसा प्रभावी तंत्र है, जिसके माध्यम से अवैध प्रवासियों की पहचान कर राज्य के स्वदेशी समुदायों के हितों की रक्षा की जा सकती है।

जनसंख्या आयोग को पुनर्जीवित करने की भी मांग

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से पॉपुलेशन कमीशन (Population Commission) को फिर से सक्रिय करने और केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति में इस आयोग के एक प्रतिनिधि को शामिल करने का प्रस्ताव भेजने का भी अनुरोध किया।

14 CSOs का मानना है कि जनसंख्या से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्य की भागीदारी और स्थानीय हितों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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