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इम्फाल, 1 जुलाई 2026: मणिपुर के कमजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा से लगे गांवों में बुधवार को हिंसा की एक और बड़ी घटना सामने आई। अलग-अलग हमलों में कोंगकान थाना, सांगकालोक और फाइमोल गांवों में 35 से अधिक घरों और अन्य संरचनाओं को आग के हवाले कर दिया गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे अज्ञात हथियारबंद लोगों ने फाइमोल गांव पर हमला कर लगभग 15 घरों और अन्य ढांचों में आग लगा दी।
इसके कुछ ही समय बाद भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने कोंगकान थाना और सांगकालोक (नम्बिसा गांव का एक हिस्सा) पर धावा बोल दिया। इस दौरान नागा समुदाय के करीब 20 घरों के अलावा सीमा क्षेत्र में शरण लिए हुए म्यांमार के शरणार्थियों के घर भी आग के हवाले कर दिए गए।
सूत्रों का दावा है कि हमलावर म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के उग्रवादी हो सकते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक हमलावर सामान्य कपड़ों में थे, लेकिन उनके पास अत्याधुनिक हथियार थे। गांव में प्रवेश करते ही उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे ग्रामीण अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। इसके बाद हमलावरों ने घरों में आग लगा दी।
ग्रामीणों के अनुसार, सांगकालोक शरणार्थी शिविर में वर्तमान में 200 से अधिक म्यांमार के शरणार्थी रह रहे हैं।
सुरक्षा बलों की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सीमा क्षेत्र में तैनात बीएसएफ, आईआरबी और राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि गोलीबारी और आगजनी के दौरान सुरक्षा बल समय पर कार्रवाई करने में विफल रहे।
हालांकि पूरे हमले के दौरान गोलीबारी हुई, लेकिन अब तक किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कोंगकान थाना और सांगकालोक से उठते धुएं के गुबार साफ दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर आपस में कुकी भाषा में बातचीत कर रहे थे।
सीमा क्षेत्र में पहले भी हो चुका है हमला
गौरतलब है कि 7 मई 2026 को भी म्यांमार आधारित KNA-B और पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) के उग्रवादियों ने कमजोंग जिले के सीमावर्ती गांवों में घुसपैठ कर कई गांवों को आग के हवाले कर दिया था और कुछ भारतीय नागरिकों का अपहरण भी किया था।
उस दौरान उग्रवादियों ने चोरो, वांगली और नामली गांवों पर एक साथ हमला किया था। इस हमले में दो लोग घायल हुए थे तथा कई घरों और दुकानों को जला दिया गया था।
संगठनों ने की कड़ी निंदा
घटना के बाद AMUCO, PLAMPA, AMAWOVA, COHR और MSF सहित पांच संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर आगजनी की कड़ी निंदा की। संगठनों ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कड़ी सजा की मांग की।
विधायक लीशियो कीशिंग ने उठाए गंभीर सवाल
फुंगयार विधानसभा क्षेत्र के विधायक लीशियो कीशिंग ने कहा कि भारत-म्यांमार सीमा से लगे तंगखुल गांव अत्यंत संवेदनशील हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि KNA-B के संदिग्ध उग्रवादी म्यांमार से भारतीय सीमा में घुसकर कम से कम 12 घरों और एक छोटे बाजार क्षेत्र को आग लगा गए।
उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार को सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी चाहिए। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों का असम राइफल्स पर भरोसा कम हो गया है और उन्होंने आईआरबी जैसी निष्पक्ष सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोंगकान थाना गांव असम राइफल्स की चौकी से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित है, तो इतनी बड़ी घटना सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद कैसे हो गई।

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