Article Body
इंफाल, 5 जून: मणिपुर के कांगपोकपी जिले के न्यू कैथेलमणबी थाना क्षेत्र अंतर्गत लोइबोल खुल्लेन गांव में शुक्रवार तड़के दो कुकी उग्रवादी संगठनों—KLA और KNF(P)—के बीच हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक पति-पत्नी भी शामिल हैं। घटना के दौरान सात घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, सुबह लगभग 4 बजे गांव में दोनों समूहों के बीच सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ। गोलीबारी रुक-रुक कर सुबह 9 बजे तक जारी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस दौरान अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कई मकानों में आग लगा दी, जिससे सात घर पूरी तरह नष्ट हो गए।
मृतकों की पहचान लेटखोंगम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमेरी हाओकिप तथा जांगमिनलाल हाओकिप के रूप में हुई है। तीनों लोइबोल खुल्लेन गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि जांगमिनलाल हाओकिप गांव के प्रधान (हेडमैन) थे।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि संघर्ष की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में वर्दीधारी हथियारबंद लोगों को मृतकों के शव ले जाते हुए देखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें गांव पहुंचीं और हालात को नियंत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया। सुरक्षा बलों ने लोइबोल खुल्लेन तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया।
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसे कथित तौर पर संघर्षग्रस्त गांव का बताया जा रहा है। वीडियो में कुकी बोली बोलने वाला एक व्यक्ति दूसरे हथियारबंद व्यक्ति को विभिन्न दिशाओं में गोली चलाने के निर्देश देता हुआ सुनाई देता है। गोलीबारी के बाद वह उसकी प्रशंसा करते हुए "वेल डन" कहता है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और इसके वास्तविक संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रोंगमेई नागा काउंसिल मणिपुर (RNCM) ने गहरा दुख और चिंता जताई है। परिषद ने आरोप लगाया कि लेइबोन कुकी गांव और नागा गांव पोंगरिंगलोंग (चारोइपांडोंगबा) पार्ट-1 के बीच हुए हमले में कुकी उग्रवादियों की भूमिका रही है। परिषद के अनुसार, सुबह लगभग 3:30 बजे अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा गंभीर रूप से खतरे में पड़ गई।
RNCM ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा की परवाह किए बिना इस प्रकार की हिंसक गतिविधियां और सामुदायिक तनाव भड़काने के प्रयास पूरी तरह निंदनीय हैं। परिषद ने संबंधित पक्षों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और सभी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को तुरंत बंद करने की मांग की।
संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से क्षेत्र में मौजूद सभी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) शिविरों को तत्काल हटाने की भी मांग की। RNCM का आरोप है कि SoO के अंतर्गत आने वाले उग्रवादी आधुनिक हथियारों के साथ क्षेत्र में सक्रिय हैं और पोंगरिंगलोंग के आसपास रहने वाले नागा ग्रामीणों को भयभीत कर रहे हैं।
इसी प्रकार कोऑर्डिनेशन कमेटी लॉन्गमाई एरिया ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कुकी उग्रवादियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। समिति ने सरकार से SoO शिविरों को तत्काल समाप्त करने की मांग दोहराई और कहा कि क्षेत्र में सक्रिय हथियारबंद समूह स्थानीय नागा गांवों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।
समिति ने आम जनता से सतर्क रहने तथा नागा बहुल गांवों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।
लोइबोल खुल्लेन की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। इस ताजा हिंसा ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

Comments