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इंफाल, 12 जुलाई 2026: लोकसभा सांसद डॉ. बिमोल अकोइजाम ने कांतो सबल क्षेत्र में कई मकानों को आग के हवाले किए जाने की घटना को लेकर सेना और सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सवाल किया कि जो सेना तीन चार मकानों की सुरक्षा नहीं कर सकी, वह चीन या पाकिस्तान जैसी बाहरी चुनौतियों का सामना कैसे करेगी।
इंफाल स्थित कांग्रेस भवन में रविवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में सांसद ने कहा कि 3 मई 2023 के बाद से सेना की रेड शील्ड डिवीजन के मुख्यालय से सटे क्षेत्रों में आगजनी की कम से कम छह घटनाएं हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सेना मुख्यालय से ही एल कमल बाबू लापता हुए थे, जो मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत थे। सांसद के अनुसार, इस मामले में भी अब तक स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है।
डॉ. बिमोल ने आरोप लगाया कि शनिवार को जब स्थानीय लोग अपने मकानों को जलाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे और सुरक्षा बलों से हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे, तब उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार सुरक्षा बलों के प्रति जनता के अविश्वास को और गहरा करेगा। सांसद ने दावा किया कि आगजनी की घटना दिल्ली और इंफाल में बैठे राजनीतिक नेतृत्व की विफलता का परिणाम है और सेना को भी सुरक्षा व्यवस्था में अपनी कथित नाकामी की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
डॉ. बिमोल ने यह भी कहा कि घटनास्थल के दौरे के दौरान सेना के जवानों ने एक निर्वाचित सांसद के रूप में उनके प्रति सामान्य शिष्टाचार तक नहीं दिखाया।
उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच कथित टकराव ने सुरक्षा व्यवस्था में समन्वय की गंभीर कमी उजागर कर दी है। सांसद के अनुसार, पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच सामने आया विवाद प्रशासनिक विफलता, जवाबदेही के अभाव और आदेश व्यवस्था के टूटने का संकेत है।
पत्रकार सम्मेलन में उपस्थित मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओक्रम इबोबी सिंह ने भी राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांतो सबल की घटना ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या मणिपुर में वास्तव में राष्ट्रपति शासन लागू है।
इबोबी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और लोकतांत्रिक शासन दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि मणिपुर सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दूर से संचालित किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आग पर काबू पाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य बलों तथा अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों को समय पर नहीं भेजा जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच, सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय और आगजनी के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।

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