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सिक्किम के पर्यटन मंत्री टी.टी. भूटिया ने कहा कि Nathula Pass से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होने से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिल रहा है। इस वर्ष कम से कम 10 जत्थों के आने की उम्मीद है।

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Nathula Pass से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू, सिक्किम पर्यटन को मिला बढ़ावा
Nathula Pass से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू, सिक्किम पर्यटन को मिला बढ़ावा
 

गंगटोक, 21 जून: Nathula Pass से कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर शुरू होने से सिक्किम के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिल रहा है। सिक्किम के पर्यटन मंत्री टी.टी. भूटिया ने कहा कि करीब पांच वर्षों के अंतराल के बाद इस मार्ग से यात्रा की बहाली राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

भारत चीन सीमा पर स्थित Nathula Pass में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री भूटिया ने कहा कि पुनः शुरू हुई यात्रा के दूसरे वर्ष का पहला जत्था करीब पांच दिन पहले सिक्किम पहुंचा था। तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष रूप से चिन्हित सुविधाओं में व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि सिक्किम सरकार ने पर्यटन विकास निगम और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से तीर्थयात्रियों के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। यात्रियों के ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की गई है, ताकि उन्हें राज्य में बेहतर आतिथ्य और देखभाल मिल सके।

पर्यटन मंत्री के अनुसार, इस वर्ष सिक्किम में कम से कम दस जत्थों के आने की उम्मीद है। पिछले वर्ष भी लगभग इसी संख्या में तीर्थयात्रियों के जत्थों की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान जत्थे की यात्रा लगभग दस दिनों तक चलेगी और तीर्थयात्रियों के 30 जून को सीमा क्षेत्र में वापस लौटने का कार्यक्रम है।

भूटिया ने विश्वास जताया कि Nathula Pass से कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली सफल रहेगी और इससे सिक्किम की पहचान आध्यात्मिक तथा साहसिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के फिर शुरू होने से सिक्किम को व्यापक प्रचार मिला है और देशभर से आने वाले पर्यटकों की रुचि राज्य के प्रति बढ़ रही है।

मंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे सिक्किम के पर्यटन उद्योग, स्थानीय अर्थव्यवस्था और आतिथ्य क्षेत्र को भी लाभ मिल रहा है। तीर्थयात्रियों के आगमन से राज्य में होटल, परिवहन, स्थानीय सेवाओं और पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ रही हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। Nathula Pass मार्ग से इस यात्रा का फिर शुरू होना तीर्थयात्रियों के साथ साथ सिक्किम के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।

Nathula Pass के जरिए यात्रा की बहाली ने हिमालयी राज्य सिक्किम को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन के नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाया है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह यात्रा सिक्किम के पर्यटन विकास को नई दिशा देगी।

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