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इम्फाल, 14 जून: इम्फाल में रविवार को आयोजित 13वीं देवर्षि नारद जयंती समारोह में नैतिक पत्रकारिता की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सही दिशा दिखाना, जनमत को जागरूक बनाना और सत्य एवं विश्वसनीय सूचना के माध्यम से लोकहित की सेवा करना है।
यह कार्यक्रम विश्व संवाद केंद्र मणिपुर द्वारा इम्फाल पश्चिम के कोंजेंग लैकाई स्थित भास्कर प्रभा में आयोजित किया गया। समारोह में मणिपुर के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 250 कार्यरत पत्रकारों और आम लोगों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए इम्फाल टाइम्स के संपादक रिंकू खुमुकचम ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को सही मार्ग दिखाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार रिपोर्टिंग में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और निजी हितों से ऊपर जनहित को रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “पत्रकारों को रिपोर्टिंग करते समय अपने निजी हितों को अलग रखना चाहिए और लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। निजी उद्देश्यों से प्रेरित समाचार प्रसार समाज और जनता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।”
रिंकू खुमुकचम ने देवर्षि नारद के योगदान की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक पत्रकारों को नारद से जुड़े संचार मूल्यों से सीख लेनी चाहिए। विशेष रूप से शांति, सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदार सूचना प्रसार के क्षेत्र में ये मूल्य आज भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यरत पत्रकारों को समाज की बेहतर सेवा के लिए निरंतर अपनी विविध क्षमताओं का विकास करना चाहिए। बदलते मीडिया परिवेश में पेशेवर अनुशासन, तथ्यात्मक शुद्धता और नैतिक निर्णय क्षमता सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ लेखक काकचिंगताबम ब्रजमणि शर्मा ने नारद मुनि को विश्व का प्रथम पत्रकार बताया। उन्होंने कहा कि नारद द्वारा स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल, तीनों लोकों में सूचना पहुंचाने की भूमिका पत्रकारिता और संचार की मूल भावना को दर्शाती है।
विश्व संवाद केंद्र मणिपुर के अध्यक्ष ए. ब्रजकुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारों की जनता को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय सूचना के माध्यम से जागरूक जनमत का निर्माण किया जा सकता है।
समारोह में पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि सार्वजनिक दायित्व के रूप में देखने पर बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर निर्भर करती है।
मणिपुर जैसे संवेदनशील सामाजिक परिवेश में नैतिक पत्रकारिता का संदेश विशेष महत्व रखता है। जिम्मेदार समाचार रिपोर्टिंग गलत सूचना को कम करने, सामाजिक समझ को बढ़ाने और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।

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