Summary

अरुणाचल प्रदेश सरकार ILP व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अलग विभाग बनाएगी। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा और अवैध प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

Article Body

अरुणाचल में ILP के लिए बनेगा अलग विभाग, CM पेमा खांडू का बड़ा ऐलान
अरुणाचल में ILP के लिए बनेगा अलग विभाग, CM पेमा खांडू का बड़ा ऐलान
 

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में इनर लाइन परमिट (ILP) व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ILP प्रणाली के लिए एक अलग विभाग का गठन करेगी, जिससे जनजातीय अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह घोषणा बुधवार, 27 मई को आयोजित सात घंटे लंबी उच्च स्तरीय बैठक के बाद की गई। इस बैठक में छात्र संगठनों, सामुदायिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों, कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आदिवासी अधिकारों, अवैध प्रवासियों और ILP व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि राज्य सरकार अरुणाचल प्रदेश की जनजातीय पहचान, जनसंख्या संतुलन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी पक्षों ने अपनी चिंताएं और सुझाव सरकार के सामने रखे।

बैठक में अरुणाचल प्रदेश एसटी बचाओ आंदोलन समिति (APSTBAC) की ओर से कई अहम मांगें रखी गईं। इनमें जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा, अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई, ILP व्यवस्था का सख्ती से पालन और गैर-जनजातीय समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने का विरोध शामिल था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इन मांगों को सिद्धांत रूप में स्वीकार कर लिया है।

अवैध धार्मिक ढांचों के मुद्दे पर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अवैध मस्जिदों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अरुणाचल इंडिजिनस ट्राइब्स फोरम (AITF), ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (AAPSU), APSTBAC और कानूनी विशेषज्ञों के प्रतिनिधियों के साथ 29 मई को एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में भविष्य की रणनीति और रोडमैप तैयार किया जाएगा।

गौरतलब है कि “अरुणाचल प्रदेश इनर लाइन परमिट गाइडलाइंस 2026” को लेकर राज्य में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। APSTBAC ने आरोप लगाया है कि नई गाइडलाइंस से जनजातीय सुरक्षा कमजोर हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर 14 मई से 36 घंटे का बंद बुलाया गया था, जो बाद में हिंसक हो गया था।

मुख्यमंत्री ने सभी संगठनों और नागरिकों से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार जनता की वास्तविक चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और उचित कार्रवाई करेगी।

Comments

TOPICS MENTIONED IN THIS ARTICLE

About the Author(s)

  • Naorem Mohen photo

    Naorem Mohen

    Editor, Purvottar Khabar

    Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

    View all articles by Naorem Mohen

पूर्वोत्तर खबर – मणिपुर की ताज़ा हिंदी खबरें — मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, लोकल समाचार, करंट अफेयर्स, शिक्षा, संस्कृति और देश-दुनिया की ताज़ा खबरें पढ़ें पूर्वोत्तर खबर पर।