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नागालैंड में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। राज्य के कई नए जिलों में बीमारी की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए सख्त नियंत्रण उपाय लागू किए हैं। इस संक्रमण ने सूअर पालकों और पोर्क व्यापार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
ताजा मामलों में त्सेमिन्यु, चुमौकेदिमा जिले के मेडजिफेमा और फेक जिले में ASF संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे पहले मोकोकचुंग, दीमापुर और मोन जिलों के कुछ इलाकों में भी यह बीमारी फैल चुकी है।
त्सेमिन्यु जिले के उपायुक्त जापेथ वोच ने बताया कि त्सेमिन्यु गांव से लिए गए सूअरों के ऊतक नमूनों में ASF संक्रमण पाया गया है। इसके बाद प्रशासन ने गांव और उसके एक किलोमीटर के दायरे को “संक्रमित क्षेत्र” घोषित कर दिया है, जबकि आसपास के नौ किलोमीटर क्षेत्र को निगरानी क्षेत्र में रखा गया है।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सूअरों और पोर्क उत्पादों की खरीद-बिक्री, वध और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। लोगों से संक्रमित क्षेत्रों में पोर्क के सेवन से बचने की अपील भी की गई है।
साथ ही मृत सूअरों के निपटान के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि मृत पशुओं को केवल गहरे गड्ढों में दफनाकर या निर्धारित मानकों के अनुसार जलाकर ही नष्ट किया जाए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निगरानी, क्वारंटीन, सैनिटाइजेशन और अन्य नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि यदि किसी सूअर में अचानक बीमारी, असामान्य व्यवहार या मौत दिखाई दे तो तुरंत संबंधित पशु चिकित्सा केंद्र को सूचना दें।
इसी तरह फेक जिले में भी ASF संक्रमण के बाद कई गांवों में प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। उपायुक्त रोसिएथो न्गुओरी ने बताया कि खुझा गांव में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद गांव और उसके आसपास के इलाके को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है।
खुत्सोखुनो, मुत्साले, फेक टाउन, फुग्वी और सोहोमी गांवों को निगरानी क्षेत्र में शामिल किया गया है। इन इलाकों में सूअरों के आयात-निर्यात, वध और परिवहन पर अगले आदेश तक रोक रहेगी।
वहीं चुमौकेदिमा जिले के मेडजिफेमा में भी ASF के नए मामले सामने आए हैं। वार्ड-9 स्थित एक फार्म से लिए गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के आसपास एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित और दस किलोमीटर क्षेत्र को निगरानी जोन घोषित किया है।
प्रशासन ने इन इलाकों में सूअरों, पिगलेट्स और पोर्क उत्पादों के परिवहन तथा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही निजी और व्यावसायिक उपयोग के लिए सूअरों के वध पर भी रोक लगा दी गई है।
पशु चिकित्सा विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी अभियान चला रही हैं। प्रशासन ने गांव परिषदों, वार्ड अधिकारियों, मांस विक्रेताओं और आम लोगों से सहयोग की अपील की है और चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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