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इंफाल, 9 जुलाई 2026: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इंफाल महानगर इकाई ने गुरुवार को इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू मणिपुर नृत्य अकादमी में संगठन का 78वां स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस मनाया।
समारोह में 18 कोंथौजम विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. सपम रंजन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक लैशराम बिशेश्वर ने मुख्य वक्तव्य दिया, जबकि ABVP मणिपुर की प्रदेश सह सचिव पिनुबाला लैशराम सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में मणिपुर से राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी मणिपुर प्रदेश की अध्यक्ष अधिकारिमयुम शारदा देवी समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया।
समारोह की अध्यक्षता ABVP इंफाल महानगर के अध्यक्ष लैशराम जिमी ने की। ABVP मणिपुर के प्रदेश सचिव गौतम फिलेम ने स्वागत भाषण देते हुए संगठन की 78 वर्षों की यात्रा और छात्र हित में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ABVP देश के सबसे बड़े छात्र संगठनों में से एक है और संगठन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, छात्र नेतृत्व के विकास, राष्ट्रवाद की भावना तथा युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
युवाओं की क्षमता विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति: रंजन सिंह
मुख्य अतिथि डॉ. सपम रंजन सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य और देश की जनसांख्यिकीय शक्ति के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी युवा आबादी देश के विकास के लिए अपार संभावनाएं प्रस्तुत करती है। वर्तमान समय राष्ट्र के लिए अवसर की एक महत्वपूर्ण अवधि है, जिसका सही उपयोग शिक्षा, कौशल, नवाचार और अनुशासन के माध्यम से किया जाना चाहिए।
डॉ. रंजन सिंह ने कहा कि देश को अपने जनसांख्यिकीय लाभ का प्रभावी उपयोग करते हुए वर्ष 2061 से पहले अधिकतम विकास हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और समर्पित सेवा के माध्यम से स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं को अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
समारोह में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, नेतृत्व और निस्वार्थ सेवा की भावना के साथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
वक्ताओं ने पिछले 78 वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने, विद्यार्थियों की समस्याओं को उठाने और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने में ABVP की भूमिका का उल्लेख किया।
मणिपुर में 30 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम
गौतम फिलेम ने बताया कि 9 जुलाई को मणिपुर के 30 से अधिक स्थानों पर ABVP का 78वां स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस मनाया गया।
उन्होंने कहा कि संगठन 5 से 15 जुलाई तक पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस से संबंधित गतिविधियां आयोजित करेगा।
उन्होंने बताया कि ABVP की ‘स्टूडेंट्स फॉर सेवा’ पहल के तहत इंफाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 40 से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि संगठन राहत केंद्रों में छह महीने की शिक्षण गतिविधियां भी संचालित कर रहा है। इन कार्यक्रमों के तहत ABVP के स्वयंसेवक विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा और परामर्श प्रदान करने के साथ आवश्यक स्टेशनरी सामग्री भी वितरित कर रहे हैं।
संस्कृति, पर्यावरण और खेलों को बढ़ावा
ABVP मणिपुर के प्रदेश सचिव ने संगठन के विभिन्न मंचों के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्र कला मंच’ के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
‘स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट’ के तहत पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, जन जागरूकता और युवाओं की भागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम, अभियान और सम्मेलन आयोजित किए गए हैं।
इसी प्रकार ‘खेलो भारत’ पहल के माध्यम से युवाओं के बीच खेल, शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
गौतम फिलेम ने बताया कि हाल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ABVP ने सात किलोमीटर और 15 किलोमीटर की मैराथन दौड़ आयोजित की थी। इन आयोजनों का उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस, सामुदायिक भागीदारी और सामाजिक सेवा में युवाओं की सक्रियता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का समापन शिक्षा, समाज सेवा, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय सहायता से जुड़ी गतिविधियों को जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ।
ABVP के सदस्यों ने मणिपुर में छात्र नेतृत्व को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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