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मिजोरम में रह रहे म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर से आए करीब 40 हजार शरणार्थियों और विस्थापित लोगों के लिए केंद्र सरकार 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री लालदुहोमा को दिया आश्वासन।

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40 हजार शरणार्थियों के लिए केंद्र देगा 10 करोड़ रुपये का चावल, अमित शाह ने मिजोरम को दिया आश्वासन
40 हजार शरणार्थियों के लिए केंद्र देगा 10 करोड़ रुपये का चावल, अमित शाह ने मिजोरम को दिया आश्वासन
 

आइजोल/नई दिल्ली, 14 जून। मिजोरम में रह रहे म्यांमार और बांग्लादेश के शरणार्थियों तथा मणिपुर हिंसा से विस्थापित लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जिससे हजारों लोगों की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।

यह आश्वासन शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के बीच हुई बैठक के दौरान दिया गया। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य में बड़ी संख्या में रह रहे शरणार्थियों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की स्थिति से केंद्र सरकार को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मिजोरम वर्तमान में लगभग 40 हजार लोगों को आश्रय प्रदान कर रहा है, जिनमें म्यांमार और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के साथ साथ मणिपुर से विस्थापित नागरिक भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने खाद्य और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इससे राज्य में रह रहे शरणार्थियों और विस्थापित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से 28 हजार से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण लिए हुए हैं। इनमें अधिकांश लोग चिन राज्य से संबंधित हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र में वर्ष 2022 के दौरान सैन्य अभियानों के बाद बाउम समुदाय के लगभग 2,300 लोग भी मिजोरम पहुंचे थे।

मई 2023 में मणिपुर में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद करीब 7,000 कुकी समुदाय के लोग भी मिजोरम में आश्रय लिए हुए हैं। चिन, बाउम और कुकी समुदायों के मिजो समाज के साथ गहरे सांस्कृतिक और जातीय संबंध हैं, जिसके कारण राज्य ने मानवीय आधार पर उन्हें शरण प्रदान की है।

बैठक में विकास और सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य में बढ़ती मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण सुरक्षा स्थिति के कारण मिजोरम को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तरह इस योजना का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर अमित शाह ने राज्य सरकार को प्रधानमंत्री विकास पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र (PM DeVINE) योजना के अंतर्गत अतिरिक्त परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने की सलाह दी और उन्हें आगे बढ़ाने में केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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