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इंफाल, 12 अगस्त 2026: मणिपुर विश्वविद्यालय में बुधवार को देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का माहौल देखने को मिला। विश्वविद्यालय समुदाय ने हर घर तिरंगा यात्रा निकाली, जबकि 33 असम राइफल्स के पाइप बैंड ने विश्वविद्यालय के बायोडायवर्सिटी पार्क में देशभक्ति और सैन्य धुनों की शानदार प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम से पहले मणिपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से हर घर तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लिए विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और एनएसएस स्वयंसेवक बायोडायवर्सिटी पार्क की ओर बढ़े। यात्रा के दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रीय गौरव और उत्साह का वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम में मणिपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह, 33 असम राइफल्स के कमांडेंट कर्नल राधा कृष्ण, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. च. इबोहाल सिंह और एनएसएस सेल के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. लैशराम संतोष सिंह उपस्थित रहे।
इसके अलावा सुरक्षा अधिकारी वाई. सांतिकुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सकिला नोंगमेकापम, चिकित्सा अधिकारी डॉ. लामाबम पिंकी, जूलॉजी विभाग के प्रमुख क्षेत्रीमयुम बिरला सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और एनएसएस स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
देशभक्ति की धुनों से गूंजा विश्वविद्यालय परिसर
33 असम राइफल्स के पाइप बैंड ने देशभक्ति और सैन्य परंपरा से जुड़ी कई धुनों की प्रस्तुति दी। प्रत्येक प्रस्तुति के माध्यम से साहस, बलिदान, अनुशासन, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।
बैंड ने प्रसिद्ध देशभक्ति मार्च ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ प्रस्तुत किया, जिसने भारतीय सैनिकों के साहस और दृढ़ संकल्प की भावना को जीवंत कर दिया।
इसके बाद ‘जय जन्मभूमि’ की प्रस्तुति के माध्यम से मातृभूमि को केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और साझा पहचान से जुड़े भावनात्मक रिश्ते के रूप में प्रस्तुत किया गया।
‘विजय भारत’ की प्रस्तुति देश की सशस्त्र सेनाओं के साहस और बलिदान को समर्पित रही। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि देश के नागरिकों को मिलने वाली शांति और सुरक्षा के पीछे कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों की सतर्कता और समर्पण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘ऐ वतन’ से ‘सारे जहां से अच्छा’ तक
पाइप बैंड ने ‘ऐ वतन ऐ वतन’ के साथ विभिन्न सैन्य और स्लो मार्च धुनों की भी प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों में सशस्त्र बलों की अनुशासनपूर्ण संगीत परंपरा और आपसी तालमेल की झलक दिखाई दी।
इसके बाद ‘देशों का सरताज भारत’ की धुन के जरिए भारत की सांस्कृतिक विविधता और गौरव को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में विशेष ड्रम रोल प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम की प्रमुख प्रस्तुतियों में ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ भी शामिल रहा। इस धुन ने भाषा, क्षेत्र और संस्कृति की विविधताओं के बावजूद देशवासियों को जोड़ने वाली साझा राष्ट्रीय भावना और एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के माध्यम से यह भी रेखांकित किया गया कि देशभक्ति केवल नारों या औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। देश के प्रति प्रेम व्यक्ति के आचरण, जिम्मेदारियों और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उसकी भागीदारी में भी दिखाई देना चाहिए।
विशेष रूप से युवाओं को अनुशासन, साहस, जिम्मेदारी, एकता और सेवा जैसे मूल्यों को आत्मसात करने तथा देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए सशस्त्र बलों द्वारा दिए गए बलिदानों को याद रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का समापन ‘वंदे मातरम्’ और इसके बाद राष्ट्रगान के साथ हुआ। असम राइफल्स के जवानों और मणिपुर विश्वविद्यालय समुदाय ने एक साथ खड़े होकर राष्ट्रीय सम्मान और एकता की भावना व्यक्त की।
हर घर तिरंगा यात्रा और पाइप बैंड कार्यक्रम ने मणिपुर विश्वविद्यालय समुदाय को तिरंगे की भावना का उत्सव मनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकीकरण, एकता और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को दोहराने का अवसर प्रदान किया।

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