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RSS समन्वय बैठक में युवा, नशा, जनसांख्यिकीय बदलाव और AI पर चर्चा

विशाखापत्तनम के पास आयोजित RSS प्रेरित संगठनों की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में युवा, नशाखोरी, जनसांख्यिकीय बदलाव, AI, पर्यावरण और आत्मनिर्भर विकास पर चर्चा हुई।

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इंफाल, 22 अगस्त: युवाओं से जुड़े मुद्दे, बढ़ती नशाखोरी, जनसांख्यिकीय बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित संगठनों की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में चर्चा हुई। बैठक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के निकट गुडिलोवा में संपन्न हुई।

इस समन्वय बैठक में 32 संगठनों के कुल 326 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 49 महिलाएं भी शामिल थीं। RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

बैठक की जानकारी देते हुए RSS के सह सरकार्यवाह सी. आर. मुकुंद ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किए गए राहत और पुनर्वास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें असम में आई बाढ़ के दौरान चलाए गए राहत कार्य भी शामिल थे।

बैठक में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

चर्चा का एक प्रमुख हिस्सा युवाओं के सामने बढ़ती सामाजिक चुनौतियों पर केंद्रित रहा। प्रतिभागियों ने छात्रों और युवाओं के बीच मादक पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशाखोरी की समस्या को केवल पुलिस या कानून प्रवर्तन एजेंसियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, प्रशासन और पुलिस को मिलकर काम करने की जरूरत है।

जनसांख्यिकीय बदलाव और उसके सामाजिक प्रभावों पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया।

प्रतिनिधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा हो रही नई संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की। तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों के बीच युवाओं को रचनात्मक और सकारात्मक रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

पर्यावरण संरक्षण बैठक का एक अन्य प्रमुख विषय रहा। RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े पंच परिवर्तन अभियान के तहत सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण और दैनिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव पर चर्चा हुई।

प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे उपायों को समुदाय स्तर पर अपनाने योग्य व्यावहारिक पहल के रूप में रेखांकित किया गया।

बैठक में कौशल विकास और आत्मनिर्भर विकास के विभिन्न मॉडलों पर भी चर्चा की गई।

बैठक में साझा की गई जानकारी के अनुसार, लघु उद्योग भारती ने अपने सूक्ष्म उद्योग कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से वर्ष के दौरान 41,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया।

सी. आर. मुकुंद ने कहा कि युवाओं द्वारा उठाई जाने वाली चिंताओं और व्यवस्था से जुड़ी कमियों को रचनात्मक तरीके से दूर करने की आवश्यकता है।

NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज और सरकारों के बीच सहयोग के जरिए ऐसी समस्याओं का समाधान खोजा जाना चाहिए।

बैठक में RSS के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

डॉ. मोहन भागवत की प्रस्तावित अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन यात्राओं को संगठन के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया। इन यात्राओं का उद्देश्य भारत के बाहर रहने वाले समुदायों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाना है।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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