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पूर्वोत्तर भारत बन सकता है देश की अगली विकास शक्ति: निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सतत कृषि, जैविक खेती और प्रीमियम कृषि उत्पादों के जरिए पूर्वोत्तर भारत देश की अगली विकास शक्ति बन सकता है। उन्होंने मेघालय में पूर्वोत्तर के सबसे बड़े ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन किया।

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शिलांग, 19 जून: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर भारत सतत कृषि, प्रीमियम जैविक उत्पादों और पर्यावरण-अनुकूल विकास मॉडल के बल पर देश की अगली विकास शक्ति बन सकता है।

मेघालय के री-भोई जिले के भोइरिमबोंग में ईस्टर्न री-भोई ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के पूर्वोत्तर के सबसे बड़े ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि का भविष्य केवल अधिक उत्पादन में नहीं, बल्कि बेहतर, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन में निहित है।

सीतारमण ने कहा, “कृषि का भविष्य उन लोगों का है जो सबसे अधिक नहीं, बल्कि सबसे बेहतर उत्पादन करते हैं—ऐसे उत्पाद जो अधिक स्वच्छ, अधिक विश्वसनीय, अधिक ट्रेस करने योग्य और प्रीमियम हों।”

उन्होंने कहा कि मेघालय की पारंपरिक कृषि पद्धतियां और जैविक उत्पाद वैश्विक बाजार में विशेष पहचान बना रहे हैं। राज्य के उत्पादों पर उपभोक्ताओं का भरोसा ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

वित्त मंत्री ने कहा, “दुनिया ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां भरोसे की कीमत बढ़ रही है। मेघालय इस भविष्य के लिए विशेष रूप से तैयार है क्योंकि यहां का विश्वास प्रकृति, समुदाय और पीढ़ियों से चली आ रही पारिस्थितिक समझ पर आधारित है।”

उन्होंने कहा कि मेघालय की बढ़ती मसाला अर्थव्यवस्था यह साबित करती है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकास की कीमत प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।

“हमें प्रकृति के साथ मिलकर रहना और आगे बढ़ना होगा,” उन्होंने कहा।

भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का सपना तभी साकार होगा जब देश के सभी क्षेत्र और समुदाय इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में पूर्वोत्तर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की आकांक्षाओं का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि पूर्वोत्तर केवल देश के अन्य हिस्सों के साथ कदमताल न करे, बल्कि विकास में नेतृत्व भी करे।

उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि देश यह कहे कि पूर्वोत्तर भारत का नेतृत्व करेगा।”

वित्त मंत्री ने किसानों, विशेषकर पारंपरिक कृषि से जुड़ी महिलाओं के लिए मूल्य संवर्धन और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं और मजबूत उत्पादक सहकारी समितियां मेघालय के किसानों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगी।

नवनिर्मित ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र से राज्य के जैविक कृषि तंत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे लाकाडोंग हल्दी, अदरक और काली मिर्च जैसी फसलों के किसानों को बेहतर बाजार, अधिक मूल्य और बढ़ी हुई आय प्राप्त होगी।

यह संयंत्र मेघालय के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और क्षेत्र में टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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