Kohima, 20 July: पुरातत्वविदों की एक टीम ने Nagaland के Noklak जिले में स्थित Naga Hills Ophiolite Belt की गुफाओं और शैलाश्रयों में प्रागैतिहासिक मानव निवास के महत्वपूर्ण प्रमाण खोजे हैं। इस खोज को Nagaland के प्राचीन इतिहास को समझने की दिशा में एक बड़ी पुरातात्विक सफलता माना जा रहा है।
यह खोज मार्च में किए गए एक प्रारंभिक पुरातात्विक अभियान के दौरान हुई। अभियान का संचालन Nagaland University के Department of History and Archaeology तथा Nagaland सरकार के Department of Art and Culture की संयुक्त टीम ने किया।
अनुसंधान दल में Prof. Tiatoshi Jamir, Dr. Heme Lamthaiu, Dr. Limasanen Longkumer, Archaeological Research Officer Khumeng T., Robinson Huidrom और Delhi University की Victoria Leyri शामिल थीं।
Chiphur Village Council के सहयोग से टीम ने Chiphur क्षेत्र के चूना पत्थर वाले कार्स्ट भूभाग में व्यापक सर्वेक्षण किया। इस दौरान पांच गुफाओं और चार शैलाश्रयों की पहचान की गई। इनमें से कई स्थलों पर इससे पहले कोई व्यवस्थित पुरातात्विक अध्ययन नहीं हुआ था।
ऊंचाई वाले इन पुरातात्विक स्थलों पर की गई खुदाई में कई प्रागैतिहासिक वस्तुएं बरामद हुईं। इनमें रस्सी की छाप वाले मिट्टी के बर्तन, घिसे और तराशे गए पत्थर के औजार, प्राचीन चूल्हों के अवशेष और जले हुए अनाज के दाने शामिल हैं।
खुदाई में foxtail millet, जिसका वैज्ञानिक नाम Setaria italica है, और Job’s tears अर्थात Coix प्रजाति के अनाज के कार्बनीकृत अवशेष भी मिले। इसके अलावा जंगली पशुओं की हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद हुए हैं।
शोधकर्ताओं के अनुसार ये वस्तुएं क्षेत्र में रहने वाले शुरुआती मानव समुदायों के भोजन, कृषि, शिकार, औजार निर्माण और दैनिक जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं।
बरामद नमूनों की वैज्ञानिक आयु निर्धारित करने के लिए अमेरिका के Florida स्थित Beta Analytic Laboratory में Accelerator Mass Spectrometry यानी AMS तकनीक से परीक्षण कराया गया।
वैज्ञानिक जांच से पता चला कि Leilo Kaa शैलाश्रय करीब 3,500 वर्ष पुराना है। वहीं Kathso Kaa गुफा में लगभग 1,000 वर्ष पहले मानव निवास होने के प्रमाण मिले हैं।
इन परिणामों से संकेत मिलता है कि क्षेत्र की गुफाओं और शैलाश्रयों का उपयोग प्रागैतिहासिक काल से लेकर ऐतिहासिक काल तक अलग अलग समय में मानव समुदायों द्वारा किया जाता रहा।
शोधकर्ताओं ने कहा कि यह खोज उस लंबे समय से प्रचलित अवधारणा को और मजबूत करती है कि Northeast India प्राचीन मानव प्रवासन का एक महत्वपूर्ण मार्ग था।
Indo-Myanmar पर्वतीय क्षेत्र में स्थित Naga Hills Ophiolite Belt और उसके निकटवर्ती Naga Metamorphic Complex को पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इन क्षेत्रों में आगे होने वाले वैज्ञानिक अध्ययनों से प्रागैतिहासिक मानव प्रवासन, प्रारंभिक कृषि, मिट्टी के बर्तन बनाने की तकनीक, पत्थर के औजारों की परंपरा, दफन संस्कार और सांस्कृतिक विकास के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है।
यह खोज Nagaland के पुरातात्विक अभिलेख को समृद्ध करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य में अब तक गुफाओं और शैलाश्रयों की वैज्ञानिक खुदाई सीमित स्तर पर ही हुई है।
खुदाई में प्राप्त वस्तुओं को आम लोगों के सामने प्रस्तुत करने के लिए Nagaland सरकार के Department of Art and Culture के State Museum और Nagaland University ने इस वर्ष अक्टूबर में एक सार्वजनिक प्रदर्शनी आयोजित करने की योजना बनाई है।
प्रदर्शनी में खुदाई से प्राप्त मिट्टी के बर्तन, पत्थर के औजार, अनाज के अवशेष और अन्य पुरातात्विक वस्तुएं प्रदर्शित किए जाने की संभावना है।
यह प्रदर्शनी दर्शकों को हजारों वर्ष पहले Naga Hills में रहने वाले शुरुआती मानव समुदायों के जीवन, भोजन, तकनीक और सांस्कृतिक परंपराओं की दुर्लभ झलक प्रदान करेगी।