मिजोरम ने आधुनिक तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्वोत्तर भारत के पहले ‘न्यू एज टेक स्किल्स सेंटर’ की शुरुआत की है। इस अत्याधुनिक केंद्र का उद्घाटन राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने आइजोल के मॉडल वेंग स्थित सरकारी समग्र मॉडल स्कूल में किया।
यह परियोजना भारत फोर्ज लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत स्थापित की गई है। परियोजना के तकनीकी सहयोगी के रूप में सिमूसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज ने केंद्र की स्थापना, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन और पाठ्यक्रम विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस पहल को मिजोरम सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से लागू किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना की अवधारणा जून 2025 में आइजोल में आयोजित एक CSR कार्यशाला के दौरान सामने आई थी। इस कार्यशाला का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और मिजोरम सरकार के CSR सेल ने संयुक्त रूप से किया था।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के पहले स्कूल-स्तरीय उन्नत तकनीकी कौशल केंद्र के रूप में स्थापित इस संस्थान में विद्यार्थियों को आधुनिक और उद्योग आधारित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), 3D प्रिंटिंग, कंप्यूटर एडेड डिजाइन (CAD), CNC सिमुलेशन और ड्रोन तकनीक जैसे विषय शामिल हैं।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से छात्रों को कक्षा आधारित शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और उद्योगोन्मुखी तकनीकी ज्ञान भी प्राप्त होगा, जिससे वे भविष्य के रोजगार और नवाचार के अवसरों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सिमूसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित विशेष AI पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों के लिए तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकों का भी विमोचन किया गया। इन अध्ययन सामग्रियों का उद्देश्य स्कूली स्तर पर ही छात्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती तकनीकों के प्रति रुचि और समझ विकसित करना है।
उद्घाटन समारोह में AI, रोबोटिक्स, IoT और विभिन्न डिजिटल सिमुलेशन तकनीकों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। छात्रों और शिक्षकों ने इन तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया और आधुनिक तकनीकी दुनिया की नई संभावनाओं को करीब से देखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केंद्र न केवल मिजोरम के छात्रों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कौशल आधारित और भविष्य-केंद्रित शिक्षा के विकास के लिए एक मॉडल के रूप में भी उभरेगा।