मणिपुर इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एमआईयू) के योग विभाग के छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व योगासन चैंपियनशिप में कई पदक अपने नाम किए हैं। मलेशिया के कुआलालंपुर में 16 से 19 मई तक आयोजित 11वीं विश्व योगासन चैंपियनशिप में विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल कर मणिपुर और भारत को गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग (50-65 वर्ष) की पारंपरिक योगासन श्रेणी में पुखरामबम सत्यबती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। वहीं 23-30 वर्ष आयु वर्ग में वाहेंगबम रोनिबाला ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने रिदमिक योगासन स्पर्धा में स्वर्ण पदक तथा पारंपरिक योगासन स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।
इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए एमआईयू के एमएससी योग के छात्र पोत्सांगबम अरुण ने भारतीय टीम के कोच के रूप में चैंपियनशिप में भाग लिया। उनके मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग ने भारतीय दल के प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।
विश्वविद्यालय परिवार ने खिलाड़ियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे मणिपुर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने भारतीय टीम के कोच के रूप में पोत्सांगबम अरुण की भूमिका की भी सराहना की।
एमआईयू की रजिस्ट्रार प्रो. टी. ब्रजेश्वरी देवी ने पदक विजेताओं और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में छात्रों का प्रदर्शन उनकी मेहनत, समर्पण और योग विभाग द्वारा प्रदान किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मणिपुर और देश का नाम रोशन करते रहेंगे।
विश्व योगासन चैंपियनशिप में मिली इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मणिपुर खेल और योग के क्षेत्र में प्रतिभाओं की समृद्ध भूमि है, जहां से उभरने वाले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।