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12 साल बाद मणिपुर विश्वविद्यालय का 15वां दीक्षांत समारोह आयोजित | 1061 छात्रों को डिग्री

12 साल बाद मणिपुर विश्वविद्यालय ने 15वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। 1061 छात्रों को डिग्री, 304 स्वर्ण पदक और 104 पीएचडी प्रदान की गई। जानिए समारोह की पूरी खास बातें।

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मणिपुर विश्वविद्यालय के इतिहास में 27 मार्च 2026 का दिन एक नई शुरुआत और गर्व का क्षण बन गया। करीब 12 साल के लंबे अंतराल के बाद विश्वविद्यालय ने कांचीपुर स्थित अपने ऑडिटोरियम में 15वें दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन किया। इससे पहले अंतिम दीक्षांत समारोह 29 अप्रैल 2014 को आयोजित हुआ था।

यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि विश्वविद्यालय की स्थिरता, पुनर्निर्माण और नई दिशा का प्रतीक बनकर सामने आया। राज्य और देशभर के पूर्व छात्र, विद्यार्थी, अभिभावक और शुभचिंतक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।

समारोह में कुल 1061 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 304 स्वर्ण पदक विजेता और 104 पीएचडी शोधार्थी शामिल रहे। चुराचांदपुर, कांगपोकपी और मोरेह के संबद्ध कॉलेजों के छात्रों ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित हो सकी।

कार्यक्रम में मणिपुर के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के मुख्य कुलाध्यक्ष अजय कुमार भल्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए। कुलाधिपति प्रोफेसर टी. तिरुपति राव ने समारोह की अध्यक्षता की, जबकि भारतीय विश्वविद्यालय संघ के महासचिव पंकज मित्तल विशेष अतिथि रहे।

अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि तेजी से बदलती शिक्षा और तकनीकी दुनिया में यह दीक्षांत समारोह विशेष महत्व रखता है। यह विश्वविद्यालय के पुनर्जीवन और शैक्षणिक मजबूती का प्रतीक है।

नेतृत्व जिसने बदली विश्वविद्यालय की तस्वीर

विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि के पीछे उपकुलपति प्रोफेसर नौरेम लोकेंद्र सिंह और कुलसचिव प्रोफेसर मोइरांगथेम प्रेमजीत सिंह का महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। लंबे समय तक विवादों, प्रशासनिक अस्थिरता और नकारात्मक खबरों से जूझते रहे विश्वविद्यालय में जुलाई 2021 के बाद धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगे।

प्रोफेसर लोकेंद्र सिंह ने जटिल मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाते हुए विश्वविद्यालय का ध्यान फिर से पढ़ाई, शोध और विद्यार्थियों के विकास की ओर केंद्रित किया। वहीं कुलसचिव प्रोफेसर प्रेमजीत सिंह ने प्रशासनिक योजनाओं और कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से लागू करने में अहम भूमिका निभाई।

15वें दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन उनकी इसी निरंतर मेहनत और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम माना जा रहा है।

शिक्षा, शोध और खेलों में उपलब्धियां

दीक्षांत समारोह के दौरान प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट में विश्वविद्यालय की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। विश्वविद्यालय को NAAC से B+ ग्रेड प्राप्त हुआ और NIRF रैंकिंग में 101-150 के बीच अपनी जगह बनाए रखने में सफलता मिली।

इसके अलावा विश्वविद्यालय ने समय पर परीक्षाएं आयोजित कीं, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को लागू किया तथा कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए। शिक्षकों द्वारा 1500 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सक्रियता को दर्शाता है।

खेलों में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वर्ष 2021-22 से 2026 तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 127 पदक हासिल किए गए, जिनमें 45 स्वर्ण पदक शामिल हैं।

विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए भावुक पल

यह समारोह पूर्व छात्रों और विद्यार्थियों के लिए बेहद भावुक क्षण लेकर आया। कई ऐसे छात्र थे जिन्हें पहले बिना किसी औपचारिक समारोह के डिग्री प्राप्त हुई थी। इस बार अभिभावकों ने अपने बच्चों को मंच पर सम्मानित होते हुए देखा, जिसने कार्यक्रम को और खास बना दिया।

304 स्वर्ण पदक विजेता और 104 पीएचडी प्राप्त युवा अब मणिपुर और पूरे उत्तर-पूर्व के उज्ज्वल भविष्य की नई पहचान बनकर उभर रहे हैं।

उत्तर-पूर्व के शिक्षा केंद्र के रूप में नई पहचान

यह दीक्षांत समारोह केवल मणिपुर विश्वविद्यालय की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है। विश्वविद्यालय ने यह साबित किया है कि मजबूत नेतृत्व, पारदर्शिता और शिक्षा पर फोकस के जरिए किसी भी संस्थान को फिर से ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

हालांकि चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से भविष्य को लेकर उम्मीदें मजबूत हुई हैं। एआई, डिजिटल शिक्षा और बदलते रोजगार बाजार के दौर में विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को नई चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

मणिपुर विश्वविद्यालय की यह वापसी केवल एक संस्थान की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और सकारात्मक नेतृत्व की प्रेरणादायक कहानी बन चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, खेल और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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