उखरुल, 06 जुलाई: मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार को असम राइफल्स के जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले में दो जवान शहीद हो गए। यह हमला उखरुल-इंफाल मार्ग पर हंगपुंग गांव के नुंगशांगकोंग, जिसे स्थानीय तौर पर लुंगशांगकोंग भी कहा जाता है, पुल के पास मिकेई के जंगली क्षेत्र में हुआ।
शहीद जवानों की पहचान 40 असम राइफल्स के वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और राइफलमैन चालक सीएम सिंह के रूप में हुई है। दोनों जवान शांगशाक में तैनात 40 असम राइफल्स से जुड़े थे।
सूत्रों के अनुसार, असम राइफल्स की एक टीम उखरुल से शांगशाक बटालियन के लिए एक ट्रक में राशन लेकर जा रही थी। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे अज्ञात उग्रवादियों ने टीम पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तीव्र था कि क्षेत्र में करीब डेढ़ घंटे तक रुक रुक कर गोलीबारी होती रही। फायरिंग लगभग 3.30 बजे के आसपास थमी।
हमले में दो असम राइफल्स कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। सूत्रों ने बताया कि उन्हें शांगशाक बटालियन मुख्यालय ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद असम राइफल्स की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंचीं और मिकेई के जंगली क्षेत्र को घेर लिया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में तलाशी और सैनिटाइजेशन अभियान चलाया। हमले वाले स्थान की जांच के दौरान सड़क पर ट्रक खड़ा पाया गया, जिस पर 20 से अधिक गोलियों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। ट्रक के बाएं हिस्से पर खून के धब्बे भी देखे गए।
घटना की सूचना मिलते ही उखरुल से मीडियाकर्मियों की एक टीम भी ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए मौके पर पहुंची। हालांकि, राजमार्ग पर तैनात असम राइफल्स कर्मियों ने पहचान बताने के बावजूद मीडियाकर्मियों को पहले घटनास्थल तक जाने से रोका। बाद में जब मीडियाकर्मी घटनास्थल तक पहुंचे, तब तक घायल जवानों को वहां से निकाला जा चुका था।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाके में आवाजाही रोक दी। इंफाल-उखरुल मार्ग पर दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया, जिससे कई यात्री, स्थानीय लोग और किसान लंबे समय तक फंसे रहे। पास की एक प्लाई फैक्ट्री में काम कर रहे महिलाओं सहित 50 से अधिक मजदूरों को भी सुरक्षा जांच के दौरान रोका गया और सड़क किनारे रखा गया।
बाद में उखरुल के पुलिस अधीक्षक अभिनव के नेतृत्व में पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। तांगखुल नागरिक संगठनों, टीएनएल और टीएसएल के प्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे और जमीनी हालात की जानकारी ली।
समाचार लिखे जाने तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान और हमले के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं।
आधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला नेशनल हाईवे 202 के पास नुंगशांगकोंग क्षेत्र में हुआ और इसमें 40 असम राइफल्स के दो जवान मारे गए। कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों ने भी हमले में दो असम राइफल्स कर्मियों की मौत की पुष्टि की है।