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मणिपुर SIR प्रक्रिया में कई खामियां उजागर, विस्थापित मतदाताओं के लिए स्थायी निवास प्रमाणपत्र बना बड़ी चुनौती

मणिपुर में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान कई खामियां सामने आई हैं। विस्थापित मतदाताओं से स्थायी निवास प्रमाणपत्र मांगे जाने और बंगाली लिपि में मतदाता सूची होने से BLO और BLA को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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इंफाल, 3 अगस्त 2026: मणिपुर में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई खामियां और व्यावहारिक समस्याएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी समस्या लंबे समय से हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों (IDPs) से स्थायी निवास प्रमाणपत्र (Permanent Residential Certificate) प्रस्तुत करने की मांग को लेकर सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, SIR प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों द्वारा विस्थापित मतदाताओं से संबंधित उपायुक्त (Deputy Commissioner) के कार्यालय से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र जमा करने को कहा जा रहा है, ताकि उनके नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अपडेट किए जा सकें।

हालांकि, बड़ी संख्या में विस्थापित लोग ऐसे प्रमाणपत्र प्राप्त करने की स्थिति में नहीं हैं। विशेष रूप से चुराचांदपुर जिले से विस्थापित मैतेई समुदाय के लोग सुरक्षा और अन्य कारणों से चुराचांदपुर के उपायुक्त कार्यालय जाकर प्रमाणपत्र लेने में असमर्थ हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि उनसे मांगे जा रहे दस्तावेज़ वर्तमान परिस्थितियों में उपलब्ध कराना लगभग असंभव है।

गौरतलब है कि हाल ही में सामने आई प्रारूप मतदाता सूची में चुराचांदपुर जिले के 727 मैतेई मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी, जिससे विस्थापित मतदाताओं की चिंता और बढ़ गई है।

इसके अलावा, SIR प्रक्रिया में एक और बड़ी समस्या भाषा और लिपि से जुड़ी सामने आई है। राज्य में वर्षों पहले बंगाली लिपि के स्थान पर मैतेई मयेक को अपनाया जा चुका है, लेकिन नवीनतम मतदाता सूची अब भी बंगाली लिपि में उपलब्ध है।

ऐसी स्थिति में कई बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) बंगाली लिपि पढ़ने या लिखने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन कार्य प्रभावित हो रहा है।

इन व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए प्रभावित लोगों का कहना है कि SIR प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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