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मणिपुर की अनुमानित आबादी 2026 में 33.06 लाख के पार, 2011 से 15.78 प्रतिशत वृद्धि

विश्व जनसंख्या दिवस 2026 पर स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मणिपुर की अनुमानित आबादी 33.06 लाख हो गई है, जो 2011 की तुलना में करीब 15.78 प्रतिशत अधिक है।

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इम्फाल, 14 जुलाई 2026: मणिपुर की अनुमानित आबादी वर्ष 2026 में बढ़कर 33.06 लाख से अधिक हो गई है। यह वर्ष 2011 की जनगणना के मुकाबले करीब 15.78 प्रतिशत की वृद्धि है।

परिवार कल्याण सेवा निदेशक डॉ. एन. बिनो ने विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के अवसर पर चिंगमेइरॉन्ग स्थित होटल क्लासिक ग्रांडे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।

डॉ. बिनो ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मणिपुर की कुल आबादी 28.56 लाख थी। इसमें 14.39 लाख पुरुष और लगभग 14.17 लाख महिलाएं शामिल थीं। वर्ष 2026 में राज्य की अनुमानित जनसंख्या 33.06 लाख तक पहुंच गई है।

कार्यक्रम का आयोजन मणिपुर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवा निदेशालय और राज्य स्वास्थ्य सोसायटी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मणिपुर ने संयुक्त रूप से किया।

इस वर्ष के आयोजन में अनचाहे गर्भधारण को रोकने तथा मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए गर्भधारण के उचित समय और दो गर्भधारण के बीच पर्याप्त अंतर रखने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में एनएचएम मणिपुर के राज्य मिशन निदेशक एन. दिनेश, रिम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एम. रामेश्वर और जेएनआईएमएस की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हेलेन कामेई उपस्थित थीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बिनो ने कहा कि विश्व की जनसंख्या वर्तमान में लगभग 0.84 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रही है। इसके कारण हर साल वैश्विक आबादी में 6.9 करोड़ से अधिक लोगों की वृद्धि हो रही है।

उन्होंने कहा कि करीब चार दशक पहले विश्व की जनसंख्या लगभग तीन अरब थी, जो अब आठ अरब से अधिक हो चुकी है। वर्ष 2037 तक वैश्विक आबादी के लगभग नौ अरब तक पहुंचने का अनुमान है।

डॉ. बिनो के अनुसार भारत की वर्तमान अनुमानित आबादी करीब 1.47 अरब है, जो विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 17.78 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश के लिए जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा सभी नागरिकों के लिए प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं, परिवार नियोजन और लैंगिक समानता की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को सामने लाना है।

डॉ. बिनो ने कहा कि उचित परिवार नियोजन के माध्यम से स्वस्थ समाज का निर्माण, जीवन स्तर में सुधार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सकता है।

उन्होंने यौन शिक्षा, गर्भधारण का उचित समय तय करने, दो बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतर रखने, गर्भनिरोधक उपायों और कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

इसके साथ ही उन्होंने बाल विवाह रोकने और किशोरावस्था में गर्भधारण से बचने को एक स्वस्थ तथा मजबूत समाज के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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