इंफाल, 05 जुलाई: भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को मणिपुर की सभी 60 विधानसभा सीटों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत ड्राफ्ट फोटो मतदाता सूची प्रकाशित की। इस ड्राफ्ट रोल में कुल 19,34,399 मतदाताओं को शामिल किया गया है, जो राज्य के प्री रिवीजन मतदाताओं का 92.42 प्रतिशत है।
लम्फेल स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि प्री ड्राफ्ट मतदाताओं की कुल संख्या 20,93,076 थी। इनमें से 19,34,399 मतदाताओं ने 30 मई से 28 जून के बीच चले पुनरीक्षण अभियान के दौरान अपने गणना प्रपत्र जमा किए।
उन्होंने बताया कि 1,58,677 मतदाताओं यानी 7.58 प्रतिशत ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए। इसके पीछे मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में नाम दर्ज होना, मतदाता का पता न चल पाना, दोहरी प्रविष्टि या निर्धारित समय के भीतर प्रपत्र जमा न करना जैसे कारण शामिल हैं।
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 43,000 मृत मतदाताओं की पहचान की गई, जो कुल संख्या का 2.06 प्रतिशत है। इसके अलावा 1,08,283 मतदाता ऐसे पाए गए जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, अनुपस्थित हैं या अन्य श्रेणियों में आते हैं, जिनके सत्यापन की आवश्यकता है। इसी तरह 7,394 दोहरी प्रविष्टियों की भी पहचान की गई, जो 0.35 प्रतिशत है। निर्वाचन अधिकारियों ने कहा कि दोहरी प्रविष्टि के मामलों में नाम केवल मतदाता के वैध पंजीकरण स्थल पर ही रखा जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन का अर्थ यह नहीं है कि जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं, उनके नाम स्वतः हट जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से तभी हटाया जा सकता है, जब उसे सुनवाई का अवसर दिया गया हो। सुनवाई के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी द्वारा कारणयुक्त आदेश पारित किए जाने के बाद ही किसी का नाम हटाया जा सकता है।
सिन्हा ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं, वे अभी भी अपना नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। इसके साथ निर्धारित घोषणा पत्र भी देना होगा। दावे और आपत्तियों की अवधि 05 जुलाई से 04 अगस्त तक रहेगी। जिन मतदाताओं को अपनी जानकारी में सुधार कराना है या अपना नाम किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित कराना है, वे पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 8 जमा कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नोटिस और सत्यापन चरण 02 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी दावों और आपत्तियों की जांच करेंगे, आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्रीय सत्यापन करेंगे और सभी आवेदनों का निपटारा करेंगे। अंतिम मतदाता सूची से असंतुष्ट मतदाताओं को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत अपील करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त होगा।
ड्राफ्ट रोल के अनुसार मणिपुर में कुल 19,34,399 मतदाता हैं। इनमें 9,40,446 पुरुष मतदाता, 9,93,660 महिला मतदाता और 293 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। सूची में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 20,442 नए मतदाता भी शामिल हैं।
यह पुनरीक्षण अभियान राज्य के सभी 16 जिलों में चलाया गया। इसके लिए 60 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 84 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 317 बूथ स्तर अधिकारी पर्यवेक्षक और 2,956 बूथ स्तर अधिकारी तैनात किए गए थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, इस प्रक्रिया में 10 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने भाग लिया। बूथ स्तर एजेंटों की संख्या भी 5,003 से बढ़कर 6,363 हो गई, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक भागीदारी बढ़ी। आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला नोडल अधिकारियों के माध्यम से विशेष व्यवस्था भी की गई।
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के तहत राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 2,956 से बढ़ाकर 3,041 कर दी गई है। मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 85 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आयोग ने कहा कि अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं हैं।
निर्वाचन अधिकारियों ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की बूथवार सूची निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों में प्रदर्शित की है। इन सूचियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है, ताकि जनता उनकी जांच कर सके।
दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची 06 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।