मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा है कि उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए नागा नागरिकों की तलाश के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं और सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कांगपोकपी जिले के माखन गांव का दौरा कर राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित परिवारों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री माखन बैपटिस्ट चर्च पहुंचे, जहां कोंसाखुल गांव से विस्थापित होकर आए कई नागा परिवार फिलहाल शरण लिए हुए हैं। उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं, बच्चों और अन्य लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मीडिया से बातचीत करते हुए युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि छह नागा नागरिकों के अपहरण मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले हुई हिंसा में मारे गए दो बच्चों के शव भी अभी तक बरामद नहीं हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि स्निफर डॉग्स की मदद से दुर्गम इलाकों में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने माना कि पहाड़ी क्षेत्रों का कठिन भूगोल और विशाल क्षेत्रफल अभियान को चुनौतीपूर्ण बना देता है, जिसके कारण समय अधिक लग रहा है।
उन्होंने कहा, “सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। सुरक्षा बल दिन-रात अभियान चला रहे हैं और हमें उम्मीद है कि लापता लोगों का जल्द पता लगा लिया जाएगा।”
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उन महिलाओं से भी बंद कमरे में मुलाकात की जिन्हें कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने अपहरण के बाद बाद में रिहा कर दिया था। महिलाओं ने भावुक होकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी आपबीती सुनाई और अपहृत पुरुषों को वापस लाने की मांग की।
महिलाओं ने बताया कि 13 मई को अपहरण के बाद उन्हें एक पहाड़ी स्थान पर ले जाकर हाथ-पैर बांधकर रखा गया था। उन्होंने कहा कि उनके पति और अन्य पुरुषों को उनसे अलग कर दिया गया था, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। कई महिलाएं बातचीत के दौरान रो पड़ीं और मुख्यमंत्री से अपने परिजनों को “जिंदा या मृत” वापस लाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे लोगों को चावल, दाल, आलू, प्याज, खाद्य तेल, चीनी, चायपत्ती और बिस्कुट समेत जरूरी राहत सामग्री वितरित की। बताया गया कि फिलहाल करीब 35 विस्थापित लोग माखन गांव में शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने गांव के सामुदायिक भवन का भी निरीक्षण किया और अधिक विस्थापित लोगों को ठहराने की संभावनाओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कांगपोकपी के उपायुक्त को निर्देश दिया कि जरूरतमंद परिवारों को गद्दे, मच्छरदानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
इस दौरान गांव के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि भय और असुरक्षा के कारण जिले के कई नागा परिवार अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
मुख्यमंत्री के साथ Deputy Chief Minister Losii Dikho, MLAs Leishiyo Keishing, Awangbow Newmai, Heikham Dingo Singh, Janghemlung Panmei, Khashim Vashum, Ram Muivah, J Kumo Sha, Commissioner (Home) N. Ashok Kumar तथा Deputy Commissioner of Kangpokpi Mahesh Chaudhari समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री के आगमन पर माखन बैपटिस्ट चर्च में उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। बाद में उन्होंने गांव के प्रतिनिधियों और प्रभावित परिवारों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बैठक कर मौजूदा स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की।