इम्फाल, 16 जुलाई 2026: नागरिक समाज संगठन Imagi Meira ने लीमाखोंग क्षेत्र के कांटो साबल में छह मैतेई परिवारों के घर कथित रूप से जलाए जाने और केंद्रीय सशस्त्र बलों द्वारा नागरिकों पर बल प्रयोग किए जाने के मामले में FIR दर्ज करने तथा स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
संगठन ने मणिपुर के पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में शिकायत सौंपी है। यह शिकायत सेक्माई पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत की गई।
शिकायत के अनुसार, Leimakhong एरिया प्रोटेक्शन कमेटी की ओर से आयोजित एक रैली 11 जुलाई को कांटो साबल पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान मैतेई समुदाय के सदस्यों के छह घरों में आग लगा दी गई, जिससे सभी मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। इमागी मीरा ने शिकायत में आरोप लगाया कि जब मैतेई और नगा समुदाय के लोग जान माल की रक्षा करने तथा आगे की तबाही रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र की ओर बढ़ने लगे, तो वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों ने उन्हें रोक दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि नागरिकों को तितर बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने मॉक बम, लाठीचार्ज और गोलियों का इस्तेमाल किया। संगठन ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने कथित रूप से कुकी समूह के सदस्यों द्वारा की जा रही आगजनी और गोलीबारी को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।
Imagi Meira ने कहा कि यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो इससे वहां तैनात सुरक्षा बलों के कर्तव्य पालन, निष्पक्षता और आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
सभी घर जलने के बाद पहुंची पुलिस: शिकायत
संगठन ने आरोप लगाया कि इंफाल पश्चिम के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम उस समय घटनास्थल पर पहुंची, जब सभी छह घर पूरी तरह जल चुके थे। इमागी मीरा ने अधिकारियों की प्रतिक्रिया में कथित देरी और प्रभावित नागरिकों एवं उनकी संपत्तियों की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जांच करने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया कि घटना से संबंधित वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने भी इस घटना की रिपोर्टिंग की है।
संगठन ने पुलिस से इन वीडियो और तस्वीरों को तत्काल एकत्र करने, सुरक्षित रखने और उनकी वैज्ञानिक जांच कराने का आग्रह किया है, ताकि घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।
CCTV और वायरलेस रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
Imagi Meira ने घटनास्थल पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र बल की इकाई के कमांडिंग ऑफिसर सहित सभी अधिकारियों और जवानों की पहचान करने की मांग की है।
संगठन ने पुलिस से CCTV फुटेज, ड्रोन फुटेज, बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग, वायरलेस संचार रिकॉर्ड, तैनाती आदेश, जवानों के मूवमेंट रजिस्टर, ड्यूटी रोस्टर तथा घटना से जुड़े अन्य आधिकारिक अभिलेखों को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।
इसके साथ ही प्रभावित परिवारों, प्रत्यक्षदर्शियों, स्थानीय निवासियों, पुलिसकर्मियों और घटनास्थल पर मौजूद केंद्रीय बलों के जवानों के बयान दर्ज करने की मांग की गई है।
लापरवाही और अधिकारों के दुरुपयोग की जांच हो
Imagi Meira ने मांग की कि केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार की देरी, चूक, लापरवाही, कर्तव्यहीनता, अधिकारों के दुरुपयोग या कानूनी दायित्वों का निर्वहन नहीं किए जाने की निष्पक्ष जांच की जाए। शिकायत में कहा गया कि घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ पद और रैंक की परवाह किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगठन ने आगजनी से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त सुरक्षा, मुआवजा, राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने की भी मांग की है। Imagi Meira ने आग्रह किया कि जांच रिपोर्ट संबंधित केंद्रीय सशस्त्र बल के सक्षम अधिकारी को भेजी जाए, ताकि आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके।
यदि जांच में आपराधिक जिम्मेदारी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी शुरू की जाए।