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जलुकी में उमड़ा जनसैलाब, अपहृत छह नागा नागरिकों की रिहाई को लेकर जोरदार प्रदर्शन

नागालैंड के जलुकी में 2000 से अधिक लोगों ने रैली निकालकर मणिपुर में कथित रूप से अपहृत 6 नागा नागरिकों की सुरक्षित रिहाई की मांग की। राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।

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मणिपुर में कथित रूप से अपहृत छह नागा नागरिकों की सुरक्षित और बिना शर्त रिहाई की मांग को लेकर नागालैंड के जलुकी टाउन स्क्वायर में शुक्रवार को विशाल जनसभा और रैली का आयोजन किया गया। ज़ेलियांगरोंग बाउदी नागालैंड (ZBN) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न नागा समुदायों के 2,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।

रैली के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपहृत नागरिकों की रिहाई तथा न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और लापता लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान नागालैंड के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी तैयार किया गया, जिसे पेरेन जिले के उपायुक्त के माध्यम से भेजा गया। ज्ञापन में केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से अपहृत नागरिकों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।

सभा को संबोधित करते हुए ज़ेलियांगरोंग बाउदी नागालैंड के अध्यक्ष के. फ्रांसिस ज़ेलियांग ने कहा कि पूरा समुदाय इस मुद्दे पर एकजुट है और निर्दोष नागरिकों को किसी भी संघर्ष का हिस्सा बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बंधक बनाकर रखना मानवाधिकारों और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने मणिपुर और केंद्र सरकार की कार्यवाही पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल बने हुए हैं। उनके अनुसार, अपहृत नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

नागालैंड ज़ेलियांग पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NZPO) के अध्यक्ष ज़ांडी डोमता ने कहा कि 13 मई को कोंसाखुल के 18 नागा ग्रामीणों को कथित रूप से लेइलोन वैफेई क्षेत्र के पास अगवा किया गया था। उन्होंने बताया कि बाद में 12 लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन छह नागरिक अब भी लापता हैं।

डोमता ने कहा कि शेष छह लोगों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई होनी चाहिए तथा घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले का जल्द समाधान नहीं हुआ तो इससे लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।

सभा में ज़ेलियांगरोंग बाउदी (असम, मणिपुर और नागालैंड) के महासचिव तादाम्बो, ज़ेलियांग यूथ ऑर्गनाइजेशन नागालैंड के अध्यक्ष नगौतुबे तथा अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने समुदाय के लोगों से एकजुट रहने और शांति बनाए रखने की अपील की।

ज़ेमे काउंसिल नागालैंड के अध्यक्ष एशियाकपे अर्नेस्ट सेफे ने कहा कि अपहृत लोग सामान्य नागरिक थे, जो एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। उन्होंने इस घटना को अमानवीय बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

अपहृत व्यक्तियों में से एक के परिजन और पादरी केनपिबौ ने समुदाय द्वारा दिखाई गई एकजुटता और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में समाज का सहयोग परिवारों को हौसला दे रहा है।

रैली में लियांगमै काउंसिल नागालैंड, रोंगमेई काउंसिल नागालैंड, ज़ेलियांगरोंग मिपुई ऑर्गनाइजेशन नागालैंड, ज़ेलियांग महिला संगठन, ज़ेलियांगरोंग स्टूडेंट्स यूनियन नागालैंड और ज़ेलियांग स्टूडेंट्स यूनियन समेत कई संगठनों ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में अपहृत नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई और सरकार से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग दोहराई गई।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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