इंफाल, 30 जून: मणिपुर की राजधानी इंफाल पश्चिम स्थित चांगांगगेई कम्युनिटी हॉल में सोमवार को छह लियांगमाई नागा नागरिकों के कथित अपहरण और निर्मम हत्या के विरोध में एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन जस्टिस फॉर द सिक्स सन्स ऑफ कौब्रू जॉइंट कमेटी (J6SKUC) के बैनर तले आयोजित हुआ, जिसमें कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भाग लिया।
धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर न्याय की मांग दोहराई। इस दौरान उन्होंने तख्तियां और बैनर लेकर दोषियों की गिरफ्तारी, कानून का निष्पक्ष पालन और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
इस आंदोलन को चांगांगगेई अपुनबा क्लब, लांगदाई खांगसुनाहा, जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल (JTC), AMUCO, COCOMI, 14 सिविल सोसायटी संगठनों, RIFPCO मणिपुर समेत कई अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ।
J6SKUC एक नागरिक मंच है, जिसका गठन छह लियांगमाई नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या के मामले में न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। यह समिति जॉइंट ट्राइब्स काउंसिल (JTC) के संरक्षण में गठित की गई है, जो इनपुई, लियांगमाई, रोंगमेई और ज़ेमे जनजातियों का शीर्ष संगठन है। समिति का समन्वय चिंगदिनलियू पनमेई, राज्य अध्यक्ष, रोंगमेई नागा लुफ्वाम, मणिपुर द्वारा किया जा रहा है।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सामुदायिक नेताओं, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने "नामजद हत्यारों को गिरफ्तार करो", "दोषियों पर मुकदमा चलाओ", "SoO समझौता समाप्त करो", "KNF-P को आतंकवादी संगठन घोषित करो", "जवाबदेही शीर्ष स्तर से शुरू होनी चाहिए" और "हमारी भूमि की रक्षा करो, कानून का सम्मान करो" जैसे नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए J6SKUC के प्रतिनिधियों ने कहा कि निर्दोष नागरिकों के अपहरण और हत्या जैसे मामलों में न्याय में देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून के निष्पक्ष और समान अनुपालन की मांग के लिए है।
सरकार के सामने रखीं गईं 5 प्रमुख मांगें
समिति ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित पांच मांगें रखीं—
- छह लियांगमाई नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या में कथित रूप से शामिल सभी आरोपियों, जिनमें लालबोई वैफेई, थांगगिलियन वैफेई और कुकी नेशनल फ्रंट (KNF-P) के सदस्यों का नाम शामिल है, को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।
- सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को तत्काल समाप्त कर उसके तहत चल रहे कथित प्रॉक्सी युद्ध पर निर्णायक कार्रवाई की जाए।
- कुकी नेशनल फ्रंट (KNF-P) को आतंकवादी संगठन घोषित कर उसके सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- जनता का विश्वास बहाल करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को तत्काल पद से हटाया जाए।
- कानून का उल्लंघन कर बसाए गए सभी अवैध गांवों को हटाकर सरकारी एवं संरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
समिति ने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य कानून का राज स्थापित करना, दोषियों को जवाबदेह बनाना और दंडमुक्ति की संस्कृति को समाप्त करना है। उन्होंने भारत सरकार और मणिपुर सरकार से बिना किसी देरी के कार्रवाई करने की अपील करते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई व्यक्ति या संगठन नहीं होना चाहिए।
J6SKUC ने यह भी घोषणा की कि जब तक छह लियांगमाई नागा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता, दोषियों को कानून के कटघरे में नहीं लाया जाता और सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।