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घायल कुकी उग्रवादियों को RIMS लाने पर इंफाल में विरोध, सुरक्षा बलों ने दागे आंसू गैस के गोले

इंफाल के RIMS में तीन घायल कुकी उग्रवादियों को सेना की सुरक्षा में लाए जाने पर विरोध भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने छह नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या पर सरकार तथा सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए।

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इंफाल, 15 जून: लेइलोन वैफेई में दिन में हुई मुठभेड़ के बाद तीन घायल कुकी उग्रवादियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, RIMS, इंफाल लाए जाने पर सोमवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा एजेंसियां और सेना उन उग्रवादियों को उपचार की सुविधा दे रही हैं, जिन पर निर्दोष नागरिकों की हत्या और हाल ही में छह नागा नागरिकों के अपहरण तथा निर्मम हत्या में शामिल होने का आरोप है।

घायलों की पहचान लेइमाखोंग निवासी 18 वर्षीय गेन्लेनमांग वैफेई, पी मोल्डिंग निवासी 20 वर्षीय लुनलियांदान वैफेई और कांगपोकपी निवासी 18 वर्षीय पाओगौलाल चोंगलोई के रूप में हुई है। उन्हें दोपहर के करीब भारतीय सेना की एम्बुलेंस से RIMS लाया गया। अस्पताल में उनके प्रवेश के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

घायल कुकी उग्रवादियों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग RIMS परिसर और उसके आसपास एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन विफल रहा, तब मुठभेड़ में घायल उग्रवादियों को इतनी तेजी से सुरक्षित चिकित्सा सुविधा क्यों उपलब्ध कराई गई।

प्रदर्शनकारियों का आक्रोश विशेष रूप से लेइलोन वैफेई से अगवा किए गए छह नागा नागरिकों की हत्या को लेकर था। प्रदर्शनकारियों और नागा संगठनों ने कहा कि इन नागरिकों को कथित रूप से कुकी उग्रवादी समूहों द्वारा अगवा किया गया था और बाद में उनके शव 10 जून को क्षत विक्षत अवस्था में मिले। इस घटना ने नागा समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा किया है।

भीड़ बढ़ने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने RIMS के मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया ताकि प्रदर्शनकारी अस्पताल परिसर में प्रवेश न कर सकें। इसके बावजूद परिसर के भीतर पहले से मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जारी रखा और घायल कुकी उग्रवादियों के उपचार पर आपत्ति जताई।

करीब दोपहर 3 बजे स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बैरिकेड तोड़कर कैजुअल्टी वार्ड की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले और मॉक बम दागकर भीड़ को अस्पताल परिसर से बाहर खदेड़ा।

सुरक्षा कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी RIMS के मुख्य प्रवेश द्वार के पास फिर से एकत्र हो गए और सरकार, सुरक्षा बलों तथा सेना के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। शाम करीब 5 बजे लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों से क्षेत्र खाली करने की अपील की गई।

जब प्रदर्शन जारी रहा, तो सुरक्षा बलों ने अस्पताल की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर फिर से आंसू गैस के गोले और मॉक बम दागे। भीड़ दक्षिण दिशा में RIMS क्रॉसिंग और उत्तर दिशा में लम्फेल इलेक्ट्रिसिटी ट्रैफिक प्वाइंट की ओर तितर बितर हो गई।

पत्थरबाजी और आंसू गैस के गोले दागे जाने की घटनाएं शाम करीब 6 बजे तक रुक रुक कर जारी रहीं। रिपोर्ट दर्ज किए जाने तक RIMS परिसर और आसपास का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मणिपुर, ANSAM के पदाधिकारियों ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नागा समुदाय यह देखकर आहत है कि जिन कुकी उग्रवादियों पर नागरिकों पर हमलों और हत्याओं में शामिल होने का आरोप है, उन्हें सेना की सुरक्षा में इंफाल लाकर उपचार दिया गया।

ANSAM प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि छह नागा नागरिकों के अपहरण और हत्या के दौरान सुरक्षा बल समय पर कार्रवाई करने में क्यों विफल रहे। उन्होंने कहा कि बार बार अपील के बावजूद प्रशासन ने उस मामले में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई, जबकि घायल कुकी उग्रवादियों को तुरंत सुरक्षित निकासी और चिकित्सा सुविधा दी गई।

संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से पक्षपात की धारणा मजबूत हुई है। ANSAM ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अधिकारियों और कुकी उग्रवादी समूहों के बीच कोई सांठगांठ है।

ANSAM ने छह नागा नागरिकों के अपहरण, हत्या और शवों को क्षत विक्षत किए जाने की घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन ने कहा कि नागा समुदाय नागरिकों की सुरक्षा में विफलता और न्याय में देरी को और अधिक सहन नहीं करेगा।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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