ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ENPO) ने नागालैंड सरकार पर फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) से जुड़े समझौते की मूल भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि सरकार उन महत्वपूर्ण प्रावधानों को बदलने की कोशिश कर रही है, जिन पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और ENPO के बीच लंबे समय तक चली वार्ताओं के बाद सहमति बनी थी।
शनिवार को जारी एक बयान में ENPO ने कहा कि 5 फरवरी 2025 को हस्ताक्षरित मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पूर्वी नागालैंड के लोगों की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और विकास संबंधी मांगों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। इस समझौते के तहत FNTA को एक विशेष स्वायत्त प्रशासनिक ढांचे के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
संगठन के अनुसार, FNTA को विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकार प्रदान किए जाने की परिकल्पना की गई थी ताकि पूर्वी नागालैंड के जिले अपने विकास और प्रशासनिक जरूरतों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें। ENPO का कहना है कि यह व्यवस्था राज्य की संवैधानिक संरचना के भीतर रहते हुए क्षेत्र के लोगों को अधिक अधिकार और भागीदारी देने के उद्देश्य से तैयार की गई थी।
ENPO ने जोर देकर कहा कि समझौते का प्रत्येक प्रावधान वर्षों तक चली चर्चाओं, परामर्श बैठकों और त्रिपक्षीय वार्ताओं का परिणाम है। ऐसे में किसी भी धारा में बदलाव या उसे कमजोर करना समझौते के मूल उद्देश्य को नुकसान पहुंचाने के समान होगा।
संगठन ने नागालैंड सरकार से मांग की है कि FNTA विधेयक को बिना किसी संशोधन के राज्य विधानसभा में पेश कर पारित किया जाए। ENPO का कहना है कि यह व्यवस्था पूर्वी नागालैंड में विकास की कमी, प्रशासनिक चुनौतियों और लंबे समय से महसूस किए जा रहे उपेक्षा के भाव को दूर करने के लिए तैयार की गई थी।
ENPO ने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार पहले FNTA को व्यापक स्वायत्तता देने के पक्ष में थी। संगठन के अनुसार, वर्ष 2023 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई राज्य सरकार की टिप्पणियों और सुझावों में भी प्रस्तावित प्राधिकरण को विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकार देने पर सहमति व्यक्त की गई थी।
संगठन ने सरकार से समझौते का अक्षरशः पालन करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि इसे पूरी ईमानदारी से लागू किया जाता है तो इससे पूर्वी नागालैंड में शांति, विकास और जनकल्याण को नई गति मिलेगी।
इस बीच, बढ़ते विवाद के मद्देनजर ENPO ने 3 जून को तुएनसांग में अपनी केंद्रीय कार्यकारी परिषद (CEC) की बैठक बुलाई है। बैठक में संगठन की आगे की रणनीति और स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें पूर्वी नागालैंड के विधायकों और विभिन्न जिला इकाइयों के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया है।
CEC की बैठक से पहले 2 जून को पूर्वी नागालैंड के विभिन्न राजनीतिक दलों, जनजातीय परिषदों तथा जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक व्यापक परामर्श बैठक भी आयोजित की जाएगी। ENPO ने राजनीतिक दलों से तीन-तीन प्रतिनिधियों को भेजने का अनुरोध किया है, जबकि जनजातीय परिषदों से उनके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हालांकि, ENPO द्वारा लगाए गए आरोपों और FNTA समझौते से जुड़े विवाद पर नागालैंड सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।