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मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस का सवाल, शांति के लिए रोडमैप कहां है?

मणिपुर कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र ने राज्य सरकार से हिंसा प्रभावित राज्य में शांति बहाली, पुनर्वास और सामान्य स्थिति की वापसी के लिए स्पष्ट रोडमैप और समयसीमा बताने की मांग की है।

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इम्फाल, 23 जून: मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा और लंबे समय से बनी अस्थिर स्थिति को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार से सीधा सवाल पूछा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र ने मांग की है कि सरकार शांति बहाली, विस्थापितों के पुनर्वास और सामान्य स्थिति की वापसी के लिए स्पष्ट रोडमैप और समयसीमा जनता के सामने रखे।

मेघचंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि 3 मई 2023 से मणिपुर के लोग लगातार कठिनाइयों, विस्थापन, अनिश्चितता और सामान्य जीवन में व्यवधान का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 260 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि करीब पांच महीने पुरानी भाजपा नीत सरकार को अब तक शांति बहाली के लिए व्यावहारिक और पारदर्शी योजना पेश करनी चाहिए थी। उनके अनुसार, राज्य की स्थिति जटिल जरूर है, लेकिन जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकार हालात सामान्य करने के लिए कौन से ठोस कदम उठा रही है।

मेघचंद्र ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि लोगों का भरोसा बहाल करने, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए क्या योजना बनाई गई है।

उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि शांति बहाली का रोडमैप क्या है, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और सामान्य स्थिति बहाल करने की समयसीमा क्या है।

कांग्रेस विधायक ने यह भी कहा कि सरकार को प्रभावित समुदायों के बीच न्याय, सुरक्षा और मेल मिलाप सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को भी सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मणिपुर के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही और दिखाई देने वाली प्रगति चाहिए।

मेघचंद्र ने कहा कि शांति को अनिश्चितकाल तक केवल एक वादा बनाकर नहीं रखा जा सकता। इसके लिए पारदर्शी, समयबद्ध और समावेशी योजना जरूरी है, जो सभी प्रभावित समुदायों की चिंताओं को ध्यान में रखे।

उन्होंने कहा कि मणिपुर की जनता सरकार से निर्णायक कार्रवाई, स्पष्ट जवाब और शांतिपूर्ण तथा सुरक्षित भविष्य की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद करती है।

गौरतलब है कि मणिपुर मई 2023 से मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा से जूझ रहा है। इस हिंसा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। कांग्रेस की यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब प्रशासन राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयासों का दावा कर रहा है।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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