ईटानगर, 9 जुलाई 2026: केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में सड़क संपर्क और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के तहत 611.17 करोड़ रुपये की 17 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत इन परियोजनाओं से राज्य के दूरदराज, ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 9 जुलाई को केंद्र की मंजूरी की जानकारी देते हुए इसे राज्य की विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का राज्य के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने पर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि 2026-27 के तहत 611.17 करोड़ रुपये की 17 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
लोक निर्माण विभाग ने भेजा था प्रस्ताव
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आधिकारिक सूचना के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने राज्य की 17 प्राथमिक सड़क परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव भेजा था।
राज्य सरकार ने शुरुआत में 592.50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी मांगी थी। केंद्र सरकार ने समीक्षा के बाद कुल 611.17 करोड़ रुपये के निर्माण और उन्नयन कार्यों को स्वीकृति दी।
स्वीकृत परियोजनाएं राज्य के कई जिलों में फैली हुई हैं। इनमें प्रमुख जिला सड़कों, गांवों को जोड़ने वाले मार्गों और महत्वपूर्ण संपर्क गलियारों का निर्माण तथा उन्नयन शामिल है।
इन प्रमुख सड़कों का होगा निर्माण और उन्नयन
स्वीकृत परियोजनाओं में पूर्वी कामेंग जिले की निंगचो-लांगपिया सड़क और पाक्के केसांग जिले की लात्सुम पाटे-नामोराह सड़क शामिल हैं।
पापुम पारे जिले में हारा हप्पा से अपर न्योर्च सड़क और एनएच-13 से होते सड़क को भी मंजूरी दी गई है।
लोअर सियांग जिले में गेंगी से सुबनसिरी फेरी घाट सड़क, जबकि पूर्वी सियांग जिले में मिरेम से रेसिंग सड़क का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा।
चांगलांग जिले में असम राइफल्स शिविर के निकट एमवी रोड से मियाओ सिंगफो गांव तक सड़क परियोजना को भी स्वीकृति मिली है।
लॉन्गडिंग जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मार्ग से कैला कोमनू और लोंगवो गांवों के रास्ते पोंगचाऊ तक सड़क तथा लॉन्गडिंग-नोकजान सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है।
तिरप जिले में न्गोंथोंग-कोलागांव आंतरिक ग्राम सड़क, कमलाई-लाप्तांग आंतरिक ग्राम सड़क और दादम अंचल मुख्यालय से लोंगकाई सड़क को भी केंद्र ने मंजूरी दी है।
लोअर दिबांग वैली जिले में बिजारी-न्गोपोक सड़क और कामले जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-13 से गितुरिजो सड़क परियोजना स्वीकृत सूची में शामिल है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर होगी आवाजाही
पश्चिम कामेंग जिले में थेम्बांग-लाचांग सड़क और पूर्वी कामेंग जिले में हंबा पिंडा-कामसा सड़क का निर्माण एवं सुधार किया जाएगा।
अपर सियांग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-513 से गोबुक-हरकम सड़क का हेराक आर्मी कैंप के रास्ते उन्नयन भी स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
नई और उन्नत सड़कों से लोगों, कृषि उत्पादों और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही आसान होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, बाजारों और प्रशासनिक केंद्रों तक पहुंच भी बेहतर होने की उम्मीद है।
आर्थिक और रणनीतिक विकास को मिलेगा बल
अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों को देखते हुए बेहतर सड़क संपर्क को आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सड़क परियोजनाओं से स्थानीय व्यापार, पर्यटन, कृषि और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क से प्रशासनिक पहुंच मजबूत होगी और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा बलों तथा राहत एजेंसियों की आवाजाही सुगम होगी।
राज्य सरकार ने उम्मीद जताई है कि इन परियोजनाओं से अरुणाचल प्रदेश में संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और दूरदराज क्षेत्रों को राज्य के प्रमुख आर्थिक तथा प्रशासनिक केंद्रों से जोड़ने में सहायता मिलेगी।