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ANSAM ने उठाई नेमचा किपगेन को हटाने की मांग, KNF-P पर कार्रवाई की भी अपील

इम्फाल में ANSAM द्वारा आयोजित विशाल प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को हटाने, KNF-P के खिलाफ कार्रवाई, SoO समझौता समाप्त करने और छह नागा नागरिकों के लिए न्याय की मांग उठाई गई।

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इम्फाल, 20 जून: ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मणिपुर (ANSAM) ने शनिवार को इम्फाल में आयोजित एक विशाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाने तथा KNF-P के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन छह नागा नागरिकों की कथित हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

KNF-P द्वारा किए गए कथित लीलोन वैफेई नरसंहार के लिए न्याय की मांग” विषय पर आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।

रैली तांगखुल बैपटिस्ट चर्च, इम्फाल से शुरू होकर खुयाथोंग तक पहुंची और बाद में माओ मार्केट में संपन्न हुई। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर मार्च किया तथा न्याय, शांति और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग से जुड़े नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान ANSAM ने उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि KNF-P और उपमुख्यमंत्री के परिवार के बीच कथित संबंधों को लेकर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक जनता के बीच संदेह बना रहेगा।

मीडिया से बातचीत में ANSAM के अध्यक्ष एंटेशांग मारिंग ने कहा कि यह प्रदर्शन उन छह नागा नागरिकों के लिए न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया है, जिनका कथित रूप से कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई क्षेत्र से अपहरण किया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई।

मारिंग ने दावा किया कि घटना को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने जांच की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने KNF-P पर अपहरण और हत्या की घटना में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन के खिलाफ विस्तृत जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में KNF-P की संलिप्तता स्थापित होती है, तो उसे आतंकवादी संगठन घोषित किया जाना चाहिए।

ANSAM ने कुकी उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते की भी समीक्षा की मांग की। संगठन का आरोप है कि इस व्यवस्था का दुरुपयोग हुआ है और सरकार को इसकी प्रभावशीलता का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य और केंद्र सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, दोषियों को कानून के दायरे में लाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनकी मांगें जारी रहेंगी।

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Naorem Mohen

Editor, Purvottar Khabar

Naorem Mohen is the Editor of Purvottar Khabar. He covers breaking news, politics, social issues, and regional developments from Manipur and Northeast India. With a focus on ground-level journalism and accurate reporting, he aims to deliver reliable news and insightful coverage to Hindi readers across the country.

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