<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">
  <channel>
    <title><![CDATA[Articles by Naorem Mohen | Purvottar Khabar]]></title>
    <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/author/1]]></link>
    <description><![CDATA[Latest multi-category articles and blogs written by Naorem Mohen, published on Purvottar Khabar. Stay informed with trusted insights.]]></description>
    <managingEditor>blogger.naorem@gmail.com (Purvottar Khabar)</managingEditor>
    <webMaster>blogger.naorem@gmail.com (Purvottar Khabar)</webMaster>
    <copyright><![CDATA[Copyright: (C) Purvottar Khabar. All Rights Reserved.]]></copyright>
    <ttl>15</ttl>
    <language>en-US</language>
    <lastBuildDate>Mon, 15 Jun 2026 02:06:57 GMT</lastBuildDate>
    <generator>Keynate RSS Generator</generator>
    <atom:link xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" href="https://www.purvottarkhabar.in/feeds/author/naorem-mohen/1" rel="self" type="application/rss+xml" />
    <atom:link xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" href="https://www.purvottarkhabar.in/author/1" rel="alternate" type="text/html" />
    <atom:link xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" rel="hub" href="https://pubsubhubbub.appspot.com/" />
    <image>
      <title>Articles by Naorem Mohen | Purvottar Khabar</title>
      <url>https://www.purvottarkhabar.in/apple-touch-icon.png</url>
      <link>https://www.purvottarkhabar.in/author/1</link>
      <width>96</width>
      <height>96</height>
    </image>
    <item>
      <title><![CDATA[देवर्षि नारद जयंती में नैतिक पत्रकारिता की भूमिका पर जोर]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/devarshi-narad-jayanti-ethical-journalism-imphal"><img alt="देवर्षि नारद जयंती में नैतिक पत्रकारिता की भूमिका पर जोर" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/devarshi-narad-jayanti-vishwa-samvad-kendra-manipur.jpg"></a><p>इम्फाल में आयोजित 13वीं देवर्षि नारद जयंती समारोह में वक्ताओं ने नैतिक पत्रकारिता, निष्पक्ष रिपोर्टिंग, जनहित और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/devarshi-narad-jayanti-ethical-journalism-imphal]]></link>
      <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 02:06:57 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/devarshi-narad-jayanti-ethical-journalism-imphal</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[दवरष नरद जयत]]></category>
      <category><![CDATA[नतक पतरकरत]]></category>
      <category><![CDATA[इमफल समचर]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर पतरकरत]]></category>
      <category><![CDATA[वशव सवद कदर मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[रक खमकचम]]></category>
      <category><![CDATA[मडय नतकत]]></category>
      <category><![CDATA[जनहत पतरकरत]]></category>
      <category><![CDATA[नरद मन]]></category>
      <category><![CDATA[परवततर खबर]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/devarshi-narad-jayanti-vishwa-samvad-kendra-manipur.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/devarshi-narad-jayanti-vishwa-samvad-kendra-manipur.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="570" data-end="869"><strong data-start="570" data-end="589">इम्फाल, 14 जून:</strong> इम्फाल में रविवार को आयोजित 13वीं देवर्षि नारद जयंती समारोह में नैतिक पत्रकारिता की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सही दिशा दिखाना, जनमत को जागरूक बनाना और सत्य एवं विश्वसनीय सूचना के माध्यम से लोकहित की सेवा करना है।</p>
<p data-start="871" data-end="1082">यह कार्यक्रम विश्व संवाद केंद्र मणिपुर द्वारा इम्फाल पश्चिम के कोंजेंग लैकाई स्थित भास्कर प्रभा में आयोजित किया गया। समारोह में मणिपुर के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 250 कार्यरत पत्रकारों और आम लोगों ने भाग लिया।</p>
<p data-start="1084" data-end="1388">मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए <em data-start="1117" data-end="1132">इम्फाल टाइम्स</em> के संपादक रिंकू खुमुकचम ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को सही मार्ग दिखाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार रिपोर्टिंग में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और निजी हितों से ऊपर जनहित को रखना चाहिए।</p>
<p data-start="1390" data-end="1601">उन्होंने कहा, &ldquo;पत्रकारों को रिपोर्टिंग करते समय अपने निजी हितों को अलग रखना चाहिए और लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। निजी उद्देश्यों से प्रेरित समाचार प्रसार समाज और जनता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।&rdquo;</p>
<p data-start="1603" data-end="1857">रिंकू खुमुकचम ने देवर्षि नारद के योगदान की प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक पत्रकारों को नारद से जुड़े संचार मूल्यों से सीख लेनी चाहिए। विशेष रूप से शांति, सामाजिक सद्भाव और जिम्मेदार सूचना प्रसार के क्षेत्र में ये मूल्य आज भी महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p data-start="1859" data-end="2103">उन्होंने यह भी कहा कि कार्यरत पत्रकारों को समाज की बेहतर सेवा के लिए निरंतर अपनी विविध क्षमताओं का विकास करना चाहिए। बदलते मीडिया परिवेश में पेशेवर अनुशासन, तथ्यात्मक शुद्धता और नैतिक निर्णय क्षमता सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।</p>
<p data-start="2105" data-end="2375">कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ लेखक काकचिंगताबम ब्रजमणि शर्मा ने नारद मुनि को विश्व का प्रथम पत्रकार बताया। उन्होंने कहा कि नारद द्वारा स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल, तीनों लोकों में सूचना पहुंचाने की भूमिका पत्रकारिता और संचार की मूल भावना को दर्शाती है।</p>
<p data-start="2377" data-end="2616">विश्व संवाद केंद्र मणिपुर के अध्यक्ष ए. ब्रजकुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारों की जनता को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि सटीक और विश्वसनीय सूचना के माध्यम से जागरूक जनमत का निर्माण किया जा सकता है।</p>
<p data-start="2618" data-end="2821">समारोह में पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि सार्वजनिक दायित्व के रूप में देखने पर बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर निर्भर करती है।</p>
<p data-start="2823" data-end="3039">मणिपुर जैसे संवेदनशील सामाजिक परिवेश में नैतिक पत्रकारिता का संदेश विशेष महत्व रखता है। जिम्मेदार समाचार रिपोर्टिंग गलत सूचना को कम करने, सामाजिक समझ को बढ़ाने और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने में सहायक हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[असम राइफल्स ने पल्लेल में रक्तदान शिविर और हथियार प्रदर्शनी का आयोजन, 190 लोगों ने किया रक्तदान]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/assam-rifles-blood-donation-camp-weapon-display-pallel-kakching-manipur"><img alt="असम राइफल्स ने पल्लेल में रक्तदान शिविर और हथियार प्रदर्शनी का आयोजन, 190 लोगों ने किया रक्तदान" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/blood-donation-camp-assam-rifles.jpg"></a><p>काकचिंग जिले के पल्लेल गैरीसन में असम राइफल्स ने विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर और हथियार प्रदर्शनी का आयोजन किया। लगभग 190 लोगों ने रक्तदान किया और 80 विद्यार्थियों ने सैन्य उपकरणों की जानकारी प्राप्त की।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/assam-rifles-blood-donation-camp-weapon-display-pallel-kakching-manipur]]></link>
      <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 15:25:59 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/assam-rifles-blood-donation-camp-weapon-display-pallel-kakching-manipur</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Assam Rifles]]></category>
      <category><![CDATA[Pallel Garrison]]></category>
      <category><![CDATA[Blood Donation Camp]]></category>
      <category><![CDATA[Weapon Display Programme]]></category>
      <category><![CDATA[Kakching News]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur News]]></category>
      <category><![CDATA[World Blood Donor Day 2026]]></category>
      <category><![CDATA[Assam Rifles South]]></category>
      <category><![CDATA[Pallel News]]></category>
      <category><![CDATA[Guardian Defence Academy]]></category>
      <category><![CDATA[Shija Hospital]]></category>
      <category><![CDATA[Military Exhibition]]></category>
      <category><![CDATA[Youth Empowerment]]></category>
      <category><![CDATA[Civil Military Relations]]></category>
      <category><![CDATA[Northeast News]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/blood-donation-camp-assam-rifles.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/blood-donation-camp-assam-rifles.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>काकचिंग, 12 जून।</strong> असम राइफल्स ने मुख्यालय महानिरीक्षक असम राइफल्स (दक्षिण) के तत्वावधान में काकचिंग जिले के पल्लेल गैरीसन स्थित संगाई ऑडिटोरियम में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर तथा हथियार प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया। दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य मानवीय सेवा को बढ़ावा देना, युवाओं को प्रेरित करना तथा नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत बनाना था।</p>
<p class="isSelectedEnd">विश्व रक्तदाता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित रक्तदान शिविर का विषय था, <strong>&ldquo;मानवता की एक बूंद, रक्तदान करें, जीवन बचाएं।&rdquo;</strong> कार्यक्रम के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज को मानवीय कार्यों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">रक्तदान शिविर में स्थानीय नागरिकों, सैनिकों के परिजनों तथा असम राइफल्स के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान लगभग 100 नागरिकों और 90 सैनिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजकों के अनुसार यह रक्त आपातकालीन चिकित्सा सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/blood-donation-camp.jpg">कार्यक्रम में शिजा अस्पताल, लांगोल के रक्त केंद्र की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. हेमाबती देवी सहित विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पल्लेल गैरीसन के दौरे के दौरान डॉ. हेमाबती ने सामुदायिक रेडियो स्टेशन (सीआरएस) का भी भ्रमण किया और एक पॉडकास्ट सत्र में हिस्सा लिया। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व, जनजागरूकता तथा स्वास्थ्य सेवाओं के समर्थन में सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी अवसर पर गार्डियन डिफेंस अकादमी, पल्लेल के सहयोग से हथियार प्रदर्शनी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 80 विद्यार्थियों ने भाग लिया। असम राइफल्स के अधिकारियों ने छात्रों को विभिन्न हथियारों, सैन्य उपकरणों तथा सशस्त्र बलों में सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवाओं को सैन्य जीवन से परिचित कराना तथा उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना था।</p>
<p>असम राइफल्स ने कहा कि दोनों कार्यक्रमों की सफलता संगठन की जनकल्याण, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बल ने दोहराया कि वह भविष्य में भी मानवीय सेवा, रचनात्मक सहभागिता और स्थानीय समुदाय के साथ मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[40 हजार शरणार्थियों के लिए केंद्र देगा 10 करोड़ रुपये का चावल, अमित शाह ने मिजोरम को दिया आश्वासन]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/40-hazar-sharanarthiyon-ke-liye-kendra-dega-10-crore-rupaye-ka-chawal"><img alt="40 हजार शरणार्थियों के लिए केंद्र देगा 10 करोड़ रुपये का चावल, अमित शाह ने मिजोरम को दिया आश्वासन" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/chin-kuki-refugee-in-mizoram.jpg"></a><p>मिजोरम में रह रहे म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर से आए करीब 40 हजार शरणार्थियों और विस्थापित लोगों के लिए केंद्र सरकार 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री लालदुहोमा को दिया आश्वासन।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/40-hazar-sharanarthiyon-ke-liye-kendra-dega-10-crore-rupaye-ka-chawal]]></link>
      <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 09:42:17 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/40-hazar-sharanarthiyon-ke-liye-kendra-dega-10-crore-rupaye-ka-chawal</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Mizoram refugees]]></category>
      <category><![CDATA[Amit Shah Mizoram]]></category>
      <category><![CDATA[Lalduhoma]]></category>
      <category><![CDATA[Myanmar refugees in India]]></category>
      <category><![CDATA[Bangladesh refugees Mizoram]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur displaced people]]></category>
      <category><![CDATA[rice aid for refugees]]></category>
      <category><![CDATA[North East India news]]></category>
      <category><![CDATA[PM DeVINE scheme]]></category>
      <category><![CDATA[Mizoram government]]></category>
      <category><![CDATA[40 हजर शरणरथ]]></category>
      <category><![CDATA[मजरम शरणरथ]]></category>
      <category><![CDATA[अमत शह]]></category>
      <category><![CDATA[मयमर शरणरथ]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर वसथपत]]></category>
      <category><![CDATA[10 करड रपय क चवल]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/chin-kuki-refugee-in-mizoram.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/chin-kuki-refugee-in-mizoram.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd">आइजोल/नई दिल्ली, 14 जून। मिजोरम में रह रहे म्यांमार और बांग्लादेश के शरणार्थियों तथा मणिपुर हिंसा से विस्थापित लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जिससे हजारों लोगों की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह आश्वासन शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा के बीच हुई बैठक के दौरान दिया गया। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक के दौरान मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य में बड़ी संख्या में रह रहे शरणार्थियों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की स्थिति से केंद्र सरकार को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मिजोरम वर्तमान में लगभग 40 हजार लोगों को आश्रय प्रदान कर रहा है, जिनमें म्यांमार और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के साथ साथ मणिपुर से विस्थापित नागरिक भी शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने खाद्य और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए 10 करोड़ रुपये मूल्य का चावल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इससे राज्य में रह रहे शरणार्थियों और विस्थापित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से 28 हजार से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण लिए हुए हैं। इनमें अधिकांश लोग चिन राज्य से संबंधित हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र में वर्ष 2022 के दौरान सैन्य अभियानों के बाद बाउम समुदाय के लगभग 2,300 लोग भी मिजोरम पहुंचे थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">मई 2023 में मणिपुर में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद करीब 7,000 कुकी समुदाय के लोग भी मिजोरम में आश्रय लिए हुए हैं। चिन, बाउम और कुकी समुदायों के मिजो समाज के साथ गहरे सांस्कृतिक और जातीय संबंध हैं, जिसके कारण राज्य ने मानवीय आधार पर उन्हें शरण प्रदान की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक में विकास और सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य में बढ़ती मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण सुरक्षा स्थिति के कारण मिजोरम को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तरह इस योजना का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया है। इस पर अमित शाह ने राज्य सरकार को प्रधानमंत्री विकास पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र (PM DeVINE) योजना के अंतर्गत अतिरिक्त परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजने की सलाह दी और उन्हें आगे बढ़ाने में केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर का 1,000 किलोग्राम Chakhao Poireiton अमेरिका निर्यात करेगा MOMA]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/moma-manipur-chakhao-poireiton-america-export"><img alt="मणिपुर का 1,000 किलोग्राम Chakhao Poireiton अमेरिका निर्यात करेगा MOMA" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/chakhao.jpg"></a><p>मणिपुर के 1,000 किलोग्राम Chakhao Poireiton को ट्रायल आधार पर अमेरिका निर्यात करेगा। इसके साथ 30 MT ऑर्गेनिक अदरक कर्नाटक और 1 MT Chakhao नई दिल्ली भेजा गया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/moma-manipur-chakhao-poireiton-america-export]]></link>
      <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 05:28:33 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/moma-manipur-chakhao-poireiton-america-export</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Chakhao Poireiton]]></category>
      <category><![CDATA[MOMA Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर बलक रइस]]></category>
      <category><![CDATA[Chakhao export]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर ऑरगनक अदरक]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर जवक उतपद]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/chakhao.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/chakhao.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="544" data-end="810"><strong data-start="544" data-end="554">इंफाल, 13 जून:</strong> मिशन ऑर्गेनिक मिशन एजेंसी, MOMA, आने वाले हफ्तों में मणिपुर के 1,000 किलोग्राम <strong data-start="634" data-end="655">Chakhao Poireiton</strong> को ट्रायल आधार पर संयुक्त राज्य अमेरिका निर्यात करेगा। यह कदम मणिपुर के सुगंधित काले चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।</p>
<p data-start="812" data-end="978">यह घोषणा MOMA की प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरिबम पोनिका ने संजेनथोंग स्थित उद्यानिकी एवं मृदा संरक्षण निदेशालय के ऑर्गेनिक आउटलेट में आयोजित फ्लैग ऑफ कार्यक्रम के दौरान की।</p>
<p data-start="980" data-end="1197">कार्यक्रम में उद्यानिकी एवं मृदा संरक्षण आयुक्त टी पामेई और निदेशक के देवदत्त शर्मा ने 30 MT ऑर्गेनिक अदरक को कर्नाटक और 1 MT सुगंधित काले चावल, जिसे स्थानीय रूप से Chakhao कहा जाता है, को नई दिल्ली के लिए रवाना किया।</p>
<p data-start="1199" data-end="1456">सभा को संबोधित करते हुए अरिबम पोनिका ने कहा कि इन खेपों के परिवहन के लिए MOMA की ओर से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य जैविक उत्पादकों और स्थानीय उद्यमों को राज्य के बाहर बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करना है।</p>
<p data-start="1458" data-end="1762">उन्होंने बताया कि 14 लाख रुपये से अधिक मूल्य की ऑर्गेनिक अदरक की खेप Chakhao Poireiton Organic Producer Company Ltd द्वारा कर्नाटक की Al Hakam Ginger &amp; Co को बेची गई। वहीं 1.5 लाख रुपये से अधिक मूल्य की सुगंधित काले चावल की खेप सावोम्बुंग स्थित Luwang Agro Industries द्वारा नई दिल्ली की FOR8 को बेची गई।</p>
<p data-start="1764" data-end="1869">पोनिका ने यह भी बताया कि निर्यात की गई अदरक कांगपोकपी की Awar Farmer Producer Company Ltd से खरीदी गई थी।</p>
<p data-start="1871" data-end="2108"><strong data-start="1871" data-end="1892">Chakhao Poireiton</strong> के 1,000 किलोग्राम के प्रस्तावित अमेरिका निर्यात को अंतरराष्ट्रीय मांग का आकलन करने और भारत के बाहर मणिपुर के स्वदेशी जैविक उत्पादों की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण ट्रायल शिपमेंट माना जा रहा है।</p>
<p data-start="2110" data-end="2205">कार्यक्रम में Chakhao Poireiton Organic Producer Company के चेयरमैन चोंगथाम शांता भी मौजूद रहे।</p>
<p data-start="2207" data-end="2518" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह पहल मणिपुर के जैविक कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह किसान उत्पादक कंपनियों, स्थानीय कृषि उद्योगों और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ती है। लॉजिस्टिक सहायता और बाजार संपर्क के माध्यम से Chakhao और ऑर्गेनिक अदरक जैसे उत्पादों को राज्य के बाहर बेहतर पहचान और व्यावसायिक मूल्य मिल सकता है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अरुणाचल में 300 करोड़ रुपये के कथित मत्स्य घोटाले की जांच तेज, फर्जी परियोजनाओं से धन गबन के आरोप]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/arunachal-pradesh-fisheries-scam-300-crore-investigation"><img alt="अरुणाचल में 300 करोड़ रुपये के कथित मत्स्य घोटाले की जांच तेज, फर्जी परियोजनाओं से धन गबन के आरोप" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/fish-farm-scam-arunachal-pradesh.jpg"></a><p>अरुणाचल प्रदेश में मत्स्य विभाग में 300 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। फर्जी मत्स्य परियोजनाओं और अनधिकृत लेनदेन के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की SIC-विजिलेंस जांच कर रही है।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/arunachal-pradesh-fisheries-scam-300-crore-investigation]]></link>
      <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:56:11 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/arunachal-pradesh-fisheries-scam-300-crore-investigation</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Arunachal Fisheries Scam]]></category>
      <category><![CDATA[Arunachal Pradesh News]]></category>
      <category><![CDATA[Fisheries Department Scam]]></category>
      <category><![CDATA[Pema Khandu]]></category>
      <category><![CDATA[Tage Taki]]></category>
      <category><![CDATA[SIC Vigilance Investigation]]></category>
      <category><![CDATA[Kra Daadi District]]></category>
      <category><![CDATA[Arunachal Corruption Case]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/fish-farm-scam-arunachal-pradesh.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/fish-farm-scam-arunachal-pradesh.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="730" data-end="1056"><strong data-start="730" data-end="749">ईटानगर, 12 जून:</strong> अरुणाचल प्रदेश में मत्स्य विभाग से जुड़े एक कथित बहु-करोड़ रुपये के घोटाले ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। सामाजिक संगठनों, छात्र नेताओं और जन निगरानी समूहों ने आरोप लगाया है कि मत्स्य विकास योजनाओं के नाम पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।</p>
<p data-start="1058" data-end="1412">संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, क्रा दादी जिले में लगभग 183 करोड़ रुपये तथा लोअर सुबनसिरी जिले में 100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। आरोप है कि सरकारी धन निकालने के लिए कागजों पर फर्जी मत्स्य परियोजनाएं बनाई गईं और कई स्थानों पर ऐसे मत्स्य तालाब दर्शाए गए, जिनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था।</p>
<p data-start="1414" data-end="1589">मामले की गंभीरता को देखते हुए ईटानगर स्थित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सेल (SIC-विजिलेंस) जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित अनियमितताएं वर्ष 2018 से 2024 के बीच हुईं।</p>
<p data-start="1591" data-end="1955">पूर्व मत्स्य मंत्री और वर्तमान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष तागे टाकी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरोप बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जिला मत्स्य विकास अधिकारियों (DFDO) और कोषागार अधिकारियों की कथित मिलीभगत से बड़े पैमाने पर सरकारी धन निकाला गया, जबकि विभागीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं थी।</p>
<p data-start="1957" data-end="2177">टाकी ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान मत्स्य विभाग का वार्षिक बजट आमतौर पर 20 करोड़ रुपये से कम रहा। ऐसे में किसी एक जिले में 183 करोड़ रुपये के खर्च के दस्तावेज सामने आना कई सवाल खड़े करता है और इसकी गहन जांच आवश्यक है।</p>
<p data-start="2179" data-end="2288">उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।</p>
<p data-start="2290" data-end="2554">इस बीच, छात्र नेता और JAC सदस्य टाकम चाचा ने आरोप लगाया कि क्रा दादी जिले के पालिन और जामिन क्षेत्रों में विभागीय अधिकारियों और कोषागार कर्मियों ने कथित रूप से अनधिकृत वित्तीय लेनदेन किए। उनका कहना है कि कई भुगतानों के लिए आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी भी नहीं ली गई थी।</p>
<p data-start="2556" data-end="2817">मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय विधायक एवं शहरी विकास मंत्री बालो राजा ने भी सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की है। अब सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि कथित रूप से किस प्रक्रिया के तहत जारी की गई और क्या वित्तीय नियमों का पालन किया गया था।</p>
<p data-start="2819" data-end="3066">स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों और छात्र संगठनों का आरोप है कि मत्स्य विकास के लिए आवंटित सरकारी धन को फर्जी दस्तावेजों और काल्पनिक परियोजनाओं के माध्यम से दूसरी जगह मोड़ दिया गया। आरोप यह भी है कि कई भुगतान बिना सक्षम अधिकारियों की स्वीकृति के किए गए।</p>
<p data-start="3068" data-end="3339">संयुक्त कार्रवाई समिति ने हाल ही में मुख्यमंत्री पेमा खांडू को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो राज्यभर में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।</p>
<p data-start="3341" data-end="3482">पूर्व मंत्री तागे टाकी ने स्वयं को इस कथित घोटाले से अलग बताते हुए कहा है कि वह किसी भी जांच एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p data-start="3484" data-end="3732" data-is-last-node="" data-is-only-node="">जैसे-जैसे SIC-विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह मामला अरुणाचल प्रदेश के हाल के वर्षों के सबसे चर्चित और बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बनता जा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर में दो COBRA बटालियन तैनात, सुरक्षा स्थिति में होगा सुधार: गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-cobra-battalions-deployment-security-improvement-govindas-konthoujam"><img alt="मणिपुर में दो COBRA बटालियन तैनात, सुरक्षा स्थिति में होगा सुधार: गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/govindas.jpg"></a><p>मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने कहा कि CRPF की दो COBRA बटालियनों की तैनाती से राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। छह नागा नागरिकों की हत्या पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-cobra-battalions-deployment-security-improvement-govindas-konthoujam]]></link>
      <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 13:36:47 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-cobra-battalions-deployment-security-improvement-govindas-konthoujam</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Manipur COBRA Battalion]]></category>
      <category><![CDATA[Govindas Konthoujam]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Security Situation]]></category>
      <category><![CDATA[CRPF COBRA Deployment]]></category>
      <category><![CDATA[Naga Civilians Killing]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Law and Order]]></category>
      <category><![CDATA[Y Khemchand Singh]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur News]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/govindas.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/govindas.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="732" data-end="1093"><strong data-start="732" data-end="750">इंफाल, 12 जून:</strong> मणिपुर सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की विशेष कमांडो इकाई COBRA की दो बटालियनों की तैनाती का स्वागत किया है। गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने विश्वास जताया है कि इन विशेष बलों की तैनाती से सुरक्षा अभियानों को मजबूती मिलेगी और राज्य में शांति बहाली के प्रयासों को गति मिलेगी।</p>
<p data-start="1095" data-end="1366">बुधवार को जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) में छह मृतक नागा नागरिकों के परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में उपलब्ध सुरक्षा बलों की संख्या सीमित है, ऐसे में COBRA की अतिरिक्त तैनाती एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।</p>
<p data-start="1368" data-end="1584">उन्होंने कहा, &ldquo;हमारे पास सुरक्षा बलों की संख्या सीमित है। हाल ही में दो COBRA बटालियनों की तैनाती हुई है और मुझे विश्वास है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी तथा स्थिति में सुधार आएगा।&rdquo;</p>
<p data-start="1586" data-end="1882">COBRA (Commando Battalion for Resolute Action) सीआरपीएफ की एक विशेष इकाई है, जिसे जंगलों और दुर्गम इलाकों में गुरिल्ला युद्ध तथा आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन इकाइयों की तैनाती संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाने की क्षमता को बढ़ाएगी।</p>
<p data-start="1884" data-end="2115">हालांकि गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थायी शांति संभव नहीं है। उन्होंने घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के सभी समुदायों से प्रशासन का सहयोग करने और हिंसा को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।</p>
<p data-start="2117" data-end="2356">उन्होंने कहा, &ldquo;मुख्यमंत्री और राज्य सरकार लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील करती रही है। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा सकते हैं, लेकिन जनता के सहयोग के बिना हिंसा पर पूरी तरह नियंत्रण पाना संभव नहीं होगा।&rdquo;</p>
<p data-start="2358" data-end="2577">इस दौरान कोंथौजाम ने हाल ही में मारे गए छह नागा नागरिकों की हत्या को &ldquo;अभूतपूर्व और जघन्य अपराध&rdquo; करार दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जाएगा।</p>
<p data-start="2579" data-end="2745">उन्होंने कहा, &ldquo;मानवता को शर्मसार करने वाले इस अपराध में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार उन्हें कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।&rdquo;</p>
<p data-start="2747" data-end="3005">गृह मंत्री ने सेनापति जिले में बंधक बनाए गए 14 कुकी व्यक्तियों की हालिया रिहाई का भी स्वागत किया और इसे मानवीय दृष्टिकोण का सकारात्मक उदाहरण बताया। उन्होंने लापता नागा नागरिकों का पता लगाने और मामले की जांच में राज्य पुलिस प्रमुख के प्रयासों की भी सराहना की।</p>
<p data-start="3007" data-end="3267">उधर, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार ऐसी घटनाओं पर &ldquo;मूक दर्शक&rdquo; नहीं बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिंसा और हत्या जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</p>
<p data-start="3269" data-end="3535">गौरतलब है कि छह नागा नागरिकों का 13 मई को कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई गांव से अपहरण कर लिया गया था। उनके शव 10 जून को बरामद हुए। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब एक दिन पहले ही सेनापति जिले में करीब एक महीने से बंधक बनाए गए 14 कुकी व्यक्तियों को रिहा किया गया था।</p>
<p data-start="3537" data-end="3862" data-is-last-node="" data-is-only-node="">हाल की घटनाओं ने राज्य के पहाड़ी जिलों में सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। प्रशासन को उम्मीद है कि विशेष सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती, प्रभावी सुरक्षा अभियान और विभिन्न समुदायों के सहयोग से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी तथा राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[जब सच भी बंधक बन जाए: छह नागाओं की मौत और मणिपुर का मौन]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/truth-held-hostage-six-naga-deaths-manipur-silence"><img alt="जब सच भी बंधक बन जाए: छह नागाओं की मौत और मणिपुर का मौन" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/naga-hostage-killed-by-kuki-militants.jpg"></a><p>कोंसाखुल के छह नागा पुरुषों की मौत, 14 कुकी बंदियों की रिहाई और उसके बाद बरामद हुए कंकालों ने मणिपुर में सच, विश्वास और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें विशेष राय।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/truth-held-hostage-six-naga-deaths-manipur-silence]]></link>
      <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 04:31:12 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/truth-held-hostage-six-naga-deaths-manipur-silence</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[मणपर नग हतय ममल]]></category>
      <category><![CDATA[कसखल छह नग]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर हस]]></category>
      <category><![CDATA[नग अपहरण ममल]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर रजनतक वशलषण]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर समचर]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर सघरष]]></category>
      <category><![CDATA[Purvottar Khabar Opinion]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Naga]]></category>
      <category><![CDATA[Kuki]]></category>
      <category><![CDATA[Konsakhul]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Violence]]></category>
      <category><![CDATA[Hostage Crisis]]></category>
      <category><![CDATA[Naga Abduction]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/naga-hostage-killed-by-kuki-militants.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/naga-hostage-killed-by-kuki-militants.jpg">&nbsp;</p>
<div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn" data-conversation-screenshot-content="">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1" dir="auto" data-message-author-role="assistant" data-message-id="f0847449-1363-41ff-8196-59376dc01b07" data-message-model-slug="gpt-5-5">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p data-start="1027" data-end="1348">कोंसाखुल के छह नागा पुरुषों की हत्या निस्संदेह एक मानवीय त्रासदी है। लेकिन इस त्रासदी से भी अधिक भयावह वह अविश्वास है जिसने इस पूरे घटनाक्रम को घेर लिया है। जब किसी समाज में मौत से अधिक चर्चा सच की अनुपस्थिति पर होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि संकट केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि नैतिकता और सार्वजनिक विश्वास का भी है।</p>
<p data-start="1350" data-end="1651">पिछले कई सप्ताहों तक मणिपुर के लोगों को बताया जाता रहा कि अपहृत छह नागा पुरुषों का कोई पता नहीं है। सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान चलाए जाने, विभिन्न पक्षों के बीच बातचीत होने और प्रयास जारी रहने की बातें लगातार सामने आती रहीं। इस दौरान पीड़ित परिवारों और आम जनता को उम्मीद बनाए रखने के लिए कहा गया।</p>
<p data-start="1653" data-end="1899">लेकिन 14 कुकी बंदियों की रिहाई के ठीक बाद छह नागा पुरुषों के कंकालों की बरामदगी ने अनेक प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह घटनाक्रम ऐसा है जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या पूरी कहानी वास्तव में उतनी ही अस्पष्ट थी जितनी दिखाई जा रही थी।</p>
<p data-start="1901" data-end="2209">सवाल केवल यह नहीं है कि छह लोगों की मौत कैसे हुई। सवाल यह भी है कि उनकी वास्तविक स्थिति का पता लगाने में इतना समय क्यों लगा। यदि कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी, तो अचानक यह सफलता कैसे मिली? यदि खोज अभियान लगातार चल रहे थे, तो निर्णायक परिणाम ठीक उसी समय क्यों सामने आया जब एक अन्य संवेदनशील मुद्दे का समाधान हुआ?</p>
<p data-start="2211" data-end="2354">इन सवालों के उत्तर केवल सरकारी बयानों या प्रेस विज्ञप्तियों से नहीं मिल सकते। इनका उत्तर तथ्यों, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच से ही मिल सकता है।</p>
<p data-start="2356" data-end="2639">मणिपुर पिछले तीन वर्षों से अभूतपूर्व सामाजिक और जातीय तनाव से गुजर रहा है। इस दौरान हिंसा ने न केवल जानें ली हैं, बल्कि समुदायों के बीच विश्वास की नींव को भी कमजोर किया है। ऐसे माहौल में हर घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं रहती, बल्कि व्यापक सामाजिक और राजनीतिक अर्थ ग्रहण कर लेती है।</p>
<p data-start="2641" data-end="2895">छह नागा पुरुषों का मामला भी इसी श्रेणी में आता है। उनकी पहचान केवल पीड़ितों तक सीमित नहीं है। वे उन अनेक परिवारों की पीड़ा का प्रतीक बन गए हैं जो संघर्ष की कीमत चुका रहे हैं। वे उन सवालों का प्रतीक बन गए हैं जिनका उत्तर अभी तक स्पष्ट रूप से नहीं मिला है।</p>
<p data-start="2897" data-end="3293">इस पूरे घटनाक्रम का एक और पहलू ध्यान देने योग्य है&mdash;घटना के बाद व्यक्त किया गया आश्चर्य और दुख। विभिन्न संगठनों और नेताओं ने कंकालों की बरामदगी पर शोक और स्तब्धता व्यक्त की। लेकिन आम लोगों के मन में यह प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है कि क्या ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर प्रतिक्रिया केवल घटना के बाद तक सीमित रहनी चाहिए, या फिर उन्हें रोकने और समय रहते सच्चाई सामने लाने की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए?</p>
<p data-start="3295" data-end="3548">वास्तविक चिंता केवल छह परिवारों की नहीं है। वास्तविक चिंता उस भरोसे की है जो लगातार कमजोर होता जा रहा है। जब लोगों को लगता है कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है, तो अविश्वास बढ़ता है। और जब अविश्वास बढ़ता है, तो सामाजिक विभाजन और गहरे हो जाते हैं।</p>
<p data-start="3550" data-end="3815">मणिपुर पहले ही हिंसा, विस्थापन और असुरक्षा की बड़ी कीमत चुका चुका है। ऐसे समय में राज्य और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि हर संवेदनशील मामले में अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। केवल न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है; न्याय होता हुआ दिखाई देना भी उतना ही आवश्यक है।</p>
<p data-start="3817" data-end="3998">कोंसाखुल के छह नागा पुरुष अब वापस नहीं लौटेंगे। लेकिन उनकी मौत से जुड़े सवाल अभी भी जीवित हैं। उन सवालों के जवाब केवल उनके परिवारों के लिए नहीं, बल्कि पूरे मणिपुर के लिए आवश्यक हैं।</p>
<p data-start="4000" data-end="4211">क्योंकि किसी भी संघर्षग्रस्त समाज में सबसे खतरनाक स्थिति वह नहीं होती जब लोग सच नहीं जानते। सबसे खतरनाक स्थिति वह होती है जब लोगों को यह विश्वास होने लगे कि सच कहीं मौजूद है, लेकिन उन्हें उससे दूर रखा जा रहा है।</p>
<p data-start="4213" data-end="4273" data-is-last-node="" data-is-only-node="">और यही वह चिंता है जो आज मणिपुर के सामने खड़ी दिखाई देती है।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">&nbsp;</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर में छह अपहृत नागा पुरुषों के शव बरामद, 14 कुकी बंदियों की रिहाई के 24 घंटे बाद सामने आई दर्दनाक सच्चाई]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-six-abducted-naga-men-bodies-recovered-after-kuki-detainees-release"><img alt="मणिपुर में छह अपहृत नागा पुरुषों के शव बरामद, 14 कुकी बंदियों की रिहाई के 24 घंटे बाद सामने आई दर्दनाक सच्चाई" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/naga-hostage-killed-by-kuki-militants.jpg"></a><p>मणिपुर में 14 कुकी बंदियों की सुरक्षित रिहाई के 24 घंटे के भीतर छह अपहृत नागा पुरुषों के शव बरामद हुए। पुलिस जांच जारी, क्षेत्र में तनाव का माहौल।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-six-abducted-naga-men-bodies-recovered-after-kuki-detainees-release]]></link>
      <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:22:47 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-six-abducted-naga-men-bodies-recovered-after-kuki-detainees-release</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Imphal]]></category>
      <category><![CDATA[Naga]]></category>
      <category><![CDATA[Kuki]]></category>
      <category><![CDATA[Hostage Crisis]]></category>
      <category><![CDATA[Violence in Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[UNC]]></category>
      <category><![CDATA[Security Forces]]></category>
      <category><![CDATA[Amit Shah]]></category>
      <category><![CDATA[Nagaland]]></category>
      <category><![CDATA[Breaking News]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/naga-hostage-killed-by-kuki-militants.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/naga-hostage-killed-by-kuki-militants.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 10 जून 2026:</strong> मणिपुर में पिछले महीने अपहृत किए गए छह नागा पुरुषों के शव बरामद होने से राज्य में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले ही नागा ग्रामीण सुरक्षा समूहों की हिरासत में रहे 14 कुकी व्यक्तियों को सुरक्षित रिहा किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के अनुसार, 13 मई 2026 को राज्य में जारी जातीय तनाव के बीच छह नागा पुरुषों और 14 कुकी व्यक्तियों का अलग-अलग स्थानों से अपहरण किया गया था। बाद में 14 कुकी बंदियों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया, लेकिन छह नागा पुरुषों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। अब उनके शव बरामद होने से स्थानीय समुदायों में शोक और आक्रोश व्याप्त है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूत्रों के मुताबिक, बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (JNIMS) भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी में शवों के क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मृतकों की पहचान मनु थियूमाई, केनपिबोउ, दिलीप थियूमाई, फेनरिलुंगबोउ, कालिवांगबोउ और फेन-रोंगविबोउ के रूप में हुई है। इनमें मनु थियूमाई और केनपिबोउ चर्च से जुड़े पादरी थे। ये सभी उन 18 नागा नागरिकों में शामिल थे, जिन्हें 13 मई को कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा अगवा किया गया था। अपहरण के कुछ दिनों बाद 12 महिलाओं को रिहा कर दिया गया था, जबकि छह पुरुषों को बंधक बनाए रखा गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन छह लोगों की तलाश के लिए पिछले कई सप्ताह से व्यापक अभियान चलाया जा रहा था। नागा संगठनों और स्थानीय समुदायों ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन और जनआंदोलन आयोजित किए थे। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय तक उनके ठिकाने या स्थिति का पता लगाने में सफल नहीं हो सकीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच, 9 जून को 14 कुकी बंदियों की रिहाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मणिपुर सरकार की अपीलों तथा आश्वासनों के बाद संभव हुई। रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार ने अपहृत नागा नागरिकों का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">मणिपुर सरकार ने यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) को भी आश्वस्त किया था कि लापता लोगों की तलाश के लिए चल रहे अभियान को और तेज किया जाएगा। साथ ही दोषियों की गिरफ्तारी, युद्धविराम (SoO) नियमों के सख्त अनुपालन तथा संबंधित शिविरों के पुनर्गठन के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">बुधवार को मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में बताया कि लगभग 450 कर्मियों की संयुक्त टीम ने 24 घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ, असम राइफल्स, खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता ली गई। अभियान के दौरान छह व्यक्तियों के शव बरामद किए गए।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि पुलिस ने शवों की बरामदगी के सटीक स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का दावा है कि शव लेइलोन वैफेई और खराम वैफेई गांवों के बीच स्थित एक क्षेत्र से मिले हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। शवों की बरामदगी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।</p>
<p>स्थानीय समुदायों और विभिन्न संगठनों की निगाहें अब जांच के निष्कर्षों तथा दोषियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की मांग भी तेज हो गई है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर में कबाड़ी की दुकान पर मिले 60 निष्क्रिय हथगोले, तीन महिलाएं गिरफ्तार]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/60-defused-hand-grenades-found-at-scrap-shop-in-manipur-three-women-arrested"><img alt="मणिपुर में कबाड़ी की दुकान पर मिले 60 निष्क्रिय हथगोले, तीन महिलाएं गिरफ्तार" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/hand-grenades-sold-in-scrap-market.jpg"></a><p>मणिपुर के इंफाल में एक कबाड़ी की दुकान पर बिक्री के लिए लाए गए लगभग 60 निष्क्रिय हथगोले बरामद किए गए। पुलिस ने मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/60-defused-hand-grenades-found-at-scrap-shop-in-manipur-three-women-arrested]]></link>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 04:58:23 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/60-defused-hand-grenades-found-at-scrap-shop-in-manipur-three-women-arrested</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[मणपर समचर]]></category>
      <category><![CDATA[नषकरय हथगल]]></category>
      <category><![CDATA[हड गरनड बरमद]]></category>
      <category><![CDATA[कबड क दकन]]></category>
      <category><![CDATA[इफल नयज]]></category>
      <category><![CDATA[सगजमई पलस]]></category>
      <category><![CDATA[तन महलए गरफतर]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर फरसक सइस]]></category>
      <category><![CDATA[चगमख फरम खग]]></category>
      <category><![CDATA[सरकष एजसय]]></category>
      <category><![CDATA[Northeast News]]></category>
      <category><![CDATA[Purvottar Khabar]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/hand-grenades-sold-in-scrap-market.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/hand-grenades-sold-in-scrap-market.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 10 जून 2026:</strong> मणिपुर की राजधानी इंफाल में बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब बड़ी संख्या में निष्क्रिय किए गए हथगोले कबाड़ के रूप में बेचने के लिए एक कबाड़ी की दुकान पर लाए गए। इस घटना ने स्थानीय लोगों और सुरक्षा एजेंसियों को हैरान कर दिया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे तीन महिलाएं एक डीजल ऑटो-रिक्शा में चिंगामाखा फुरामा-खोंग स्थित एक कबाड़ी की दुकान पर पहुंचीं। उनके पास लगभग 20 किलोग्राम वजन की एक बोरी थी, जिसे वे कबाड़ धातु के रूप में बेचने आई थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">जब कबाड़ी ने बोरी की जांच की तो उसके अंदर लगभग 60 निष्क्रिय हथगोले मिले। हथगोले आधे हिस्सों में कटे हुए थे तथा उनमें से डेटोनेटर और विस्फोटक सामग्री पहले ही निकाल ली गई थी। असामान्य सामग्री मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">सूचना मिलते ही सिंगजामेई पुलिस थाने की टीम घटनास्थल पर पहुंची और बरामद सामग्री का निरीक्षण किया। बाद में मणिपुर फॉरेंसिक साइंस विभाग के विशेषज्ञों ने भी मौके पर पहुंचकर हथगोलों की जांच की।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस ने सभी निष्क्रिय हथगोलों को जब्त कर लिया और तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान हाजरा बीबी (60), इबेम (38) और इमेम (50) के रूप में हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में सैन्य उपयोग की सामग्री महिलाओं तक कैसे पहुंची और इसे कबाड़ के रूप में बेचने के पीछे क्या उद्देश्य था। अधिकारियों का मानना है कि भले ही हथगोले निष्क्रिय कर दिए गए थे, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में सैन्य श्रेणी की सामग्री का खुले बाजार तक पहुंचना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और हथगोलों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अमित शाह के आश्वासन के बाद UNC ने 14 कुकी बंदियों को रिहा किया, 6 अपहृत नागा लोगों की तलाश जारी]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/unc-releases-14-kuki-detainees-after-amit-shah-assurance-on-six-missing-naga-persons"><img alt="अमित शाह के आश्वासन के बाद UNC ने 14 कुकी बंदियों को रिहा किया, 6 अपहृत नागा लोगों की तलाश जारी" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/kuki-hostages.jpg"></a><p>यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आश्वासन, मणिपुर सरकार तथा नागालैंड और मेघालय के मुख्यमंत्रियों की अपील के बाद 14 कुकी बंदियों को रिहा कर दिया। वहीं 6 अपहृत नागा व्यक्तियों का अब भी कोई सुराग नहीं मिला है।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/unc-releases-14-kuki-detainees-after-amit-shah-assurance-on-six-missing-naga-persons]]></link>
      <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 04:40:12 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/unc-releases-14-kuki-detainees-after-amit-shah-assurance-on-six-missing-naga-persons</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[UNC]]></category>
      <category><![CDATA[यनइटड नग कउसल]]></category>
      <category><![CDATA[14 कक बद रह]]></category>
      <category><![CDATA[6 अपहत नग वयकत]]></category>
      <category><![CDATA[अमत शह]]></category>
      <category><![CDATA[नफय रय]]></category>
      <category><![CDATA[कनरड सगम]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर समचर]]></category>
      <category><![CDATA[नगकक ववद]]></category>
      <category><![CDATA[सनपत जल]]></category>
      <category><![CDATA[कगपकप]]></category>
      <category><![CDATA[नरथ ईसट नयज]]></category>
      <category><![CDATA[नग बधक]]></category>
      <category><![CDATA[कक बद]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर तज खबर]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/kuki-hostages.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/kuki-hostages.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 9 जून 2026:</strong> यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) ने कहा है कि उसने 14 कुकी बंदियों की सुरक्षित रिहाई के लिए हस्तक्षेप किया। यह निर्णय बैपटिस्ट विश्व समुदाय, नागा चर्चों, विभिन्न जनजातीय संगठनों, मणिपुर सरकार तथा राष्ट्रीय पीपुल्स पार्टी (NPP) के अध्यक्ष एवं मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और नागालैंड के मुख्यमंत्री डॉ. नेफियू रियो की अपीलों के बाद लिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">UNC द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागालैंड के मुख्यमंत्री डॉ. नेफियू रियो को आश्वस्त किया है कि गृह मंत्रालय अपहृत नागा व्यक्तियों का पता लगाएगा, अपहरण के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगा और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">UNC ने बताया कि उसने नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (NPO) के साथ मिलकर सभी संबंधित पक्षों से परामर्श के बाद 14 कुकी बंदियों की सुरक्षित रिहाई का निर्णय लिया। ये बंदी 13 मई से नागा विलेज गार्ड, नॉर्दर्न कमांड की हिरासत में थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">6 जून को UNC की आपातकालीन अध्यक्षीय परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर (ANSAM) और नागा विमेंस यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद परिषद ने सर्वसम्मति से 14 कुकी बंदियों को रिहा करने का निर्णय लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">UNC के अनुसार, 7 जून को मणिपुर सरकार ने भी आश्वासन दिया था कि वह लापता एवं अपहृत व्यक्तियों का पता लगाने, उनकी स्थिति स्पष्ट करने और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन अपीलों और आश्वासनों के आधार पर मंगलवार को शाम लगभग 4 बजे 14 कुकी बंदियों को रिहा कर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कांगपोकपी जिले में आयोजित एक भावनात्मक समारोह में सभी 14 बंदियों का उनके परिवारों से पुनर्मिलन हुआ। हालांकि, 13 मई को लेलोन वैफेई गांव से अपहृत किए गए छह नागा पुरुषों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे उनके परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">सेनापति जिले के विभिन्न नागरिक समाज संगठनों ने बंदियों को सेनापति पुलिस और जिला प्रशासन को सौंप दिया। इसके बाद प्रशासन ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं, जिनमें पहचान सत्यापन और चिकित्सीय परीक्षण शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">सुरक्षा व्यवस्था के बीच बंदियों को ताफौ कुकी गांव ले जाया गया और विधिवत हस्तांतरण-पत्र के माध्यम से गांव के प्रमुख को सौंप दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सभी पक्षों के सहयोग से संपन्न हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन ने बंदियों की सुरक्षित रिहाई में सहयोग देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नागालैंड और मेघालय के मुख्यमंत्रियों, सुरक्षा बलों, नागा नागरिक संगठनों, बैपटिस्ट वर्ल्ड अलायंस तथा अन्य सभी व्यक्तियों और संगठनों का आभार व्यक्त किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच मणिपुर सरकार ने कहा है कि वह छह लापता नागा व्यक्तियों का पता लगाने, अपहरण के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने तथा सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए अभियान तेज करेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उल्लेखनीय है कि 1 जून 2026 को नागा नागरिक समाज संगठनों की उपस्थिति में 14 कुकी बंदियों की बिना शर्त रिहाई की तैयारी पूरी कर ली गई थी, लेकिन जनभावनाओं और व्यापक परामर्श की मांग को देखते हुए उस दिन रिहाई को स्थगित कर दिया गया था।</p>
<p>14 कुकी बंदियों की रिहाई को एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल माना जा रहा है, लेकिन छह अपहृत नागा व्यक्तियों का अब भी कोई पता नहीं चलने से क्षेत्र में चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सिक्किम में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव, भारत-नेपाल-भूटान के प्रतिनिधि होंगे शामिल]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/sikkim-first-international-agro-tourism-festival-2026"><img alt="सिक्किम में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव, भारत-नेपाल-भूटान के प्रतिनिधि होंगे शामिल" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/agro-tourism-sikkim.jpg"></a><p>सिक्किम 13 से 15 जून तक अपना पहला अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव आयोजित करेगा। भारत, नेपाल और भूटान के प्रतिनिधियों की भागीदारी वाला यह आयोजन कृषि, पर्यटन, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/sikkim-first-international-agro-tourism-festival-2026]]></link>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 03:34:46 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/sikkim-first-international-agro-tourism-festival-2026</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Sikkim Agro Tourism Festival]]></category>
      <category><![CDATA[International Agro Tourism Festival]]></category>
      <category><![CDATA[Sikkim Tourism]]></category>
      <category><![CDATA[Nepal Bhutan India Festival]]></category>
      <category><![CDATA[Rural Tourism Sikkim]]></category>
      <category><![CDATA[Sustainable Tourism]]></category>
      <category><![CDATA[Himalayan Tourism]]></category>
      <category><![CDATA[Gangtok News]]></category>
      <category><![CDATA[Agro Tourism India]]></category>
      <category><![CDATA[Sikkim Agriculture]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/agro-tourism-sikkim.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/agro-tourism-sikkim.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="784" data-end="1116"><strong data-start="784" data-end="802">गंगटोक, 5 जून:</strong> हिमालयी क्षेत्र में सतत पर्यटन, ग्रामीण आजीविका और सीमापार सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिक्किम 13 से 15 जून तक अपने पहले <strong data-start="943" data-end="982">अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव</strong> की मेजबानी करेगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत, नेपाल और भूटान के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, पर्यटन पेशेवर और सांस्कृतिक दल भाग लेंगे।</p>
<p data-start="1118" data-end="1346">यह महोत्सव सिक्किम के तीन जिलों और तीन विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा, जहां राज्य की कृषि आधारित पर्यटन क्षमता, ग्रामीण जीवन शैली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा।</p>
<p data-start="1348" data-end="1691">महोत्सव का आयोजन <strong data-start="1365" data-end="1403">रेनॉक, मार्तम-रुमटेक और टेमी-तारकू</strong> विधानसभा क्षेत्रों की पर्यटन विकास समितियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह पहल किसानों, उद्यमियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी तथा पूर्वी हिमालयी क्षेत्र के समुदायों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेगी।</p>
<p data-start="1693" data-end="1935">आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक पर्यटन कार्यक्रम नहीं बल्कि क्षेत्रीय सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच भी बनेगा। इसमें भारत, नेपाल और भूटान से आने वाले प्रतिनिधि कृषि, ग्रामीण पर्यटन और सतत विकास से जुड़े अनुभव साझा करेंगे।</p>
<p data-start="1937" data-end="2239">महोत्सव के दौरान एग्रो-टूरिज्म प्रदर्शनी, खेतों पर आधारित पर्यटन गतिविधियां, स्थानीय कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक व्यंजन और ग्रामीण पर्यटन पर संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से आगंतुकों को सिक्किम के ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।</p>
<p data-start="2241" data-end="2517">आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम स्थानीय समुदायों को अपने कृषि उत्पादों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प और पर्यटन पहलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।</p>
<p data-start="2519" data-end="2841">विशेषज्ञों का मानना है कि एग्रो-टूरिज्म ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, किसानों की आय बढ़ाने और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। सिक्किम सरकार और स्थानीय पर्यटन संगठनों की यह पहल राज्य को एग्रो-टूरिज्म के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</p>
<p data-start="2843" data-end="3131">आयोजकों का विश्वास है कि कृषि, संस्कृति और पर्यटन को एक मंच पर लाने वाला यह महोत्सव भविष्य में सिक्किम के पर्यटन कैलेंडर का एक प्रमुख आयोजन बन सकता है। साथ ही यह भारत, नेपाल और भूटान जैसे हिमालयी पड़ोसी देशों के बीच सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p data-start="3133" data-end="3326" data-is-last-node="" data-is-only-node="">सिक्किम का यह पहला अंतरराष्ट्रीय एग्रो टूरिज्म महोत्सव न केवल राज्य की प्राकृतिक और कृषि संपदा को वैश्विक पहचान दिलाएगा, बल्कि सतत विकास और ग्रामीण समृद्धि के नए मॉडल के रूप में भी उभर सकता है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मिजोरम में 970 करोड़ रुपये के सुपारी तस्करी रैकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, चंफाई में 9 ठिकानों पर छापे]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/ed-raids-champhai-mizoram-970-crore-areca-nut-smuggling-case"><img alt="मिजोरम में 970 करोड़ रुपये के सुपारी तस्करी रैकेट पर ED की बड़ी कार्रवाई, चंफाई में 9 ठिकानों पर छापे" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/areca-nuts.jpg"></a><p>प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिजोरम के चंफाई जिले में 970 करोड़ रुपये के कथित अंतरराष्ट्रीय सुपारी तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 स्थानों पर छापेमारी की। मामला भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े धनशोधन और तस्करी से संबंधित है।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/ed-raids-champhai-mizoram-970-crore-areca-nut-smuggling-case]]></link>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 03:21:59 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/ed-raids-champhai-mizoram-970-crore-areca-nut-smuggling-case</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Mizoram ED Raid]]></category>
      <category><![CDATA[Champhai Smuggling Case]]></category>
      <category><![CDATA[Areca Nut Smuggling]]></category>
      <category><![CDATA[Myanmar Border Smuggling]]></category>
      <category><![CDATA[ED Investigation]]></category>
      <category><![CDATA[Money Laundering Case]]></category>
      <category><![CDATA[Champhai News]]></category>
      <category><![CDATA[Mizoram News]]></category>
      <category><![CDATA[PMLA Case]]></category>
      <category><![CDATA[CBI FIR]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/areca-nuts.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/areca-nuts.jpg">&nbsp;</p>
<div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
<div class="" data-turn-id-container="request-WEB:3ac10442-8e89-44d5-8346-429c0cde9a5a-1" data-is-intersecting="true">
<section class="text-token-text-primary w-full focus:outline-none has-data-writing-block:pointer-events-none [&amp;:has([data-writing-block])&gt;*]:pointer-events-auto R6Vx5W_threadScrollVars scroll-mb-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom,0px)+var(--thread-response-height))] scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-WEB:3ac10442-8e89-44d5-8346-429c0cde9a5a-1" data-turn-id-container="request-WEB:3ac10442-8e89-44d5-8346-429c0cde9a5a-1" data-testid="conversation-turn-4" data-scroll-anchor="false" data-turn="assistant">
<div class="text-base my-auto mx-auto pb-10 [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn" data-conversation-screenshot-content="">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1" dir="auto" tabindex="0" data-message-author-role="assistant" data-message-id="4b6287ad-5635-4fdf-a35c-f5cd3f6f3904" data-message-model-slug="gpt-5-5" data-turn-start-message="true">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p data-start="759" data-end="1086"><strong data-start="759" data-end="776">आइजोल, 5 जून:</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिजोरम के सीमावर्ती जिले चंफाई में कथित 970 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय सुपारी तस्करी और धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की है। एजेंसी के अनुसार यह नेटवर्क भारत-म्यांमार सीमा के जरिए वर्षों से सक्रिय था और इससे भारी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया गया।</p>
<p data-start="1088" data-end="1261">ED ने 4 जून को चंफाई जिले में तस्करी नेटवर्क से जुड़े कथित स्थानीय सहयोगियों के नौ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई <strong data-start="1214" data-end="1247">धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA)</strong> के तहत की गई।</p>
<p data-start="1263" data-end="1569">यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि म्यांमार से सूखी सुपारी (ड्राई अरेका नट) की बड़े पैमाने पर तस्करी कर भारत में लाई जा रही थी। यह एफआईआर जुलाई 2024 में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान <strong data-start="1516" data-end="1540">गौहाटी उच्च न्यायालय</strong> के निर्देश पर दर्ज की गई थी।</p>
<p data-start="1571" data-end="1711">ED के अनुसार वर्ष 2013 से 2025 के बीच इस तस्करी नेटवर्क के माध्यम से लगभग <strong data-start="1645" data-end="1697">970 करोड़ रुपये की अवैध आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम)</strong> अर्जित की गई।</p>
<p data-start="1713" data-end="2077">जांच एजेंसी का दावा है कि म्यांमार मूल की सूखी सुपारी, जिसे आमतौर पर <strong data-start="1782" data-end="1798">बर्मी सुपारी</strong> कहा जाता है, को चंफाई और जोखावथर क्षेत्र में बहने वाली <strong data-start="1854" data-end="1867">तियाउ नदी</strong> के रास्ते बिना किसी वैध सीमा शुल्क अनुमति के भारत में लाया जाता था। इसके बाद स्थानीय सहयोगी इन खेपों को गोदामों में संग्रहीत करते थे और उन्हें मिजोरम-असम सीमा पर स्थित वैरेंगटे तक पहुंचाने की व्यवस्था करते थे।</p>
<p data-start="2079" data-end="2349">जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को असम के सिलचर स्थित व्यापारियों और वित्तपोषकों द्वारा आर्थिक सहायता दी जाती थी। कथित तौर पर बैंकिंग माध्यमों से बड़ी रकम मिजोरम में संचालित खातों में भेजी जाती थी, जिनका उपयोग तस्करी गतिविधियों के संचालन में किया जाता था।</p>
<p data-start="2351" data-end="2571">ED ने आरोप लगाया है कि म्यांमार में आपूर्तिकर्ताओं को भारतीय मुद्रा में भुगतान किया जाता था, जिसे बाद में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सक्रिय मुद्रा विनिमय एजेंटों के माध्यम से म्यांमार की मुद्रा में परिवर्तित किया जाता था।</p>
<p data-start="2573" data-end="2907">जांच एजेंसी के अनुसार वर्ष 2021 से 2024 के बीच चंफाई जिले में फर्जी बागान प्रमाणपत्रों और जाली सीमा शुल्क दस्तावेजों के आधार पर <strong data-start="2701" data-end="2731">251.19 करोड़ रुपये के SGST</strong> तथा <strong data-start="2736" data-end="2765">86.25 करोड़ रुपये के CGST</strong> से संबंधित फर्जी ई-वे बिल तैयार किए गए। इन दस्तावेजों का उपयोग कथित रूप से तस्करी की गई सुपारी को वैध माल के रूप में दर्शाने के लिए किया गया।</p>
<p data-start="2909" data-end="3097">ED का कहना है कि स्थानीय सहयोगियों को खरीद, परिवहन, सुरक्षा एस्कॉर्ट और सीमा शुल्क संबंधी प्रक्रियाओं में मदद करने के बदले प्रति किलोग्राम <strong data-start="3048" data-end="3083">2 रुपये से 15 रुपये तक का कमीशन</strong> दिया जाता था।</p>
<p data-start="3099" data-end="3462">जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण तरीका यह था कि स्थानीय निवासियों को सीमा शुल्क अधिकारियों के समक्ष दावेदार के रूप में प्रस्तुत किया जाता था, ताकि जब्त की गई सुपारी की खेपों को अस्थायी रूप से रिहा कराया जा सके। एजेंसी के अनुसार, प्रत्येक जब्ती मामले में कथित तौर पर <strong data-start="3393" data-end="3439">20 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये से अधिक</strong> तक का भुगतान किया गया।</p>
<p data-start="3464" data-end="3641">इसके अलावा, कई मामलों में असंबंधित और भ्रामक आयात दस्तावेजों को सीमा शुल्क विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर तस्करी की गई सुपारी को वैध आयातित माल के रूप में दिखाने का प्रयास किया गया।</p>
<p data-start="3643" data-end="3823">ED द्वारा आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के विश्लेषण में यह भी पाया गया कि पिछले 13 वर्षों के दौरान 970 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि विभिन्न खातों के माध्यम से प्रवाहित की गई।</p>
<p data-start="3825" data-end="4103" data-is-last-node="" data-is-only-node="">फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों, वित्तीय लेनदेन और संभावित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह मामला पूर्वोत्तर भारत में सीमा पार तस्करी और उससे जुड़े धनशोधन नेटवर्क के खिलाफ चल रही सबसे बड़ी जांचों में से एक माना जा रहा है।</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="z-0 flex min-h-[46px] justify-start">&nbsp;</div>
<div class="mt-3 w-full empty:hidden">
<div class="text-center">&nbsp;</div>
</div>
</div>
</div>
</section>
</div>
</div>
<div class="pointer-events-none -mt-px h-px translate-y-[calc(var(--scroll-root-safe-area-inset-bottom)-14*var(--spacing))]" aria-hidden="true">&nbsp;</div>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कांगपोकपी के लोइबोल खुल्लेन में KLA-KNF(P) संघर्ष: दंपति समेत 3 की मौत, 7 घर जले]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/loibol-khullen-kla-knfp-clash-kangpokpi-three-killed"><img alt="कांगपोकपी के लोइबोल खुल्लेन में KLA-KNF(P) संघर्ष: दंपति समेत 3 की मौत, 7 घर जले" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/three-killed-in-kangpokpi.jpg"></a><p>मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन गांव में KLA और KNF(P) के बीच हुई भीषण गोलीबारी में दंपति समेत तीन लोगों की मौत हो गई। सात घरों को आग के हवाले कर दिया गया। घटना पर RNCM और अन्य संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/loibol-khullen-kla-knfp-clash-kangpokpi-three-killed]]></link>
      <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 03:09:45 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/loibol-khullen-kla-knfp-clash-kangpokpi-three-killed</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Loibol Khullen Clash]]></category>
      <category><![CDATA[KLA KNFP Gunfight]]></category>
      <category><![CDATA[Kangpokpi Violence]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur News]]></category>
      <category><![CDATA[Kuki Militants]]></category>
      <category><![CDATA[Rongmei Naga Council Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[SoO Camps Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Pongringlong Village]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Security Forces]]></category>
      <category><![CDATA[Kangpokpi District News]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/three-killed-in-kangpokpi.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/three-killed-in-kangpokpi.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="758" data-end="1071"><strong data-start="758" data-end="775">इंफाल, 5 जून:</strong> मणिपुर के कांगपोकपी जिले के न्यू कैथेलमणबी थाना क्षेत्र अंतर्गत लोइबोल खुल्लेन गांव में शुक्रवार तड़के दो कुकी उग्रवादी संगठनों&mdash;KLA और KNF(P)&mdash;के बीच हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक पति-पत्नी भी शामिल हैं। घटना के दौरान सात घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया।</p>
<p data-start="1073" data-end="1344">सूत्रों के अनुसार, सुबह लगभग 4 बजे गांव में दोनों समूहों के बीच सशस्त्र संघर्ष शुरू हुआ। गोलीबारी रुक-रुक कर सुबह 9 बजे तक जारी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस दौरान अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कई मकानों में आग लगा दी, जिससे सात घर पूरी तरह नष्ट हो गए।</p>
<p data-start="1346" data-end="1562">मृतकों की पहचान <strong data-start="1362" data-end="1381">लेटखोंगम हाओकिप</strong>, उनकी पत्नी <strong data-start="1394" data-end="1412">टिनमेरी हाओकिप</strong> तथा <strong data-start="1417" data-end="1438">जांगमिनलाल हाओकिप</strong> के रूप में हुई है। तीनों लोइबोल खुल्लेन गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि जांगमिनलाल हाओकिप गांव के प्रधान (हेडमैन) थे।</p>
<p data-start="1564" data-end="1819">स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है, क्योंकि संघर्ष की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में वर्दीधारी हथियारबंद लोगों को मृतकों के शव ले जाते हुए देखा गया है।</p>
<p data-start="1821" data-end="2036">घटना की सूचना मिलते ही राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें गांव पहुंचीं और हालात को नियंत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया। सुरक्षा बलों ने लोइबोल खुल्लेन तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया।</p>
<p data-start="2038" data-end="2438">इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसे कथित तौर पर संघर्षग्रस्त गांव का बताया जा रहा है। वीडियो में कुकी बोली बोलने वाला एक व्यक्ति दूसरे हथियारबंद व्यक्ति को विभिन्न दिशाओं में गोली चलाने के निर्देश देता हुआ सुनाई देता है। गोलीबारी के बाद वह उसकी प्रशंसा करते हुए "वेल डन" कहता है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और इसके वास्तविक संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p data-start="2440" data-end="2808">घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए <strong data-start="2476" data-end="2514">रोंगमेई नागा काउंसिल मणिपुर (RNCM)</strong> ने गहरा दुख और चिंता जताई है। परिषद ने आरोप लगाया कि लेइबोन कुकी गांव और नागा गांव पोंगरिंगलोंग (चारोइपांडोंगबा) पार्ट-1 के बीच हुए हमले में कुकी उग्रवादियों की भूमिका रही है। परिषद के अनुसार, सुबह लगभग 3:30 बजे अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा गंभीर रूप से खतरे में पड़ गई।</p>
<p data-start="2810" data-end="3075">RNCM ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा की परवाह किए बिना इस प्रकार की हिंसक गतिविधियां और सामुदायिक तनाव भड़काने के प्रयास पूरी तरह निंदनीय हैं। परिषद ने संबंधित पक्षों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और सभी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को तुरंत बंद करने की मांग की।</p>
<p data-start="3077" data-end="3369">संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से क्षेत्र में मौजूद सभी <strong data-start="3133" data-end="3161">सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO)</strong> शिविरों को तत्काल हटाने की भी मांग की। RNCM का आरोप है कि SoO के अंतर्गत आने वाले उग्रवादी आधुनिक हथियारों के साथ क्षेत्र में सक्रिय हैं और पोंगरिंगलोंग के आसपास रहने वाले नागा ग्रामीणों को भयभीत कर रहे हैं।</p>
<p data-start="3371" data-end="3675">इसी प्रकार <strong data-start="3382" data-end="3418">कोऑर्डिनेशन कमेटी लॉन्गमाई एरिया</strong> ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कुकी उग्रवादियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। समिति ने सरकार से SoO शिविरों को तत्काल समाप्त करने की मांग दोहराई और कहा कि क्षेत्र में सक्रिय हथियारबंद समूह स्थानीय नागा गांवों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।</p>
<p data-start="3677" data-end="3828">समिति ने आम जनता से सतर्क रहने तथा नागा बहुल गांवों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।</p>
<p data-start="3830" data-end="4028" data-is-last-node="" data-is-only-node="">लोइबोल खुल्लेन की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। इस ताजा हिंसा ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Makhan Convention में SoO खत्म करने, NRC अपडेट और Narco-Terrorism के खिलाफ अभियान की मांग]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/makhan-native-peoples-convention-soo-nrc-narco-terrorism-manipur"><img alt="Makhan Convention में SoO खत्म करने, NRC अपडेट और Narco-Terrorism के खिलाफ अभियान की मांग" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/npcm.jpg"></a><p>Makhan में आयोजित Native Peoples’ Convention में SoO Agreement समाप्त करने, NRC अपडेट, Assam Rifles की समीक्षा और Narco-Terrorism के खिलाफ संयुक्त अभियान सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/makhan-native-peoples-convention-soo-nrc-narco-terrorism-manipur]]></link>
      <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 18:02:22 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/makhan-native-peoples-convention-soo-nrc-narco-terrorism-manipur</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Native Peoples Convention]]></category>
      <category><![CDATA[NPCM]]></category>
      <category><![CDATA[Makhan Village]]></category>
      <category><![CDATA[SoO Agreement]]></category>
      <category><![CDATA[NRC Update Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Narco Terrorism Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Assam Rifles Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Meitei Naga Unity]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Indigenous People]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur News]]></category>
      <category><![CDATA[Native Peoples Day]]></category>
      <category><![CDATA[K Timothy Zimik]]></category>
      <category><![CDATA[Dr Y Premanda]]></category>
      <category><![CDATA[Dr RK Narendra]]></category>
      <category><![CDATA[Homen Thangjam]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Politics]]></category>
      <category><![CDATA[Indigenous Rights Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[NRC Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[SoO Abrogation]]></category>
      <category><![CDATA[Kangpokpi News]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/npcm.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/npcm.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="895" data-end="1321">कांगपोकपी जिले के ऐतिहासिक <strong data-start="940" data-end="958">Makhan village</strong>&nbsp;में आयोजित <strong data-start="970" data-end="1000">Native Peoples&rsquo; Convention</strong> में मणिपुर के स्वदेशी समुदायों से जुड़े विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और सुरक्षा मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन में Meitei और Naga समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए राज्य की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की और मूल निवासियों के अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए साझा रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p data-start="1323" data-end="1667">&ldquo;<strong data-start="1324" data-end="1344">Unified Response</strong>&rdquo; थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें <strong data-start="1432" data-end="1476">Suspension of Operations (SoO) Agreement</strong> को समाप्त करने, <strong data-start="1493" data-end="1532">National Register of Citizens (NRC)</strong> को अद्यतन करने, <strong data-start="1549" data-end="1565">Assam Rifles</strong> की भूमिका की समीक्षा करने तथा <strong data-start="1596" data-end="1615">Narco-Terrorism</strong> के खिलाफ व्यापक जन अभियान चलाने की मांग प्रमुख रही।</p>
<p data-start="1669" data-end="1930">सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि मणिपुर पिछले कुछ वर्षों से जटिल चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनका प्रभाव सीधे तौर पर राज्य के मूल निवासियों पर पड़ रहा है। प्रतिभागियों ने माना कि इन चुनौतियों का समाधान केवल सामूहिक संवाद, सहयोग और संगठित प्रयासों से ही संभव है।</p>
<p data-start="1932" data-end="2273">कार्यक्रम में <strong data-start="1946" data-end="1966">K. Timothy Zimik</strong>, <strong data-start="1968" data-end="1987">Dr. Y. Premanda</strong>, <strong data-start="1989" data-end="2010">Dr. R.K. Narendra</strong> और <strong data-start="2014" data-end="2032">Homen Thangjam</strong> सहित विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने जनसांख्यिकीय बदलाव, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक एकता और राज्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन <strong data-start="2226" data-end="2244">Jurish Abonmai</strong> और <strong data-start="2248" data-end="2264">Ashem Prince</strong> ने किया।</p>
<p data-start="2275" data-end="2706">सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों ने राज्य में बढ़ती मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। Narco-Terrorism को मणिपुर की शांति और सामाजिक संरचना के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए इसके खिलाफ सभी स्वदेशी समुदायों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया। इस दिशा में नागरिक समाज संगठनों, गांव प्राधिकरणों और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर जन-जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।</p>
<p data-start="2708" data-end="3034">सम्मेलन ने केंद्र और राज्य सरकार से SoO Agreement की समीक्षा कर उसे समाप्त करने की मांग की। प्रतिभागियों का मत था कि राज्य में स्थायी शांति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा आवश्यक है। इसी क्रम में Assam Rifles की भूमिका पर भी चर्चा हुई और इसकी तैनाती को लेकर पुनर्विचार की मांग उठाई गई।</p>
<p data-start="3036" data-end="3277">NRC को लेकर सम्मेलन ने कहा कि नागरिकता और जनसंख्या संबंधी मुद्दों पर स्पष्टता लाने के लिए मणिपुर में NRC का अद्यतन आवश्यक है। प्रतिभागियों ने इसे भूमि अधिकारों, संसाधनों के वितरण और प्रशासनिक योजना से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों में से एक बताया।</p>
<p data-start="3279" data-end="3572">राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सम्मेलन ने विधायकों के साथ एक संयुक्त परामर्श बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया। सम्मेलन का मानना था कि निर्वाचित प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के बीच नियमित संवाद से राज्य के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सहमति विकसित की जा सकती है।</p>
<p data-start="3574" data-end="3851">सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि <strong data-start="3611" data-end="3657">Native Peoples&rsquo; Convention, Manipur (NPCM)</strong> के सदस्य किसी भी चुनौती या संकट की स्थिति में एक-दूसरे का सामूहिक रूप से समर्थन करेंगे। साथ ही, ऐसे किसी भी कदम से दूरी बनाए रखेंगे जिसे स्वदेशी समुदायों की एकता के लिए नुकसानदायक माना जाता हो।</p>
<p data-start="3853" data-end="4140">जन-जागरूकता और सामाजिक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए सम्मेलन ने प्रत्येक वर्ष <strong data-start="3928" data-end="3937">2 जून</strong> को <strong data-start="3941" data-end="3966">&ldquo;Native Peoples&rsquo; Day&rdquo;</strong> के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसके अलावा मणिपुर के सभी जिलों में परामर्श बैठकों का आयोजन कर लोगों को स्वदेशी समुदायों से जुड़े मुद्दों पर जागरूक करने की योजना भी बनाई गई।</p>
<p data-start="4142" data-end="4473">सम्मेलन की एक अन्य महत्वपूर्ण पहल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मणिपुर के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने से जुड़ी रही। इसके लिए एक विशेष समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया, जो राष्ट्रीय नेताओं, मीडिया संस्थानों और अन्य मंचों पर राज्य तथा उसके मूल निवासियों के समक्ष मौजूद चुनौतियों को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करेगी।</p>
<p data-start="4475" data-end="4762" data-is-last-node="" data-is-only-node="">सम्मेलन के अंत में प्रतिभागियों ने मणिपुर की एकता, सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। आयोजकों ने इसे राज्य के विभिन्न मूल निवासी समुदायों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[म्यांमार का भारत को बड़ा भरोसा: उसकी धरती से नहीं होंगी भारत-विरोधी गतिविधियां, मोदी-ह्लाइंग वार्ता में सुरक्षा पर जोर]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/myanmar-assures-india-no-anti-india-activities-from-its-territory-modi-hlaing-talks"><img alt="म्यांमार का भारत को बड़ा भरोसा: उसकी धरती से नहीं होंगी भारत-विरोधी गतिविधियां, मोदी-ह्लाइंग वार्ता में सुरक्षा पर जोर" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/myanmar-president-in-india.jpg"></a><p>म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वासन दिया कि म्यांमार की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होगा। सुरक्षा, कनेक्टिविटी, व्यापार और पूर्वोत्तर भारत पर हुई अहम चर्चा।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/myanmar-assures-india-no-anti-india-activities-from-its-territory-modi-hlaing-talks]]></link>
      <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 17:43:40 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/myanmar-assures-india-no-anti-india-activities-from-its-territory-modi-hlaing-talks</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Myanmar India Relations]]></category>
      <category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
      <category><![CDATA[Min Aung Hlaing]]></category>
      <category><![CDATA[India Myanmar Border]]></category>
      <category><![CDATA[India Myanmar Security Cooperation]]></category>
      <category><![CDATA[Northeast India]]></category>
      <category><![CDATA[Act East Policy]]></category>
      <category><![CDATA[Kaladan Project]]></category>
      <category><![CDATA[Trilateral Highway]]></category>
      <category><![CDATA[India Myanmar News]]></category>
      <category><![CDATA[मयमर भरत सबध]]></category>
      <category><![CDATA[नरदर मद]]></category>
      <category><![CDATA[य मन आग हलइग]]></category>
      <category><![CDATA[भरत मयमर सम]]></category>
      <category><![CDATA[परवततर भरत]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[नगलड]]></category>
      <category><![CDATA[मजरम]]></category>
      <category><![CDATA[अरणचल परदश]]></category>
      <category><![CDATA[कलदन परयजन]]></category>
      <category><![CDATA[एकट ईसट पलस]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/myanmar-president-in-india.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/june-2026/myanmar-president-in-india.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="1050" data-end="1491">भारत-म्यांमार संबंधों को नई मजबूती देते हुए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आश्वासन दिया है कि म्यांमार की भूमि का इस्तेमाल भारत की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दे और म्यांमार की आंतरिक स्थिति भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।</p>
<p data-start="1493" data-end="1890">भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए राष्ट्रपति ह्लाइंग और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई वार्ता में सीमा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और संपर्क परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने लगभग 1,600 किलोमीटर लंबी भारत-म्यांमार सीमा पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। यह सीमा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम जैसे संवेदनशील पूर्वोत्तर राज्यों से होकर गुजरती है।</p>
<p data-start="1892" data-end="2270">भारत लंबे समय से सीमा पार उग्रवादी गतिविधियों, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और अस्थिरता को लेकर चिंता व्यक्त करता रहा है। ऐसे में म्यांमार की ओर से दिया गया यह आश्वासन रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान में साझा सुरक्षा हितों की रक्षा और द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।</p>
<p data-start="2272" data-end="2644">प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि म्यांमार भारत की &lsquo;नेबरहुड फर्स्ट&rsquo;, &lsquo;एक्ट ईस्ट&rsquo; और &lsquo;महासागर&rsquo; नीतियों का महत्वपूर्ण साझेदार है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि व्यापक आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए भी आवश्यक हैं।</p>
<p data-start="2646" data-end="3094">बैठक में कनेक्टिविटी परियोजनाओं को विशेष महत्व दिया गया। दोनों पक्षों ने कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इन परियोजनाओं को भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ियों के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क को नई गति मिलेगी।</p>
<p data-start="3096" data-end="3364">व्यापार और निवेश सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने रुपये-क्यात भुगतान प्रणाली के उपयोग को बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही कृषि, कृषि-प्रसंस्करण, ऊर्जा, पेट्रोलियम, खनन और आधारभूत ढांचा विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p data-start="3366" data-end="3672">शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि वर्ष 2026 से म्यांमार के छात्रों के लिए मेकांग-गंगा आईसीसीआर छात्रवृत्तियों की संख्या 36 से बढ़ाकर 100 की जाएगी। इस पहल को दोनों देशों के बीच जन-से-जन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p data-start="3674" data-end="3908">भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति ह्लाइंग ने बोधगया का भी दौरा किया और महाबोधि मंदिर सहित अन्य बौद्ध स्थलों पर दर्शन किए। यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्ध विरासत से जुड़े गहरे संबंधों को भी रेखांकित करती है।</p>
<p data-start="3910" data-end="4229">राष्ट्रपति ह्लाइंग ने भारत-म्यांमार बिजनेस कॉन्क्लेव में भाग लेकर दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित एनटीपीसी एनर्जी टेक्नोलॉजी रिसर्च अलायंस (NETRA) केंद्र का दौरा कर भारत की स्वच्छ ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों में हो रही प्रगति की जानकारी प्राप्त की।</p>
<p data-start="4231" data-end="4675" data-is-last-node="" data-is-only-node="">विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा, आर्थिक विकास और दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क बढ़ाने के लिए म्यांमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का यह आश्वासन केवल एक कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि भारत और विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए रणनीतिक महत्व का संदेश है। आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग और अधिक गहरा होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
  </channel>
</rss>
