<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">
  <channel>
    <title><![CDATA[Articles by Naorem Mohen | Purvottar Khabar]]></title>
    <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/author/1]]></link>
    <description><![CDATA[Latest multi-category articles and blogs written by Naorem Mohen, published on Purvottar Khabar. Stay informed with trusted insights.]]></description>
    <managingEditor>blogger.naorem@gmail.com (Purvottar Khabar)</managingEditor>
    <webMaster>blogger.naorem@gmail.com (Purvottar Khabar)</webMaster>
    <copyright><![CDATA[Copyright: (C) Purvottar Khabar. All Rights Reserved.]]></copyright>
    <ttl>15</ttl>
    <language>en-US</language>
    <lastBuildDate>Sat, 22 Aug 2026 16:23:39 GMT</lastBuildDate>
    <generator>Keynate RSS Generator</generator>
    <atom:link xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" href="https://www.purvottarkhabar.in/feeds/author/naorem-mohen/1" rel="self" type="application/rss+xml" />
    <atom:link xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" href="https://www.purvottarkhabar.in/author/1" rel="alternate" type="text/html" />
    <atom:link xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" rel="hub" href="https://pubsubhubbub.appspot.com/" />
    <image>
      <title>Articles by Naorem Mohen | Purvottar Khabar</title>
      <url>https://www.purvottarkhabar.in/apple-touch-icon.png</url>
      <link>https://www.purvottarkhabar.in/author/1</link>
      <width>96</width>
      <height>96</height>
    </image>
    <item>
      <title><![CDATA[RSS समन्वय बैठक में युवा, नशा, जनसांख्यिकीय बदलाव और AI पर चर्चा]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-samanvay-baithak-yuva-nasha-jansankhyiki-ai"><img alt="RSS समन्वय बैठक में युवा, नशा, जनसांख्यिकीय बदलाव और AI पर चर्चा" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/rss-meet-discusses-youth-drug-abuse-demography-and-ai.jpg"></a><p>विशाखापत्तनम के पास आयोजित RSS प्रेरित संगठनों की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में युवा, नशाखोरी, जनसांख्यिकीय बदलाव, AI, पर्यावरण और आत्मनिर्भर विकास पर चर्चा हुई।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-samanvay-baithak-yuva-nasha-jansankhyiki-ai]]></link>
      <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 16:23:39 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-samanvay-baithak-yuva-nasha-jansankhyiki-ai</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[RSS]]></category>
      <category><![CDATA[रषटरय सवयसवक सघ]]></category>
      <category><![CDATA[RSS समनवय बठक]]></category>
      <category><![CDATA[अखल भरतय समनवय बठक]]></category>
      <category><![CDATA[महन भगवत]]></category>
      <category><![CDATA[दतततरय हसबल]]></category>
      <category><![CDATA[स आर मकद]]></category>
      <category><![CDATA[यव मदद]]></category>
      <category><![CDATA[नशखर]]></category>
      <category><![CDATA[छतर म नश]]></category>
      <category><![CDATA[जनसखयकय बदलव]]></category>
      <category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
      <category><![CDATA[AI]]></category>
      <category><![CDATA[पच परवरतन]]></category>
      <category><![CDATA[परयवरण सरकषण]]></category>
      <category><![CDATA[आतमनरभर वकस]]></category>
      <category><![CDATA[कशल वकस]]></category>
      <category><![CDATA[लघ उदयग भरत]]></category>
      <category><![CDATA[NEET]]></category>
      <category><![CDATA[असम बढ]]></category>
      <category><![CDATA[वशखपततनम]]></category>
      <category><![CDATA[आधर परदश]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/rss-meet-discusses-youth-drug-abuse-demography-and-ai.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/rss-meet-discusses-youth-drug-abuse-demography-and-ai.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 22 अगस्त:</strong> युवाओं से जुड़े मुद्दे, बढ़ती नशाखोरी, जनसांख्यिकीय बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रेरित संगठनों की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में चर्चा हुई। बैठक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के निकट गुडिलोवा में संपन्न हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस समन्वय बैठक में 32 संगठनों के कुल 326 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 49 महिलाएं भी शामिल थीं। RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक की जानकारी देते हुए RSS के सह सरकार्यवाह सी. आर. मुकुंद ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किए गए राहत और पुनर्वास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें असम में आई बाढ़ के दौरान चलाए गए राहत कार्य भी शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">चर्चा का एक प्रमुख हिस्सा युवाओं के सामने बढ़ती सामाजिक चुनौतियों पर केंद्रित रहा। प्रतिभागियों ने छात्रों और युवाओं के बीच मादक पदार्थों के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशाखोरी की समस्या को केवल पुलिस या कानून प्रवर्तन एजेंसियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, प्रशासन और पुलिस को मिलकर काम करने की जरूरत है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जनसांख्यिकीय बदलाव और उसके सामाजिक प्रभावों पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रतिनिधियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पैदा हो रही नई संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा की। तेजी से बदलती तकनीकी परिस्थितियों के बीच युवाओं को रचनात्मक और सकारात्मक रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पर्यावरण संरक्षण बैठक का एक अन्य प्रमुख विषय रहा। RSS के शताब्दी वर्ष से जुड़े <em>पंच परिवर्तन</em> अभियान के तहत सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण और दैनिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव पर चर्चा हुई।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे उपायों को समुदाय स्तर पर अपनाने योग्य व्यावहारिक पहल के रूप में रेखांकित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक में कौशल विकास और आत्मनिर्भर विकास के विभिन्न मॉडलों पर भी चर्चा की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक में साझा की गई जानकारी के अनुसार, लघु उद्योग भारती ने अपने सूक्ष्म उद्योग कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से वर्ष के दौरान 41,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सी. आर. मुकुंद ने कहा कि युवाओं द्वारा उठाई जाने वाली चिंताओं और व्यवस्था से जुड़ी कमियों को रचनात्मक तरीके से दूर करने की आवश्यकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज और सरकारों के बीच सहयोग के जरिए ऐसी समस्याओं का समाधान खोजा जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैठक में RSS के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।</p>
<p>डॉ. मोहन भागवत की प्रस्तावित अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन यात्राओं को संगठन के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया। इन यात्राओं का उद्देश्य भारत के बाहर रहने वाले समुदायों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाना है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[33 असम राइफल्स के आमंत्रण पर मणिपुर विश्वविद्यालय ने मनाया देशभक्ति उत्सव, पाइप बैंड की शानदार प्रस्तुति]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/33-assam-rifles-manipur-university-pipe-band-patriotic-programme"><img alt="33 असम राइफल्स के आमंत्रण पर मणिपुर विश्वविद्यालय ने मनाया देशभक्ति उत्सव, पाइप बैंड की शानदार प्रस्तुति" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/assam-rifles-pipe-band-perform-with-manipur-university.jpg"></a><p>मणिपुर विश्वविद्यालय में हर घर तिरंगा यात्रा निकाली गई और 33 असम राइफल्स के पाइप बैंड ने देशभक्ति व सैन्य धुनों की प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश दिया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/33-assam-rifles-manipur-university-pipe-band-patriotic-programme]]></link>
      <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:53:11 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/33-assam-rifles-manipur-university-pipe-band-patriotic-programme</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[मणपर वशववदयलय]]></category>
      <category><![CDATA[हर घर तरग यतर]]></category>
      <category><![CDATA[33 असम रइफलस]]></category>
      <category><![CDATA[Assam Rifles Pipe Band]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur University]]></category>
      <category><![CDATA[Imphal News]]></category>
      <category><![CDATA[Har Ghar Tiranga]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर समचर]]></category>
      <category><![CDATA[दशभकत करयकरम]]></category>
      <category><![CDATA[NSS Manipur University]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/assam-rifles-pipe-band-perform-with-manipur-university.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/assam-rifles-pipe-band-perform-with-manipur-university.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 12 अगस्त 2026:</strong> मणिपुर विश्वविद्यालय में बुधवार को देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का माहौल देखने को मिला। विश्वविद्यालय समुदाय ने <strong>हर घर तिरंगा यात्रा</strong> निकाली, जबकि <strong>33 असम राइफल्स के पाइप बैंड</strong> ने विश्वविद्यालय के बायोडायवर्सिटी पार्क में देशभक्ति और सैन्य धुनों की शानदार प्रस्तुति दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम से पहले मणिपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से हर घर तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लिए विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और एनएसएस स्वयंसेवक बायोडायवर्सिटी पार्क की ओर बढ़े। यात्रा के दौरान पूरे परिसर में राष्ट्रीय गौरव और उत्साह का वातावरण बना रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/har-ghar-tiranga-yatra.jpg"></p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में मणिपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति <strong>प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह</strong>, रजिस्ट्रार <strong>प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह</strong>, 33 असम राइफल्स के कमांडेंट <strong>कर्नल राधा कृष्ण</strong>, छात्र कल्याण अधिष्ठाता <strong>प्रो. च. इबोहाल सिंह</strong> और एनएसएस सेल के कार्यक्रम समन्वयक <strong>प्रो. लैशराम संतोष सिंह</strong> उपस्थित रहे।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके अलावा सुरक्षा अधिकारी <strong>वाई. सांतिकुमार सिंह</strong>, जनसंपर्क अधिकारी <strong>डॉ. सकिला नोंगमेकापम</strong>, चिकित्सा अधिकारी <strong>डॉ. लामाबम पिंकी</strong>, जूलॉजी विभाग के प्रमुख <strong>क्षेत्रीमयुम बिरला सिंह</strong> सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और एनएसएस स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
<h3>देशभक्ति की धुनों से गूंजा विश्वविद्यालय परिसर</h3>
<p class="isSelectedEnd">33 असम राइफल्स के पाइप बैंड ने देशभक्ति और सैन्य परंपरा से जुड़ी कई धुनों की प्रस्तुति दी। प्रत्येक प्रस्तुति के माध्यम से साहस, बलिदान, अनुशासन, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">बैंड ने प्रसिद्ध देशभक्ति मार्च <strong>&lsquo;कदम कदम बढ़ाए जा&rsquo;</strong> प्रस्तुत किया, जिसने भारतीय सैनिकों के साहस और दृढ़ संकल्प की भावना को जीवंत कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद <strong>&lsquo;जय जन्मभूमि&rsquo;</strong> की प्रस्तुति के माध्यम से मातृभूमि को केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और साझा पहचान से जुड़े भावनात्मक रिश्ते के रूप में प्रस्तुत किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>&lsquo;विजय भारत&rsquo;</strong> की प्रस्तुति देश की सशस्त्र सेनाओं के साहस और बलिदान को समर्पित रही। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि देश के नागरिकों को मिलने वाली शांति और सुरक्षा के पीछे कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों की सतर्कता और समर्पण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</p>
<h3>&lsquo;ऐ वतन&rsquo; से &lsquo;सारे जहां से अच्छा&rsquo; तक</h3>
<p class="isSelectedEnd">पाइप बैंड ने <strong>&lsquo;ऐ वतन ऐ वतन&rsquo;</strong> के साथ विभिन्न सैन्य और स्लो मार्च धुनों की भी प्रस्तुति दी। इन प्रस्तुतियों में सशस्त्र बलों की अनुशासनपूर्ण संगीत परंपरा और आपसी तालमेल की झलक दिखाई दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद <strong>&lsquo;देशों का सरताज भारत&rsquo;</strong> की धुन के जरिए भारत की सांस्कृतिक विविधता और गौरव को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में विशेष <strong>ड्रम रोल</strong> प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम की प्रमुख प्रस्तुतियों में <strong>&lsquo;सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा&rsquo;</strong> भी शामिल रहा। इस धुन ने भाषा, क्षेत्र और संस्कृति की विविधताओं के बावजूद देशवासियों को जोड़ने वाली साझा राष्ट्रीय भावना और एकता का संदेश दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd"><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/pipe-band.jpg"></p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के माध्यम से यह भी रेखांकित किया गया कि देशभक्ति केवल नारों या औपचारिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। देश के प्रति प्रेम व्यक्ति के आचरण, जिम्मेदारियों और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उसकी भागीदारी में भी दिखाई देना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">विशेष रूप से युवाओं को अनुशासन, साहस, जिम्मेदारी, एकता और सेवा जैसे मूल्यों को आत्मसात करने तथा देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए सशस्त्र बलों द्वारा दिए गए बलिदानों को याद रखने का संदेश दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम का समापन <strong>&lsquo;वंदे मातरम्&rsquo;</strong> और इसके बाद <strong>राष्ट्रगान</strong> के साथ हुआ। असम राइफल्स के जवानों और मणिपुर विश्वविद्यालय समुदाय ने एक साथ खड़े होकर राष्ट्रीय सम्मान और एकता की भावना व्यक्त की।</p>
<p>हर घर तिरंगा यात्रा और पाइप बैंड कार्यक्रम ने मणिपुर विश्वविद्यालय समुदाय को तिरंगे की भावना का उत्सव मनाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकीकरण, एकता और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को दोहराने का अवसर प्रदान किया।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[NSCN-IM ने फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को बताया नागा समाधान का एकमात्र आधार, केंद्र पर देरी का आरोप]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/nscn-im-framework-agreement-10th-anniversary-centre-delay-naga-peace-talks"><img alt="NSCN-IM ने फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को बताया नागा समाधान का एकमात्र आधार, केंद्र पर देरी का आरोप" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/framework-agreement-the-nscn-im.jpg"></a><p>फ्रेमवर्क एग्रीमेंट की 10वीं वर्षगांठ पर एनएससीएन-आईएम ने 2015 के समझौते को नागा राजनीतिक समाधान का एकमात्र आधार बताया। संगठन ने केंद्र सरकार पर अंतिम समझौते में देरी करने का आरोप लगाया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/nscn-im-framework-agreement-10th-anniversary-centre-delay-naga-peace-talks]]></link>
      <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 09:41:53 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/nscn-im-framework-agreement-10th-anniversary-centre-delay-naga-peace-talks</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[एनएससएनआईएम]]></category>
      <category><![CDATA[फरमवरक एगरमट]]></category>
      <category><![CDATA[नग शत वरत]]></category>
      <category><![CDATA[नग रजनतक मदद]]></category>
      <category><![CDATA[नग समझत 2015]]></category>
      <category><![CDATA[कय तकक]]></category>
      <category><![CDATA[भरत सरकर]]></category>
      <category><![CDATA[नग धवज]]></category>
      <category><![CDATA[नग सवधन]]></category>
      <category><![CDATA[नगलड समचर]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/framework-agreement-the-nscn-im.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/framework-agreement-the-nscn-im.jpg">&nbsp;</p>
<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="625" data-end="953"><strong data-start="625" data-end="645">कोहिमा, 3 अगस्त:</strong> फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर एनएससीएन-आईएम (NSCN-IM) ने सोमवार को दोहराया कि वर्ष 2015 में भारत सरकार के साथ हुआ फ्रेमवर्क एग्रीमेंट ही नागा राजनीतिक मुद्दे के समाधान का एकमात्र आधार है। संगठन ने केंद्र सरकार पर अंतिम राजनीतिक समझौते में जानबूझकर देरी करने का आरोप भी लगाया।</p>
<p data-start="955" data-end="1322">हेब्रोन स्थित संगठन के परिषद मुख्यालय से जारी स्मारक संबोधन में एनएससीएन-आईएम के अध्यक्ष <strong data-start="1044" data-end="1069">क्यू तुक्कू (Q Tuccu)</strong> ने दिवंगत नेताओं <strong data-start="1087" data-end="1105">इसाक चिशी स्वू</strong> और <strong data-start="1109" data-end="1124">टीएच मुइवाह</strong> सहित नागा आंदोलन के अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इनके नेतृत्व और बलिदान के कारण ही नागा राजनीतिक मुद्दा भारत के प्रधानमंत्री स्तर तक वार्ता का विषय बन सका।</p>
<p data-start="1324" data-end="1582">गौरतलब है कि <strong data-start="1337" data-end="1353">3 अगस्त 2015</strong> को भारत सरकार और एनएससीएन-आईएम के बीच फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसे दशकों पुराने नागा शांति प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया था। हालांकि, समझौते के दस वर्ष बाद भी अंतिम राजनीतिक समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p data-start="1584" data-end="1849">क्यू तुक्कू ने दावा किया कि फ्रेमवर्क एग्रीमेंट में नागाओं के "विशिष्ट स्वतंत्र इतिहास" को स्वीकार किया गया है और नागा राष्ट्रीय इकाई को मान्यता दी गई है। उनके अनुसार, यह समझौता नागाओं और भारत के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर आधारित नए संबंधों की परिकल्पना करता है।</p>
<p data-start="1851" data-end="2235">उन्होंने कहा कि इस समझौते को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों के विपरीत इसमें नागाओं की राजनीतिक पहचान तथा भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर उनके अधिकारों को मान्यता दी गई है। साथ ही, नागालैंड के बाहर बसे नागा क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित <strong data-start="2081" data-end="2118">नागा रीजनल टेरिटरी काउंसिल (NRTC)</strong> जैसी राजनीतिक व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है, जब तक कि क्षेत्रीय एकीकरण के मुद्दे पर अंतिम समाधान नहीं निकल जाता।</p>
<p data-start="2237" data-end="2433">तुक्कू ने कहा कि फ्रेमवर्क एग्रीमेंट सभी नागाओं और सभी नागा राजनीतिक समूहों को समाहित करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते के दायरे से बाहर किसी भी राजनीतिक समाधान की कोशिश व्यर्थ साबित होगी।</p>
<p data-start="2435" data-end="2729">एनएससीएन-आईएम अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने पिछले दस वर्षों में अंतिम राजनीतिक समझौते को जानबूझकर टालने का प्रयास किया है और समझौते की व्याख्या अपने हितों के अनुसार करने की कोशिश की है। उन्होंने कुछ "भुगतान प्राप्त लेखकों" और "प्रचारकों" पर भी समझौते को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।</p>
<p data-start="2731" data-end="3022">उन्होंने दोहराया कि संगठन <strong data-start="2757" data-end="2833">नागा संप्रभुता, क्षेत्रीय एकीकरण, राष्ट्रीय पहचान और फ्रेमवर्क एग्रीमेंट</strong> के मुद्दों पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी कीमत पर इस समझौते को कमजोर नहीं होने देगा। उन्होंने एनएससीएन-आईएम के सभी कैडरों, नागा राजनीतिक समूहों और नागा समाज से एकजुट रहने की अपील की।</p>
<p data-start="3024" data-end="3264">अलग <strong data-start="3028" data-end="3051">नागा राष्ट्रीय ध्वज</strong> और <strong data-start="3055" data-end="3066">संविधान</strong> के मुद्दे पर तुक्कू ने कहा कि इनका समाधान भारत सरकार और एनएससीएन-आईएम के बीच द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से ही होना चाहिए। उनका कहना था कि ये दोनों विषय व्यापक राजनीतिक समाधान का अभिन्न हिस्सा हैं।</p>
<p data-start="3266" data-end="3502">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि व्यवस्था के कुछ तत्व शांति प्रक्रिया को लंबा खींचकर बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार पर तथाकथित "सरोगेट कुकी भाड़े के बलों" को नागाओं के खिलाफ प्रोत्साहित करने का भी आरोप लगाया।</p>
<p data-start="3504" data-end="3799" data-is-last-node="" data-is-only-node="">उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क एग्रीमेंट से दशकों पुराने नागा राजनीतिक विवाद के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी थी। हालांकि, अलग नागा ध्वज और संविधान सहित कई प्रमुख मांगों पर सहमति न बनने के कारण अंतिम शांति समझौता अब तक नहीं हो सका है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर SIR प्रक्रिया में कई खामियां उजागर, विस्थापित मतदाताओं के लिए स्थायी निवास प्रमाणपत्र बना बड़ी चुनौती]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-sir-electoral-roll-flaws-idps-permanent-residence-certificate"><img alt="मणिपुर SIR प्रक्रिया में कई खामियां उजागर, विस्थापित मतदाताओं के लिए स्थायी निवास प्रमाणपत्र बना बड़ी चुनौती" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/many-flaws-detected-in-sir-process.jpg"></a><p>मणिपुर में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान कई खामियां सामने आई हैं। विस्थापित मतदाताओं से स्थायी निवास प्रमाणपत्र मांगे जाने और बंगाली लिपि में मतदाता सूची होने से BLO और BLA को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-sir-electoral-roll-flaws-idps-permanent-residence-certificate]]></link>
      <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 09:20:16 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-sir-electoral-roll-flaws-idps-permanent-residence-certificate</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[मणपर SIR]]></category>
      <category><![CDATA[मतदत सच सशधन]]></category>
      <category><![CDATA[सपशल इटसव रवजन]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर चनव]]></category>
      <category><![CDATA[वसथपत मतदत]]></category>
      <category><![CDATA[सथय नवस परमणपतर]]></category>
      <category><![CDATA[चरचदपर]]></category>
      <category><![CDATA[Meitei IDPs]]></category>
      <category><![CDATA[BLO]]></category>
      <category><![CDATA[BLA]]></category>
      <category><![CDATA[बगल लप]]></category>
      <category><![CDATA[नरवचन आयग]]></category>
      <category><![CDATA[परवततर खबर]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/many-flaws-detected-in-sir-process.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/many-flaws-detected-in-sir-process.jpg">&nbsp;</p>
<p data-start="814" data-end="1162"><strong data-start="814" data-end="838">इंफाल, 3 अगस्त 2026:</strong> मणिपुर में चल रही <strong data-start="857" data-end="889">स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)</strong> के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई खामियां और व्यावहारिक समस्याएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी समस्या लंबे समय से हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों (IDPs) से स्थायी निवास प्रमाणपत्र (Permanent Residential Certificate) प्रस्तुत करने की मांग को लेकर सामने आई है।</p>
<p data-start="1164" data-end="1432">सूत्रों के अनुसार, SIR प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों द्वारा विस्थापित मतदाताओं से संबंधित उपायुक्त (Deputy Commissioner) के कार्यालय से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र जमा करने को कहा जा रहा है, ताकि उनके नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अपडेट किए जा सकें।</p>
<p data-start="1434" data-end="1797">हालांकि, बड़ी संख्या में विस्थापित लोग ऐसे प्रमाणपत्र प्राप्त करने की स्थिति में नहीं हैं। विशेष रूप से <strong data-start="1538" data-end="1584">चुराचांदपुर जिले से विस्थापित मैतेई समुदाय</strong> के लोग सुरक्षा और अन्य कारणों से चुराचांदपुर के उपायुक्त कार्यालय जाकर प्रमाणपत्र लेने में असमर्थ हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि उनसे मांगे जा रहे दस्तावेज़ वर्तमान परिस्थितियों में उपलब्ध कराना लगभग असंभव है।</p>
<p data-start="1799" data-end="1990">गौरतलब है कि हाल ही में सामने आई प्रारूप मतदाता सूची में <strong data-start="1856" data-end="1915">चुराचांदपुर जिले के 727 मैतेई मतदाताओं के नाम हटाए जाने</strong> की जानकारी भी सामने आई थी, जिससे विस्थापित मतदाताओं की चिंता और बढ़ गई है।</p>
<p data-start="1992" data-end="2215">इसके अलावा, SIR प्रक्रिया में एक और बड़ी समस्या भाषा और लिपि से जुड़ी सामने आई है। राज्य में वर्षों पहले <strong data-start="2097" data-end="2135">बंगाली लिपि के स्थान पर मैतेई मयेक</strong> को अपनाया जा चुका है, लेकिन नवीनतम मतदाता सूची अब भी बंगाली लिपि में उपलब्ध है।</p>
<p data-start="2217" data-end="2404">ऐसी स्थिति में कई <strong data-start="2235" data-end="2259">बूथ लेवल ऑफिसर (BLO)</strong> और <strong data-start="2263" data-end="2287">बूथ लेवल एजेंट (BLA)</strong> बंगाली लिपि पढ़ने या लिखने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन कार्य प्रभावित हो रहा है।</p>
<p data-start="2406" data-end="2649" data-is-last-node="" data-is-only-node="">इन व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए प्रभावित लोगों का कहना है कि SIR प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त युवा अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/nasha-mukt-yuva-abhiyan-manipur-university-launch"><img alt="मणिपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त युवा अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/nss-cell-manipur-university-hosts-nasha-mukt-yuva-campaign-launch.jpg"></a><p>मणिपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/nasha-mukt-yuva-abhiyan-manipur-university-launch]]></link>
      <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 03:11:08 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/nasha-mukt-yuva-abhiyan-manipur-university-launch</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[नश मकत यव अभयन]]></category>
      <category><![CDATA[वकसत भरत सकलप अभयन]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर वशववदयलय]]></category>
      <category><![CDATA[NSS मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[वई खमचद सह]]></category>
      <category><![CDATA[नरदर मद]]></category>
      <category><![CDATA[नश मकत मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[यव एव खल मतरलय]]></category>
      <category><![CDATA[एनएसएस सवयसवक]]></category>
      <category><![CDATA[Viksit Bharat 2047]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/nss-cell-manipur-university-hosts-nasha-mukt-yuva-campaign-launch.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/nss-cell-manipur-university-hosts-nasha-mukt-yuva-campaign-launch.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 2 अगस्त 2026:</strong> मणिपुर विश्वविद्यालय, कांचीपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ ने मणिपुर सरकार के राज्य एनएसएस प्रकोष्ठ के सहयोग से रविवार को विश्वविद्यालय के सभागार में &ldquo;नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत &ndash; संकल्प अभियान&rdquo; के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह कार्यक्रम भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवाओं के साथ वर्चुअल संवाद करते हुए अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मणिपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।</p>
<p class="isSelectedEnd">विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मणिपुर विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. लैशराम संतोष सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।</p>
<h2>पौधे को पानी देकर कार्यक्रम की शुरुआत</h2>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा एक पौधे को पानी देने के साथ हुई। यह आयोजन विकास, आशा और सतत भविष्य के प्रतीक के रूप में किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसके बाद एनएसएस गीत और मणिपुर का राज्य गीत प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम में देशभक्ति, अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी का वातावरण बना।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्वागत भाषण देते हुए प्रो. एम. प्रेमजीत सिंह ने अतिथियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने &ldquo;नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत &ndash; संकल्प अभियान&rdquo; के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ, नशा मुक्त और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विद्यार्थियों ने विशेष मणिपुरी सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें मणिपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई गई।</p>
<h2>नशा मुक्त समाज हर नागरिक की जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री</h2>
<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/cm-yumnam-khemchand-in-manipur-university.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने और मणिपुर के भविष्य की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना केवल स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार युवा शक्ति के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने प्रतिभागियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd">मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को &ldquo;नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत &ndash; संकल्प अभियान&rdquo; की शपथ भी दिलाई।</p>
<h2>प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण</h2>
<p class="isSelectedEnd">शपथ ग्रहण के बाद प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संवाद का सीधा प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री ने इसी कार्यक्रम के माध्यम से अभियान का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ किया और देशभर के युवाओं को संबोधित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को समाप्त करने, युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और विनाशकारी आदतों से मुक्त हों।</p>
<h2>नशा विरोधी अभियान के दूत बनें एनएसएस स्वयंसेवक</h2>
<p class="isSelectedEnd">प्रधानमंत्री के वर्चुअल संवाद के बाद मणिपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. आर.के. हेमकुमार सिंह ने अध्यक्षीय भाषण दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की पहल की सराहना करते हुए एनएसएस स्वयंसेवकों से नशा विरोधी आंदोलन के दूत बनने का आह्वान किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों को समुदायों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारी अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में एनएसएस स्वयंसेवकों ने पारंपरिक लाई हराओबा नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने मणिपुर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित करते हुए कार्यक्रम को रंगारंग बनाया।</p>
<h2>1,100 स्वयंसेवकों और युवाओं ने लिया भाग</h2>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लगभग 1,100 एनएसएस स्वयंसेवकों और युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उनकी बड़ी भागीदारी ने नशीले पदार्थों के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम की शुरुआत में एनएसएस स्वयंसेवकों ने अतिथियों को लेंग्यान फी, फूलों के गुलदस्ते और स्मृति चिह्न भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम का समापन प्रो. लैशराम संतोष सिंह द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने मुख्यमंत्री, प्रभारी कुलपति, कुलसचिव, आमंत्रित अतिथियों, अधिकारियों, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों, कलाकारों, मीडिया कर्मियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्रदान करने के लिए भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और मणिपुर सरकार के राज्य एनएसएस प्रकोष्ठ का भी धन्यवाद किया।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में एनएसएस स्वयंसेवकों और युवा प्रतिभागियों ने नशा विरोधी अभियान का समर्थन करने तथा नशा मुक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मणिपुर में सार्वजनिक पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और पेशेवर सुदृढ़ीकरण पर जोर]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-public-libraries-modernisation-panel-discussion"><img alt="मणिपुर में सार्वजनिक पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और पेशेवर सुदृढ़ीकरण पर जोर" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/panel-calls-for-modernisation-of-public-libraries-in-north-east-india.jpg"></a><p>मणिपुर विश्वविद्यालय में आयोजित पैनल चर्चा में सार्वजनिक पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण, कोहा ऑटोमेशन, प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति और मणिपुर सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1988 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-public-libraries-modernisation-panel-discussion]]></link>
      <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 03:04:08 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/manipur-public-libraries-modernisation-panel-discussion</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[मणपर सरवजनक पसतकलय]]></category>
      <category><![CDATA[पसतकलय आधनककरण]]></category>
      <category><![CDATA[रषटरय पसतकलय मशन]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर वशववदयलय]]></category>
      <category><![CDATA[रज रममहन रय पसतकलय फउडशन]]></category>
      <category><![CDATA[KOHA सफटवयर]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर सरवजनक पसतकलय अधनयम 1988]]></category>
      <category><![CDATA[सटट सटरल लइबरर इफल]]></category>
      <category><![CDATA[जल पसतकलय सनपत]]></category>
      <category><![CDATA[लइबरर इटरनशप]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/panel-calls-for-modernisation-of-public-libraries-in-north-east-india.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/aug-2026/panel-calls-for-modernisation-of-public-libraries-in-north-east-india.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 2 अगस्त 2026:</strong> मणिपुर विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में शनिवार को &ldquo;पूर्वोत्तर भारत में पुस्तकालय सेवाओं को बढ़ावा देने में राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन की भूमिका&rdquo; विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ मणिपुर तथा अरुणाचल प्रदेश के सार्वजनिक पुस्तकालय कर्मचारियों ने भाग लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पैनल में मणिपुर विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. च. इबोहल सिंह, तेजपुर विश्वविद्यालय के उप-पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. गौतम कुमार सरमा और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के दीपांजन चटर्जी शामिल थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">चर्चा में राजा राममोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन, राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन, शैक्षणिक संस्थानों और राज्य सरकारों के समन्वित सहयोग से पूर्वोत्तर राज्यों की सार्वजनिक पुस्तकालय व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पैनल ने बताया कि राजा राममोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन विभिन्न विकास योजनाओं के तहत पूर्वोत्तर भारत के सार्वजनिक पुस्तकालयों को 90:10 के वित्तीय अनुपात पर प्रतिवर्ष सहायता प्रदान करता है। मणिपुर में विभिन्न योजनाओं के तहत भेजे जाने वाले प्रस्तावों की जांच राज्य पुस्तकालय योजना समिति करती है, जिसकी अध्यक्षता राज्य सरकार के कला एवं संस्कृति आयुक्त करते हैं।</p>
<h2>इंफाल और सेनापति के पुस्तकालयों को मिली वित्तीय सहायता</h2>
<p class="isSelectedEnd">दीपांजन चटर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन बुनियादी ढांचे के विकास, तकनीकी उन्नयन, डिजिटल सेवाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और पेशेवर क्षमता निर्माण के माध्यम से सार्वजनिक पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण में सहायता कर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी, इंफाल को मिशन के तहत 2.23 करोड़ रुपये और जिला पुस्तकालय, सेनापति को 87 लाख रुपये की सहायता दी गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस सहायता का उपयोग बुनियादी ढांचे में सुधार, तकनीकी उन्नयन, पुस्तकों और अन्य पुस्तकालय संसाधनों की खरीद, दिव्यांगजन के लिए सुविधाओं तथा सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों के लिए किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">पैनल ने कहा कि सार्वजनिक पुस्तकालयों से अब केवल पुस्तकों के संग्रह और वितरण तक सीमित रहने के बजाय ऑटोमेशन, डिजिटल पहुंच, पठन संस्कृति के प्रचार और सामुदायिक सहभागिता जैसी आधुनिक सूचना सेवाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जा रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए बुनियादी ढांचे और वित्तीय सहायता का प्रभावी उपयोग करने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित पुस्तकालय पेशेवरों और निरंतर संस्थागत सहयोग की आवश्यकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">चर्चा में यह भी उल्लेख किया गया कि सार्वजनिक पुस्तकालय संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के अंतर्गत आते हैं। इसलिए पुस्तकालयों की स्थापना, कर्मचारियों की नियुक्ति और दैनिक प्रशासन संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है।</p>
<h2>दो से तीन लाख रुपये में हो सकता है पुस्तकालय का ऑटोमेशन</h2>
<p class="isSelectedEnd">डॉ. गौतम कुमार सरमा ने कहा कि सार्वजनिक पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण अपेक्षाकृत कम निवेश में किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि जिस पुस्तकालय के पास पहले से भवन, पुस्तकें और बिजली की सुविधा उपलब्ध है, उसे ओपन सोर्स कोहा इंटीग्रेटेड लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करके लगभग दो से तीन लाख रुपये की लागत में स्वचालित पुस्तकालय में बदला जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में पहले चयनित सार्वजनिक पुस्तकालयों के ऑटोमेशन के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की जाए। इसके परिणामों के आधार पर बाद में इस मॉडल को पूरे मणिपुर में लागू किया जा सकता है।</p>
<h2>मणिपुर का पुस्तकालय आंदोलन 1927 में हुआ था शुरू</h2>
<p class="isSelectedEnd">Prof Ch Ibohal Singh ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के पुस्तकालय आंदोलन में मणिपुर के अग्रणी योगदान का उल्लेख किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि भारत में सार्वजनिक पुस्तकालय आंदोलन की शुरुआत वर्ष 1907 में हुई थी, जबकि तत्कालीन रियासत मणिपुर में पुस्तकालय आंदोलन वर्ष 1927 में ही आरंभ हो गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि मणिपुर सार्वजनिक पुस्तकालयों के संबंध में कानून बनाने वाले भारत के शुरुआती राज्यों में शामिल था। मणिपुर सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1988 के लंबे समय से लंबित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि पर्याप्त पेशेवर कर्मचारियों और मजबूत संस्थागत व्यवस्था के साथ इस अधिनियम का क्रियान्वयन मणिपुर में सार्वजनिक पुस्तकालय सेवाओं को उल्लेखनीय रूप से मजबूत कर सकता है।</p>
<h2>पुस्तकालय विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप का प्रस्ताव</h2>
<p class="isSelectedEnd">मणिपुर लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. इबोहल सिंह ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार मणिपुर विश्वविद्यालय के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के योग्य स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को मानदेय के आधार पर पुस्तकालय इंटर्न के रूप में नियुक्त करने पर विचार करे।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मणिपुर विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन के माध्यम से इस प्रकार का इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है। केंद्र सरकार के कई संगठनों और विभिन्न राज्यों में ऐसे इंटर्नशिप मॉडल सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि इस पहल से युवा पुस्तकालय पेशेवरों को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। साथ ही सार्वजनिक पुस्तकालयों में लंबित तकनीकी और पेशेवर कार्यों को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">इससे पुस्तकालयों में पहले से उपलब्ध कराए गए बुनियादी ढांचे, तकनीकी उपकरणों और वित्तीय सहायता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">पैनल के सभी सदस्यों ने भारत सरकार, पूर्वोत्तर राज्यों की सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और पुस्तकालय पेशेवरों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि एक मजबूत सार्वजनिक पुस्तकालय नेटवर्क शिक्षा को बढ़ावा देने, पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, ज्ञान का प्रसार करने, पढ़ने की आदत विकसित करने, शोध एवं आजीवन शिक्षा को समर्थन देने और प्रत्येक नागरिक को समावेशी सूचना उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[जब मणिपुर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ही सरकार को दिखाया आईना]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/26-july-2026-manipur-bjp-internal-dissent"><img alt="जब मणिपुर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी ही सरकार को दिखाया आईना" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/srkaar-pr-svaal-utthaane-vaale-bhaajpaa-ke-tiin-netaa.jpg"></a><p>26 जुलाई 2026 को मणिपुर में भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग मंचों से सरकार की कार्यप्रणाली और जनता की समस्याओं पर खुलकर चिंता जताई। क्या यह 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत है? पढ़ें विशेष विश्लेषण।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/26-july-2026-manipur-bjp-internal-dissent]]></link>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 04:03:48 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/26-july-2026-manipur-bjp-internal-dissent</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Manipur BJP internal dissent]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur BJP opinion]]></category>
      <category><![CDATA[Thokchom Satyabrata]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur politics 2027]]></category>
      <category><![CDATA[BJP Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[government]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur conflict]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Assembly Speaker]]></category>
      <category><![CDATA[Leishangthem Susindro]]></category>
      <category><![CDATA[Khurai Yaima]]></category>
      <category><![CDATA[Sapam Kunjakeshwor]]></category>
      <category><![CDATA[Purvottar Khabar]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/srkaar-pr-svaal-utthaane-vaale-bhaajpaa-ke-tiin-netaa.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/srkaar-pr-svaal-utthaane-vaale-bhaajpaa-ke-tiin-netaa.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>26 जुलाई 2026 को अलग-अलग कार्यक्रमों में भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं द्वारा सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल केवल असंतोष नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत भी हैं।</strong></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>26 जुलाई 2026</strong> मणिपुर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज किया जा सकता है। उसी दिन राज्य के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में भारतीय जनता पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली, लोगों की परेशानियों और राज्य की मौजूदा स्थिति पर खुलकर चिंता व्यक्त की। सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि ये आवाज़ें विपक्ष से नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर से उठीं। ऐसे समय में जब 2027 का विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे निकट आ रहा है, इन बयानों को केवल व्यक्तिगत राय मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p>
<p class="isSelectedEnd">एक ही दिन विधानसभा अध्यक्ष <strong>थोकचोम सत्यव्रत</strong>, पूर्व मंत्री <strong>एल. सुशिंद्रो सिंह (याइमा)</strong> और विधायक <strong>सपम कुंजकेश्वर सिंह (केबा)</strong> ने अलग-अलग मंचों से राज्य की स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की। यह संयोग नहीं माना जा सकता। जब सत्ता पक्ष के कई वरिष्ठ नेता लगभग एक जैसी पीड़ा व्यक्त करें, तो उसे राजनीतिक संकेत के रूप में पढ़ा जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन बयानों का राजनीतिक अर्थ भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। जिन नेताओं ने अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से व्यक्त की, वे सभी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हैं। यदि सत्तारूढ़ दल के अनुभवी नेता ही बार-बार जनता की पीड़ा, प्रशासनिक विफलताओं और सामान्य स्थिति की बहाली की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं, तो यह मुख्यमंत्री <strong data-start="578" data-end="600">युमनाम खेमचंद सिंह</strong> के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति उनके असंतोष का संकेत माना जा सकता है। इससे यह धारणा भी बनती है कि सरकार के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच अपेक्षित संवाद और समन्वय कमजोर पड़ा है। दूसरे शब्दों में, ये आवाज़ें विपक्ष की नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर से उठी ऐसी चेतावनियाँ हैं, जो सीधे राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रत का यह कहना कि मैतेई समुदाय उत्तर में सेकमई और दक्षिण में काकचिंग लामखाई से आगे नहीं जा पा रहा है, केवल एक टिप्पणी नहीं है। यह उस वास्तविकता का सार्वजनिक स्वीकार है, जिसे आम लोग पिछले तीन वर्षों से महसूस कर रहे हैं। उनका यह कहना कि महंगी गाड़ियां होने के बावजूद लोग कहीं जा नहीं सकते, सामान्य राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सामान्य जीवन के ठहर जाने का चित्रण है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसी प्रकार पूर्व मंत्री एल. सुशिंद्रो सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार जनता की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य नहीं करती, तो सत्ता में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं विधायक सपम कुंजकेश्वर सिंह ने कहा कि यदि सत्ता जनता के कल्याण के लिए उपयोगी न हो, तो उसका कोई महत्व नहीं रह जाता।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन सभी बयानों का एक साझा संदेश है। जनता की पीड़ा अब केवल विपक्ष का राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गई है। सत्ता पक्ष के भीतर भी यह स्वीकार किया जाने लगा है कि मणिपुर की स्थिति सामान्य नहीं है।</p>
<p class="isSelectedEnd">राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मणिपुर में भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी उसी पार्टी का शासन है। सामान्यतः सत्तारूढ़ दल के विधायक सार्वजनिक मंचों पर सरकार की आलोचना करने से बचते हैं। यदि वे ऐसा कर रहे हैं, तो यह माना जा सकता है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनता की बढ़ती नाराजगी को महसूस कर रहे हैं। जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव निकट आएगा, यह दबाव और बढ़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इसका दूसरा पक्ष भी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल सरकार का बचाव करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना भी है। यदि भाजपा के वरिष्ठ नेता लोगों की कठिनाइयों को सार्वजनिक रूप से उठा रहे हैं, तो इसे लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व के रूप में भी देखा जा सकता है। प्रश्न यह नहीं है कि उन्होंने क्या कहा, बल्कि यह है कि उनके कहने के बाद क्या बदलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न अब दिल्ली के सामने है। क्या भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इन बयानों को गंभीर राजनीतिक संदेश के रूप में लेगा? क्या राज्य में सामान्य आवागमन, सुरक्षा और लोगों के विश्वास की बहाली के लिए नए कदम उठाए जाएंगे? या फिर इन आवाज़ों को केवल स्थानीय असंतोष मानकर अनदेखा कर दिया जाएगा?</p>
<p class="isSelectedEnd">इतिहास बताता है कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का क्षरण होता है। जब सत्ता पक्ष के भीतर से ही चेतावनी के स्वर उठने लगें, तो उन्हें केवल बयानबाज़ी मानना राजनीतिक भूल साबित हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मणिपुर की जनता पिछले तीन वर्षों से शांति, सामान्य जीवन और सुरक्षित आवागमन की प्रतीक्षा कर रही है। भाजपा के अपने वरिष्ठ नेताओं ने अब सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि यह अपेक्षा अभी पूरी नहीं हुई है। 2027 के चुनाव तक यही प्रश्न राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा कि सरकार इन चेतावनी भरी आवाज़ों को सुनती है या नहीं।</p>
<p>यदि <strong>26 जुलाई 2026</strong> को व्यक्त किए गए इन स्पष्ट संदेशों के बाद भी ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, तो यह असंतोष केवल पार्टी के भीतर तक सीमित नहीं रहेगा। लेकिन यदि इन्हें समय रहते आत्ममंथन और नीति सुधार का आधार बनाया जाता है, तो यही दिन मणिपुर में भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ के रूप में भी याद किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[भाजपा सरकार से जनता का भरोसा टूटा, कांग्रेस मजबूत हो रही: मेघचंद्र]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/people-losing-faith-in-bjp-congress-gaining-ground-meghachandra"><img alt="भाजपा सरकार से जनता का भरोसा टूटा, कांग्रेस मजबूत हो रही: मेघचंद्र" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/people-losing-faith-in-bjp-congress-gaining-ground-meghachandra.jpg"></a><p>कांग्रेस विधायक दल के नेता Keisham Meghachandra ने दावा किया कि भाजपा नीत सरकार से जनता का भरोसा टूट रहा है। वांगखेम में करीब 250 लोग कांग्रेस में शामिल हुए।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/people-losing-faith-in-bjp-congress-gaining-ground-meghachandra]]></link>
      <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 03:18:58 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/people-losing-faith-in-bjp-congress-gaining-ground-meghachandra</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[कशम मघचदर]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर कगरस]]></category>
      <category><![CDATA[वगखम वधनसभ कषतर]]></category>
      <category><![CDATA[भजप सरकर मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[कगरस म शमल]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Congress]]></category>
      <category><![CDATA[Keisham Meghachandra]]></category>
      <category><![CDATA[Wangkhem AC]]></category>
      <category><![CDATA[BJP double engine government]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर वधनसभ चनव]]></category>
      <category><![CDATA[कगरस वधयक दल]]></category>
      <category><![CDATA[थबल समचर]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/people-losing-faith-in-bjp-congress-gaining-ground-meghachandra.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/people-losing-faith-in-bjp-congress-gaining-ground-meghachandra.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>थौबल, 26 जुलाई 2026:</strong> वांगखेम विधानसभा क्षेत्र के विधायक और कांग्रेस विधायक दल के नेता Keisham Meghachandra ने आरोप लगाया है कि भाजपा नीत &ldquo;डबल इंजन&rdquo; सरकार ने जनता के कल्याण के लिए आवंटित धन का व्यवस्थित तरीके से दुरुपयोग किया और कल्याणकारी कोष को समाप्त कर दिया, जिसके कारण आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने दावा किया कि मौजूदा स्थिति में सुधार केवल कांग्रेस को सत्ता में वापस लाकर ही किया जा सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">मेघचंद्र वांगखेम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भाजपा, जनता दल यूनाइटेड और नेशनल पीपुल्स पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े करीब 250 लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की।</p>
<p class="isSelectedEnd">कांग्रेस में शामिल हुए नए सदस्यों का पार्टी नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें कांग्रेस के चुनाव चिह्न वाले लेंग्यान पहनाए गए। मेघचंद्र ने नए सदस्यों से एकजुट होकर मणिपुर को बचाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सभा को संबोधित करते हुए मेघचंद्र ने कहा कि एकता को मजबूत करने, शांति स्थापित करने, धार्मिक सद्भाव बनाए रखने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की कांग्रेस की विचारधारा को जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने दावा किया कि केवल वांगखेम विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि मणिपुर के सभी 60 विधानसभा क्षेत्रों में लोग धीरे-धीरे कांग्रेस पर दोबारा भरोसा जता रहे हैं और पार्टी में शामिल हो रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">मेघचंद्र ने कहा कि कांग्रेस के प्रति बढ़ते जनसमर्थन से यह स्पष्ट हो रहा है कि आगामी 13वीं मणिपुर विधानसभा के चुनाव में पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">नए सदस्यों से एकता की भावना के साथ राजनीतिक यात्रा शुरू करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से हिंसा, अशांति और पीड़ा झेल रहे मणिपुर को बचाने के लिए सभी लोगों को एक साथ खड़ा होना होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने राज्य में शांति बहाल करने तथा ऐसा स्थिर और प्रगतिशील मणिपुर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया, जहां सभी समुदायों के लोग शांतिपूर्वक साथ रह सकें।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक दल के नेता और वांगखेम के विधायक केशम मेघचंद्र, उनकी पत्नी केशम रोबिता लेइमा, वांगखेम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अलहाज किरामत अली, वांगखेम महिला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कोंसम कुंजमणि देवी और ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सोरोखैबम कुंजेश्वर उपस्थित थे।</p>
<p>इसके अलावा वांगखेम युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोइरांगथेम रॉबिन्सन, चारंगपत ग्राम पंचायत प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष खुमुकचम प्रेमनाथ, वांगखेम ग्राम पंचायत प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष मोहम्मद यासर अराफात तथा वांगखेम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों से आए स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[RSS ने मणिपुर के कांग उत्सव में 10 हजार श्रद्धालुओं को पिलाया पानी और नींबू शरबत]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-serves-water-lemon-juice-kang-festival-manipur"><img alt="RSS ने मणिपुर के कांग उत्सव में 10 हजार श्रद्धालुओं को पिलाया पानी और नींबू शरबत" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/rss-serves-water-lemon-juice-kang-festival-manipur.jpg"></a><p>मणिपुर में कांग चिंगबा और कांगलेन उत्सव के दौरान RSS, मणिपुर सेवा समिति और सेवा भारती के 75 स्वयंसेवकों ने 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को पेयजल और नींबू शरबत वितरित किया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-serves-water-lemon-juice-kang-festival-manipur]]></link>
      <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 05:15:33 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-serves-water-lemon-juice-kang-festival-manipur</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Kang Festival Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Kang Chingba 2026]]></category>
      <category><![CDATA[Kanglen Festival]]></category>
      <category><![CDATA[RSS Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Seva Bharati Manipur]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur Seva Samiti]]></category>
      <category><![CDATA[Govindajee Temple Imphal]]></category>
      <category><![CDATA[ISKCON Sangaiporou]]></category>
      <category><![CDATA[कग उतसव मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[आरएसएस सव करय]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/rss-serves-water-lemon-juice-kang-festival-manipur.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/rss-serves-water-lemon-juice-kang-festival-manipur.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>इंफाल, 24 जुलाई:</strong> मणिपुर में कांग चिंगबा और कांगलेन उत्सव के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), मणिपुर सेवा समिति और सेवा भारती मणिपुर के स्वयंसेवकों ने सेवा अभियान चलाकर 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को पेयजल और नींबू शरबत वितरित किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह सेवा अभियान राज्य के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों, इंफाल स्थित श्री श्री गोविंदजी मंदिर और सागाइपोरौ स्थित ISKCON मंदिर परिसर में आयोजित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्वयंसेवकों ने 16 जुलाई को आयोजित कांग चिंगबा उत्सव और 24 जुलाई को मनाए गए कांगलेन के दौरान मणिपुर के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और नींबू शरबत की व्यवस्था की।</p>
<p class="isSelectedEnd">RSS प्रचारक लैशराम जात्रा सिंह ने बताया कि कांग चिंगबा और कांगलेन के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना संगठन की वार्षिक परंपरा बन चुकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा, &ldquo;हर वर्ष RSS के स्वयंसेवक कांग चिंगबा और कांगलेन के अवसर पर एकत्र होकर श्रद्धालुओं को पेयजल और नींबू शरबत वितरित करते हैं। इस वर्ष भी सेवा की इस परंपरा को जारी रखा गया।&rdquo;</p>
<p class="isSelectedEnd">जात्रा सिंह ने मणिपुर में कांग चिंगबा और कांगलेन उत्सव शांतिपूर्ण एवं सफल तरीके से संपन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति की वापसी से श्रद्धालु पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक उत्साह और बड़ी संख्या में उत्सव में भाग ले सके।</p>
<p>इस सेवा अभियान में RSS के कुल 75 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और दोनों धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग किया।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कुकी उग्रवादियों ने IED लगाकर चैट्रिक पुल ध्वस्त किया, कामजोंग में सीमावर्ती गांवों का संपर्क टूटा]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/kuki-militants-destroyed-chatric-bridge-using-ied"><img alt="कुकी उग्रवादियों ने IED लगाकर चैट्रिक पुल ध्वस्त किया, कामजोंग में सीमावर्ती गांवों का संपर्क टूटा" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/chatric-bridge-demolished-by-kuki-militants-kamjong.jpg"></a><p>मणिपुर के कामजोंग जिले में कुकी उग्रवादियों ने कथित रूप से IED लगाकर चैट्रिक बेली पुल को ध्वस्त कर दिया, जिससे सीमावर्ती गांवों की संपर्क व्यवस्था बाधित हो गई।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/kuki-militants-destroyed-chatric-bridge-using-ied]]></link>
      <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 04:09:46 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/kuki-militants-destroyed-chatric-bridge-using-ied</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[चटरक पल]]></category>
      <category><![CDATA[कक उगरवद]]></category>
      <category><![CDATA[कमजग]]></category>
      <category><![CDATA[मणपर]]></category>
      <category><![CDATA[IED वसफट]]></category>
      <category><![CDATA[भरत मयमर सम]]></category>
      <category><![CDATA[टगखल नग लग]]></category>
      <category><![CDATA[PMGSY पल]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/chatric-bridge-demolished-by-kuki-militants-kamjong.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/chatric-bridge-demolished-by-kuki-militants-kamjong.jpg"> इंफाल, 22 जुलाई: </strong>मणिपुर के कामजोंग जिले में चैट्रिक-कामजोंग जिला मुख्यालय रोड पर स्थित एक महत्वपूर्ण बेली पुल बुधवार तड़के शक्तिशाली IED विस्फोट में ध्वस्त हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, कुकी उग्रवादियों ने IED का इस्तेमाल कर इस पुल को निशाना बनाया और इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह पुल चैट्रिक क्षेत्र के गांवों को कामजोंग जिला मुख्यालय से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग था। इसके ध्वस्त होने से सीमावर्ती गांवों की सड़क संपर्क व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने पहले 21 जुलाई 2026 की रात करीब 10.30 बजे पुल को उड़ाने का प्रयास किया, लेकिन विस्फोट इतना प्रभावी नहीं था कि पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सके। इसके बाद 22 जुलाई तड़के करीब 2.30 बजे कथित रूप से अधिक शक्तिशाली IED का इस्तेमाल किया गया, जिससे पुल बीच से टूटकर पूरी तरह ध्वस्त हो गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">नंबन नदी पर बना चैट्रिक पुल भारत-म्यांमार सीमा के पास बॉर्डर पिलर संख्या 114 के आसपास स्थित है। यह पुल कामजोंग जिला मुख्यालय और साहमफुंग उपमंडल मुख्यालय को चैट्रिक खुल्लेन और चैट्रिक खुनौ गांवों के रास्ते जोड़ता था।</p>
<p class="isSelectedEnd">रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8.30 बजे पुल के पास खड़ी बीएसएनएल से संबंधित एक बोलेरो जीप को भी आग लगा दी गई। बताया गया है कि वाहन पुल के पास खराब होने के कारण वहीं खड़ा था।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह 130 फुट लंबा बेली पुल वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, PMGSY, के तहत बनाया गया था। पुल के ध्वस्त होने से कामजोंग जिला मुख्यालय और साहमफुंग उपमंडल के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विस्फोट की सूचना मिलने के बाद चसाद पुलिस स्टेशन की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हाल के दिनों में चैट्रिक पुल के आसपास संदिग्ध कुकी उग्रवादियों की ओर से ब्लैंक फायरिंग की आवाज सुनी गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, यह संभवतः स्थानीय लोगों को डराने और क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दिखाने के उद्देश्य से किया गया था।</p>
<p class="isSelectedEnd">सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी वायरल हो रही है, जिसमें कथित रूप से हथियारबंद लोग बेली पुल को ध्वस्त करने के लिए IED तैयार और स्थापित करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस तस्वीर की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">नंबन नदी के दक्षिणी हिस्से में Kultuk और Movailuk नामक दो कुकी गांव स्थित हैं, जो ध्वस्त पुल से लगभग सात किलोमीटर दूर बताए गए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस बीच, टांगखुल नागा लोंग, TNL, की वर्किंग कमेटी, Khanuithot-Khon, चैट्रिक विलेज अथॉरिटी और Tangkhul Naga Zingsho Longphang, TNZL, ने पुल ध्वस्त किए जाने की कड़ी निंदा की है। इन संगठनों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई कुकी नार्को-आतंकवादियों ने Kuki National Army-Burma, KNA-B, की मिलीभगत से की।</p>
<p class="isSelectedEnd">TNL वर्किंग कमेटी ने अपने बयान में कहा कि पुल को जानबूझकर निशाना बनाया गया, जिससे सीमावर्ती गांवों की नागरिक संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। समिति ने दावा किया कि इस घटना में शामिल हथियारबंद तत्व म्यांमार क्षेत्र के अंदर स्थित Kultuh, Phaikoh और Molnoi जैसे कुकी गांवों में डेरा डाले हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से KNA-B और Myanmar आधारित People&rsquo;s Defence Force, PDF, के समर्थन से कुकी समूह कामजोंग जिले के भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">TNL वर्किंग कमेटी ने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि इस लक्षित तोड़फोड़ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और पुल को शीघ्र बहाल किया जाए। समिति ने कहा कि दोषियों को गिरफ्तार कर कानून के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">दूसरी ओर, Khanuithot-Khon ने भी पुल ध्वस्त किए जाने की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह घटना कुकी नार्को-आतंकवादियों द्वारा असम राइफल्स कर्मियों की कथित सहायता से अंजाम दी गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल का प्राथमिक दायित्व नागरिकों के जीवन, सम्मान और मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। आवश्यक सार्वजनिक ढांचे को बिना वैधानिक अनुमति के अनुपयोगी बनाना या हथियारबंद समूहों के साथ कथित मिलीभगत इस जिम्मेदारी के अनुरूप नहीं हो सकती।</p>
<p class="isSelectedEnd">Khanuithot-Khon ने चैट्रिक पुल के विनाश की तत्काल न्यायिक या स्वतंत्र जांच की मांग की है। संगठन ने घटना में शामिल सभी हथियारबंद तत्वों और किसी भी असम राइफल्स कर्मी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग भी की।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने यह भी मांग की कि यदि किसी असम राइफल्स कर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे तत्काल सक्रिय ड्यूटी से निलंबित किया जाए। साथ ही, ध्वस्त पुल की युद्धस्तर पर बहाली की जाए।</p>
<p>Khanuithot-Khon ने कहा कि नागरिक जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की घटना को किसी भी परिस्थिति में सामान्य या उचित नहीं ठहराया जा सकता।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[छात्र संकीर्ण राजनीतिक हितों और राष्ट्रविरोधी साजिशों का औजार नहीं बनेंगे: ABVP]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/abvp-condemns-jantar-mantar-violence-neet-ug-exam-reforms"><img alt="छात्र संकीर्ण राजनीतिक हितों और राष्ट्रविरोधी साजिशों का औजार नहीं बनेंगे: ABVP" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/20260603326F-scaled.jpg"></a><p>ABVP ने नीट यूजी और शिक्षा सुधारों को लेकर जंतर मंतर पर हुई अव्यवस्था और झड़पों की निंदा करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति की मांग की।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/abvp-condemns-jantar-mantar-violence-neet-ug-exam-reforms]]></link>
      <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 03:44:28 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/abvp-condemns-jantar-mantar-violence-neet-ug-exam-reforms</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[ABVP]]></category>
      <category><![CDATA[NEET UG]]></category>
      <category><![CDATA[Jantar Mantar protest]]></category>
      <category><![CDATA[competitive exams]]></category>
      <category><![CDATA[NTA]]></category>
      <category><![CDATA[student movement]]></category>
      <category><![CDATA[परकष सधर]]></category>
      <category><![CDATA[छतर आदलन]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/20260603326F-scaled.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/20260603326F-scaled.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd">नई दिल्ली, 22 जुलाई:: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नीट यूजी और शिक्षा सुधारों को लेकर हाल में जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान अव्यवस्था, सार्वजनिक व्यवधान और हिंसक झड़पों की कड़ी निंदा की है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एबीवीपी ने कहा कि वास्तविक छात्र आंदोलन की आड़ में कुछ राजनीतिक हितों और असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर हिंसा और अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया। संगठन ने इसे सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गंभीर प्रवृत्ति बताया और कहा कि छात्रों की उचित मांगों को हिंसा या राजनीतिक उकसावे के माध्यम से नहीं, बल्कि संवाद और संस्थागत सुधारों के जरिए हल किया जाना चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">एबीवीपी ने घायल छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आशा जताई कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होगी। संगठन ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर समाधान का रास्ता सहानुभूति, संवेदनशीलता और ठोस सुधारों से ही निकलेगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने स्पष्ट किया कि वह नीट यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ शुरू से छात्रों के साथ खड़ा रहा है। एबीवीपी के अनुसार, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उसने सबसे पहले केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की थी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, एनटीए, मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर जवाबदेही तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई थी।</p>
<p class="isSelectedEnd">एबीवीपी ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक वह नीट यूजी से जुड़े मुद्दों पर छात्रों के हित में निरंतर संघर्ष कर रही है। संगठन ने भारत सरकार से मांग की है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने कहा कि यह समिति समयबद्ध और ठोस सिफारिशें प्रस्तुत करे, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय, जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जा सके।</p>
<p class="isSelectedEnd">एबीवीपी का कहना है कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं और न्यायसंगत मांगों का उपयोग संकीर्ण राजनीतिक हितों, राष्ट्रविरोधी एजेंडे या देश में अस्थिरता, संघर्ष और अराजकता का वातावरण बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे प्रयास भारत की आंतरिक स्थिरता, अखंडता, संप्रभुता और सामाजिक सद्भाव को कमजोर करने की कोशिश करने वाली शक्तियों को बल देते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">एबीवीपी ने कहा कि भारत का छात्र समुदाय जागरूक, राष्ट्रवादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। वह स्वयं को राजनीतिक भ्रम, बाहरी प्रभाव या राष्ट्रविरोधी साजिशों का माध्यम नहीं बनने देगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">संगठन ने छात्रों, युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षाविदों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे छात्र मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। एबीवीपी ने कहा कि छात्र मुद्दों को राजनीतिक हेरफेर और उकसावे से दूर रखा जाना चाहिए तथा राष्ट्रविरोधी साजिशों के प्रति सतर्क रहना आवश्यक है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि नीट यूजी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं ने देशभर के लाखों छात्रों के मन में गंभीर चिंता पैदा की है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी इन न्यायसंगत मुद्दों पर शुरू से छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd">डॉ. सोलंकी ने कहा कि छात्रों की उचित मांगों को संकीर्ण राजनीतिक हितों की ओर मोड़ने का कोई भी प्रयास छात्र कल्याण के साथ गंभीर अन्याय है। छात्र शक्ति का उपयोग राजनीतिक एजेंडा चलाने या भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव के विरुद्ध काम करने वाली शक्तियों के हित में नहीं होने दिया जा सकता।</p>
<p>उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान केवल सार्थक संवाद, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधारों से होना चाहिए। एबीवीपी ने केंद्र सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और आवश्यक संस्थागत सुधारों की समग्र समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग दोहराई, ताकि परीक्षा प्रणाली में विश्वसनीयता और जवाबदेही बहाल की जा सके।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[छह साल बाद फिर खुला Pangsau Pass Border Haat, India-Myanmar व्यापार को बढ़ावा]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/pangsau-pass-border-haat-reopens-arunachal-india-myanmar-trade"><img alt="छह साल बाद फिर खुला Pangsau Pass Border Haat, India-Myanmar व्यापार को बढ़ावा" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/pangsau-pass-haat-opens-after-6-years.jpg"></a><p>Arunachal Pradesh के Nampong स्थित ऐतिहासिक Pangsau Pass Border Haat छह साल बाद 20 जुलाई 2026 को फिर खुल गया। बाजार अब हर महीने की 10, 20 और 30 तारीख को संचालित होगा।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/pangsau-pass-border-haat-reopens-arunachal-india-myanmar-trade]]></link>
      <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:47:51 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/pangsau-pass-border-haat-reopens-arunachal-india-myanmar-trade</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Pangsau Pass Border Haat]]></category>
      <category><![CDATA[Nampong Border Haat]]></category>
      <category><![CDATA[Arunachal Pradesh Myanmar trade]]></category>
      <category><![CDATA[India Myanmar border trade]]></category>
      <category><![CDATA[Changlang district news]]></category>
      <category><![CDATA[Pangsau Pass market]]></category>
      <category><![CDATA[Lake of No Return]]></category>
      <category><![CDATA[border tourism Arunachal Pradesh]]></category>
      <category><![CDATA[भरत मयमर सम वयपर]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/pangsau-pass-haat-opens-after-6-years.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/pangsau-pass-haat-opens-after-6-years.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>Itanagar, 20 जुलाई 2026:</strong> Arunachal Pradesh के Changlang जिले के Nampong में स्थित ऐतिहासिक Pangsau Pass Border Haat ने छह वर्षों के अंतराल के बाद सोमवार को फिर से अपना संचालन शुरू कर दिया। सीमा बाजार का दोबारा खुलना India और Myanmar के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">Pangsau Pass Border Haat को 20 जुलाई 2026 को दोबारा खोला गया। अधिकारियों के अनुसार अब यह बाजार प्रत्येक महीने की 10, 20 और 30 तारीख को संचालित होगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">सीमा बाजार के फिर शुरू होने से स्थानीय व्यापार को गति मिलने के साथ ही सीमावर्ती पर्यटन, सांस्कृतिक आदान प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच पारंपरिक संपर्क बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह बाजार अंतरराष्ट्रीय सीमा के Myanmar की ओर स्थित Pangsau गांव में लगता है, जो Arunachal Pradesh के Nampong के ठीक सामने है। यह क्षेत्र लंबे समय से दोनों देशों के सीमावर्ती समुदायों के बीच व्यापार और सामाजिक संपर्क का केंद्र रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाजार में आने वाले लोग Myanmar और Southeast Asia से जुड़े विभिन्न प्रकार के उत्पाद खरीद सकते हैं। इनमें पारंपरिक हस्तशिल्प, कपड़े, jade से बनी वस्तुएं, जातीय खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">निर्धारित &lsquo;India Days&rsquo; पर भारतीय नागरिक आवश्यक Protected Area Permit यानी PAP अथवा अन्य स्थानीय अनुमति के साथ सीमा पार कर बाजार जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">वहीं शुक्रवार को &lsquo;Burma Day&rsquo; के रूप में जाना जाता है। इस दिन Myanmar के सीमावर्ती गांवों के लोग खरीदारी के लिए Nampong की भारतीय सीमा में प्रवेश करते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">Pangsau Pass बाजार के फिर से शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी नया जीवन मिलने की संभावना है। यह इलाका ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई स्थलों के लिए जाना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध Lake of No Return है, जो Myanmar की सीमा के भीतर लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह झील द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े अपने इतिहास के कारण पर्यटकों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के बीच प्रसिद्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्थानीय अधिकारियों ने Pangsau Pass Border Haat के संचालन की बहाली का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे सीमावर्ती गांवों के निवासियों, छोटे व्यापारियों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादकों के लिए आय और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">बाजार के फिर खुलने से स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों, पारंपरिक वस्तुओं और खाद्य सामग्री की बिक्री भी बढ़ने की उम्मीद है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि Border Haat दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा। यह सीमावर्ती समुदायों के बीच विश्वास, आपसी निर्भरता और लोगों से लोगों के संपर्क को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</p>
<p>छह वर्षों के बाद Pangsau Pass Border Haat का फिर खुलना स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसरों की वापसी के साथ साथ India-Myanmar सीमा पर सामान्य व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों की बहाली का भी प्रतीक माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Nagaland के Noklak में 3,500 साल पुराने मानव निवास के प्रमाण मिले]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/nagaland-noklak-prehistoric-human-settlement-caves-discovery"><img alt="Nagaland के Noklak में 3,500 साल पुराने मानव निवास के प्रमाण मिले" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/nagaland-noklak-caves.jpg"></a><p>Nagaland के Noklak जिले में पुरातत्वविदों ने गुफाओं और शैलाश्रयों में करीब 3,500 साल पुराने मानव निवास के प्रमाण खोजे हैं। खुदाई में मिट्टी के बर्तन, पत्थर के औजार, अनाज और पशुओं के अवशेष मिले।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/nagaland-noklak-prehistoric-human-settlement-caves-discovery]]></link>
      <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 14:29:49 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/nagaland-noklak-prehistoric-human-settlement-caves-discovery</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Nagaland archaeology discovery]]></category>
      <category><![CDATA[Noklak prehistoric caves]]></category>
      <category><![CDATA[Naga Hills Ophiolite Belt]]></category>
      <category><![CDATA[Chiphur caves]]></category>
      <category><![CDATA[Leilo Kaa rockshelter]]></category>
      <category><![CDATA[Kathso Kaa cave]]></category>
      <category><![CDATA[prehistoric human settlement]]></category>
      <category><![CDATA[Nagaland University]]></category>
      <category><![CDATA[ancient human migration Northeast India]]></category>
      <category><![CDATA[नगलड परततवक खज]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/nagaland-noklak-caves.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/nagaland-noklak-caves.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>Kohima, 20 July:</strong> पुरातत्वविदों की एक टीम ने Nagaland के Noklak जिले में स्थित Naga Hills Ophiolite Belt की गुफाओं और शैलाश्रयों में प्रागैतिहासिक मानव निवास के महत्वपूर्ण प्रमाण खोजे हैं। इस खोज को Nagaland के प्राचीन इतिहास को समझने की दिशा में एक बड़ी पुरातात्विक सफलता माना जा रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह खोज मार्च में किए गए एक प्रारंभिक पुरातात्विक अभियान के दौरान हुई। अभियान का संचालन Nagaland University के Department of History and Archaeology तथा Nagaland सरकार के Department of Art and Culture की संयुक्त टीम ने किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">अनुसंधान दल में Prof. Tiatoshi Jamir, Dr. Heme Lamthaiu, Dr. Limasanen Longkumer, Archaeological Research Officer Khumeng T., Robinson Huidrom और Delhi University की Victoria Leyri शामिल थीं।</p>
<p class="isSelectedEnd">Chiphur Village Council के सहयोग से टीम ने Chiphur क्षेत्र के चूना पत्थर वाले कार्स्ट भूभाग में व्यापक सर्वेक्षण किया। इस दौरान पांच गुफाओं और चार शैलाश्रयों की पहचान की गई। इनमें से कई स्थलों पर इससे पहले कोई व्यवस्थित पुरातात्विक अध्ययन नहीं हुआ था।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऊंचाई वाले इन पुरातात्विक स्थलों पर की गई खुदाई में कई प्रागैतिहासिक वस्तुएं बरामद हुईं। इनमें रस्सी की छाप वाले मिट्टी के बर्तन, घिसे और तराशे गए पत्थर के औजार, प्राचीन चूल्हों के अवशेष और जले हुए अनाज के दाने शामिल हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">खुदाई में foxtail millet, जिसका वैज्ञानिक नाम <em>Setaria italica</em> है, और Job&rsquo;s tears अर्थात <em>Coix</em> प्रजाति के अनाज के कार्बनीकृत अवशेष भी मिले। इसके अलावा जंगली पशुओं की हड्डियां और अन्य अवशेष बरामद हुए हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">शोधकर्ताओं के अनुसार ये वस्तुएं क्षेत्र में रहने वाले शुरुआती मानव समुदायों के भोजन, कृषि, शिकार, औजार निर्माण और दैनिक जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">बरामद नमूनों की वैज्ञानिक आयु निर्धारित करने के लिए अमेरिका के Florida स्थित Beta Analytic Laboratory में Accelerator Mass Spectrometry यानी AMS तकनीक से परीक्षण कराया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैज्ञानिक जांच से पता चला कि Leilo Kaa शैलाश्रय करीब 3,500 वर्ष पुराना है। वहीं Kathso Kaa गुफा में लगभग 1,000 वर्ष पहले मानव निवास होने के प्रमाण मिले हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन परिणामों से संकेत मिलता है कि क्षेत्र की गुफाओं और शैलाश्रयों का उपयोग प्रागैतिहासिक काल से लेकर ऐतिहासिक काल तक अलग अलग समय में मानव समुदायों द्वारा किया जाता रहा।</p>
<p class="isSelectedEnd">शोधकर्ताओं ने कहा कि यह खोज उस लंबे समय से प्रचलित अवधारणा को और मजबूत करती है कि Northeast India प्राचीन मानव प्रवासन का एक महत्वपूर्ण मार्ग था।</p>
<p class="isSelectedEnd">Indo-Myanmar पर्वतीय क्षेत्र में स्थित Naga Hills Ophiolite Belt और उसके निकटवर्ती Naga Metamorphic Complex को पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इन क्षेत्रों में आगे होने वाले वैज्ञानिक अध्ययनों से प्रागैतिहासिक मानव प्रवासन, प्रारंभिक कृषि, मिट्टी के बर्तन बनाने की तकनीक, पत्थर के औजारों की परंपरा, दफन संस्कार और सांस्कृतिक विकास के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह खोज Nagaland के पुरातात्विक अभिलेख को समृद्ध करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य में अब तक गुफाओं और शैलाश्रयों की वैज्ञानिक खुदाई सीमित स्तर पर ही हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">खुदाई में प्राप्त वस्तुओं को आम लोगों के सामने प्रस्तुत करने के लिए Nagaland सरकार के Department of Art and Culture के State Museum और Nagaland University ने इस वर्ष अक्टूबर में एक सार्वजनिक प्रदर्शनी आयोजित करने की योजना बनाई है।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रदर्शनी में खुदाई से प्राप्त मिट्टी के बर्तन, पत्थर के औजार, अनाज के अवशेष और अन्य पुरातात्विक वस्तुएं प्रदर्शित किए जाने की संभावना है।</p>
<p>यह प्रदर्शनी दर्शकों को हजारों वर्ष पहले Naga Hills में रहने वाले शुरुआती मानव समुदायों के जीवन, भोजन, तकनीक और सांस्कृतिक परंपराओं की दुर्लभ झलक प्रदान करेगी।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Manipuri फिल्म ‘Sunita’ ने जीता 72वां National Film Award 2024]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/manipuri-film-sunita-wins-72nd-national-film-award-2024"><img alt="Manipuri फिल्म ‘Sunita’ ने जीता 72वां National Film Award 2024" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/national-award-winning-manipuri-film-sunita.jpg"></a><p>Yumnam Ajit Singh निर्देशित Manipuri फिल्म ‘Sunita’ ने 72वें National Film Awards में Best Feature Film in Manipuri का सम्मान जीतकर Manipur को गौरवान्वित किया।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/manipuri-film-sunita-wins-72nd-national-film-award-2024]]></link>
      <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 11:34:03 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/manipuri-film-sunita-wins-72nd-national-film-award-2024</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[Sunita Manipuri film]]></category>
      <category><![CDATA[72nd National Film Awards]]></category>
      <category><![CDATA[Best Manipuri Film]]></category>
      <category><![CDATA[Yumnam Ajit Singh]]></category>
      <category><![CDATA[Narmada Sougaijam]]></category>
      <category><![CDATA[Manipuri cinema]]></category>
      <category><![CDATA[Moirangthem Sunita]]></category>
      <category><![CDATA[National Film Award 2024]]></category>
      <category><![CDATA[Manipur news]]></category>
      <category><![CDATA[Imphal news]]></category>
      <category><![CDATA[Skyline Pictures]]></category>
      <category><![CDATA[Khuman Lampak Pictures]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/national-award-winning-manipuri-film-sunita.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd"><strong><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/national-award-winning-manipuri-film-sunita.jpg"> Imphal, 18 जुलाई 2026:</strong> Manipuri सिनेमा ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। Manipuri फीचर फिल्म <strong>&lsquo;Sunita&rsquo;</strong> को 72वें National Film Awards में <strong>Best Feature Film in Manipuri</strong> के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2024 के लिए 72वें National Film Awards के विजेताओं की घोषणा शनिवार को की गई। इन पुरस्कारों में फीचर फिल्मों, गैर फीचर फिल्मों और सिनेमा पर लेखन के क्षेत्र में भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd">Regional Film Category के अंतर्गत &lsquo;Sunita&rsquo; को सर्वश्रेष्ठ Manipuri फीचर फिल्म चुना गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान वर्ष 2024 में प्रमाणित श्रेष्ठ क्षेत्रीय फिल्मों को दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस उपलब्धि ने Manipuri सिनेमा की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद Manipuri फिल्मों ने अपनी प्रभावशाली कहानियों, सामाजिक विषयों और कलात्मक प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय सिनेमा में एक अलग स्थान बनाया है।</p>
<h2>दृष्टिबाधित महिला के संघर्ष की कहानी</h2>
<p class="isSelectedEnd">Yumnam Ajit Singh द्वारा निर्देशित &lsquo;Sunita&rsquo; Moirangthem Sunita के जीवन और संघर्ष पर आधारित है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कम उम्र में अपनी आंखों की रोशनी खो देने वाली Sunita शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आत्मनिर्भर जीवन बनाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष करती हैं। फिल्म में अभिनेत्री <strong>Narmada Sougaijam</strong> ने Sunita की मुख्य भूमिका निभाई है और उनके संघर्ष, साहस तथा आत्मनिर्भर बनने की यात्रा को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर प्रस्तुत किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म उनके जीवन की कठिनाइयों, सामाजिक बाधाओं और आत्मनिर्भर बनने की यात्रा को संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करती है। यह फिल्म दृष्टिबाधित लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों के साथ उनकी क्षमता, सम्मान और स्वतंत्र जीवन जीने की आकांक्षा को भी सामने लाती है।</p>
<h2>Manipuri सिनेमा के लिए गौरवपूर्ण क्षण</h2>
<p class="isSelectedEnd">National Film Awards को भारतीय सिनेमा में उत्कृष्टता के लिए देश का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। किसी फिल्म निर्माता, कलाकार या तकनीकी विशेषज्ञ के लिए National Award जीतना सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">ऐसे में &lsquo;Sunita&rsquo; की जीत केवल फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे Manipur और Manipuri सिनेमा के लिए गौरवपूर्ण क्षण है।</p>
<p class="isSelectedEnd">यह पुरस्कार देश के सामने Manipuri सिनेमा की रचनात्मक क्षमता, विषयों की विविधता और कलात्मक गुणवत्ता को भी रेखांकित करता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">वर्ष 2024 में प्रमाणित Manipuri फिल्मों को हाल के वर्षों की सबसे मजबूत और महत्वाकांक्षी फिल्मों में शामिल माना जा रहा है। एक ही वर्ष में कई गुणवत्तापूर्ण और कलात्मक फिल्में सामने आना Manipuri फिल्म उद्योग के लिए उत्साहजनक संकेत है।</p>
<p class="isSelectedEnd">&lsquo;Sunita&rsquo; ने अंततः Best Feature Film in Manipuri का पुरस्कार जीता, लेकिन यह वर्ष Manipuri सिनेमा में नए विषयों, प्रयोगों और मजबूत कहानी कहने की परंपरा के लिए भी याद किया जाएगा।</p>
<h2>चार संस्थाओं ने किया फिल्म का निर्माण</h2>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म का निर्देशन Yumnam Ajit Singh ने किया है। इसका निर्माण <strong>Skyline Pictures, Khuman Lampak Pictures, HM Production और Cultural Society Khuman Maheikol Production</strong> ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">फिल्म के निर्माण में शामिल कलाकारों और तकनीकी दल ने Sunita के वास्तविक जीवन के संघर्ष और उनके आत्मविश्वास को पर्दे पर प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">72वें National Film Awards के विजेताओं की घोषणा Feature Film Jury के अध्यक्ष Jayaraj, Non Feature Film Jury के अध्यक्ष Aseem Sinha और Best Writing on Cinema Jury के अध्यक्ष A Chandrasekhar ने की।</p>
<p class="isSelectedEnd">इस अवसर पर Joint Secretary Films Dr Ajay Nagabhushan M N और Press Information Bureau के Principal Director General Dhirendra Ojha भी उपस्थित थे।</p>
<p>&lsquo;Sunita&rsquo; की राष्ट्रीय सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि Manipuri सिनेमा अपनी स्थानीय कहानियों, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों के बल पर राष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।</p>]]></content:encoded>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Thoubal में RSS का सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम, एकता और भाईचारे का आह्वान]]></title>
      <description><![CDATA[<a href="https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-samajik-sadbhav-programme-thoubal-unity-social-harmony"><img alt="Thoubal में RSS का सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम, एकता और भाईचारे का आह्वान" border="0" src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/rss-thoubal-jilla-organised-samajik-sadbhav.jpg"></a><p>RSS Thoubal Jilla ने Khangabok में सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम आयोजित कर जाति, धर्म, भाषा और समुदाय से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता की अपील की।</p>]]></description>
      <link><![CDATA[https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-samajik-sadbhav-programme-thoubal-unity-social-harmony]]></link>
      <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:06:14 GMT</pubDate>
      <guid isPermaLink="true">https://www.purvottarkhabar.in/news/rss-samajik-sadbhav-programme-thoubal-unity-social-harmony</guid>
      <dc:creator><![CDATA[Naorem Mohen]]></dc:creator>
      <category><![CDATA[RSS Thoubal]]></category>
      <category><![CDATA[Samajik Sadbhav Programme]]></category>
      <category><![CDATA[समजक सदभव]]></category>
      <category><![CDATA[Khangabok]]></category>
      <category><![CDATA[Laishram Jatra Singh]]></category>
      <category><![CDATA[Mahabir Laishram]]></category>
      <category><![CDATA[RSS Manipur Prant]]></category>
      <category><![CDATA[national integration]]></category>
      <category><![CDATA[social harmony]]></category>
      <category><![CDATA[Thoubal news]]></category>
      <media:content xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" url="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/rss-thoubal-jilla-organised-samajik-sadbhav.jpg" medium="image" width="1200" height="675" />
      <content:encoded><![CDATA[<p><img src="https://www.purvottarkhabar.in/view/july-2026/rss-thoubal-jilla-organised-samajik-sadbhav.jpg">&nbsp;</p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>थौबल, 18 जुलाई 2026:</strong> Rashtriya Swayamsevak Sangh के शताब्दी समारोह के तहत RSS Thoubal Jilla ने शनिवार को Khangabok Awang Maning Bazar स्थित Parikshit Mandap में सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम का आयोजन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS Manipur Prant के Karyakarni Sadasya Laishram Jatra Singh ने कहा कि इतिहास में जब भी समाज ने अहंकार, अन्याय और विभाजनकारी शक्तियों से उत्पन्न चुनौतियों का सामना किया, तब विद्वानों, संतों और आध्यात्मिक नेताओं ने लोगों को एकता तथा धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियां और असामाजिक तत्व इतिहास के विभिन्न दौर में सामने आते रहे हैं, लेकिन दूरदर्शी नेतृत्व ने हमेशा लोगों को एकजुट कर देश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की रक्षा की।</p>
<p class="isSelectedEnd">Laishram Jatra Singh ने लोगों से जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र और समुदाय के आधार पर मौजूद मतभेदों से ऊपर उठने की अपील की।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को मातृभूमि के कल्याण के लिए मिलकर काम करना चाहिए और Bharat की समृद्ध सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd">देश के सनातन मूल्यों पर जोर देते हुए उन्होंने समाज से सामूहिक प्रयास के माध्यम से Bharat को फिर से Vishva Guru के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में RSS Manipur Prant के Karyakarni Sadasya और Samajik Sadbhav Pramukh Mahabir Laishram ने कहा कि Sadbhav Baithak Rashtriya Swayamsevak Sangh की एक पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न समुदायों और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच संवाद, सद्भावना तथा सार्थक सहभागिता को बढ़ावा देना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों, व्यवसायों और सामाजिक समूहों के लोगों के बीच आपसी बातचीत बढ़ाकर सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक समझ को मजबूत करना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि इस पहल के माध्यम से महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर चर्चा, सामुदायिक सेवा गतिविधियों में अधिक भागीदारी और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रचनात्मक संबंध स्थापित करने का प्रयास किया जाता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के नेताओं, शिक्षाविदों, धार्मिक व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना भी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">कार्यक्रम में प्रमुख नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समुदाय के प्रतिनिधियों और RSS volunteers ने भाग लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सेवानिवृत्त Inspector तथा State और National Awardee Laishram Tomba Khuman भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और सभा को संबोधित किया।</p>
<p>कार्यक्रम का समापन सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को मजबूत करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।</p>]]></content:encoded>
    </item>
  </channel>
</rss>
